रामजन्मभूमि पुनरुद्धार समिति के वकील ने कहा-दूसरे धर्म के पूजास्थल को गिराकर बनी इमारत शरीयत के हिसाब से मस्ज़िद नहीं हो सकती'
By स्वाति सिंह | Updated: August 29, 2019 16:06 IST2019-08-29T11:12:56+5:302019-08-29T16:06:24+5:30
एक हिंदू संस्था ने बुधवार को उच्चतम न्यायालय के समक्ष दावा किया कि मुगल बादशाह बाबर न तो अयोध्या गया था और और न ही विवादित राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद स्थल पर 1528 में मस्जिद बनाने के लिए मंदिर को ध्वस्त करने का आदेश दिया था।

न्यायमूर्ति एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर भी इस पीठ में शामिल हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले में गुरुवार को 15वें दिन सुनवाई आरंभ की। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अगुवाई वाली पांच सदस्यीय पीठ के समक्ष दलीलें आरंभ कीं। न्यायमूर्ति एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर भी इस पीठ में शामिल हैं। एक हिंदू संस्था ने बुधवार को उच्चतम न्यायालय के समक्ष दावा किया कि मुगल बादशाह बाबर न तो अयोध्या गया था और और न ही विवादित राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद स्थल पर 1528 में मस्जिद बनाने के लिए मंदिर को ध्वस्त करने का आदेश दिया था। एक मुस्लिम पार्टी द्वारा दायर मुकदमे में प्रतिवादी अखिल भारतीय श्री राम जन्म भूमि पुनरुद्धार समिति ने प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ के समक्ष बाबरनामा, हुमायूंनामा, अकबरनामा और तुजुक-ए-जहांगीरी जैसी ऐतिहासिक पुस्तकों का उल्लेख किया।
29 Aug, 19 : 02:16 PM
जन्मस्थल मंदिर नहीं हो सकता: रामजन्मभूमि पुनरुद्धार समिति के वकील
रामजन्मभूमि पुनरुद्धार समिति के वकील पीएन मिश्रा ने कहा-दूसरे धर्म के पूजास्थल को गिराकर बनी इमारत शरीयत के हिसाब से मस्ज़िद नहीं हो सकती।
29 Aug, 19 : 11:14 AM
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू
Supreme Court's five-judge Constitution bench, headed by Chief Justice of India (CJI) Ranjan Gogoi, has started hearing Ayodhya Ram Temple and Babri Masjid land (Title) dispute case. Today is 15th day of hearing in the case. pic.twitter.com/21WfllqX1J
— ANI (@ANI) August 29, 2019