-सचिन मल्होत्रा, ज्योतिषशास्त्री

1 नवंबर 2000 को केंद्र की वाजपेयी सरकार के प्रयासों से मध्यप्रदेश से अलग होकर ‘छत्तीसगढ़’ राज्य का निर्माण हुआ। उस समय समूचे मध्यप्रदेश में कांग्रेस की ही सरकार थी और उसके अधिक विधायक थे तो छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री भी कांग्रेस के नेता अजित जोगी को बनाया गया। कांग्रेस के दिग्विजय सिंह उस समय मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री के रूप में 1993 से कुर्सी पर विराजमान थे।

बिजली, सड़क और बेरोजगारी की समस्या से जूझ रहे इन दोनों राज्यों ने 2003 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को चुना और कांग्रेस के हाथों से सत्ता निकलकर भाजपा के हाथों में आ गई और बीते 15 वर्षों से कांग्रेस इन दोनों राज्यों में वापसी की कोशिश कर रही है।

अब जबकि धनु राशि में गोचर कर रहे शनि मध्यप्रदेश की कुंडली में ‘ढैय्या’ और छत्तीसगढ़ की कुंडली में ‘साढ़ेसती’ का प्रभाव लेकर चल रहे हैं तो ऐसे में इस बात की आशंका दिख रही है कि इन दोनों राज्यों में शनि महाराज सत्ता परिवर्तन करवा सकते हैं।

मध्यप्रदेश की कुंडली में शनि

मध्यप्रदेश की कुंडली 1 नवंबर 1956 मध्य रात्रि भोपाल की है जहां कर्क लग्न उदय हो रहा है। इस राज्य की राशि कन्या है। धनु राशि में गोचर कर रहे शनि कन्या से चतुर्थ भाव में होकर ‘कंटक-शनि’ के गोचर का निर्माण कर रहे हैं जो मेदिनी ज्योतिष के अनुसार सत्ता परिवर्तन का योग है। मध्य प्रदेश की कर्क लग्न की कुंडली में पिछले सितंबर महीने से द्वादश स्थान यानी (हानि स्थान) के स्वामी बुध की महादशा शुरू हो चुकी है जिससे सत्ता परिवर्तन का योग बन रहा है।

शिवराज सिंह की कुंडली क्या कहती है

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, जिनका जन्म 5 मार्च 1959 को हुआ था, उनकी जन्म राशि मकर से द्वादश (हानि स्थान) में गोचर कर रहे शनि उनको ‘साढ़ेसती’ के प्रभाव में लिए हुए हैं। वृषभ लग्न की शिवराज सिंह चौहान की कुंडली में अष्टम भाव में बैठे शनि की महादशा में नीच के बुध की अन्तर्दशा चल रही हैं जो उनके शानदार राजनीतिक करियर में अब एक बड़े नुकसान का ज्योतिषीय योग बना रही है। इस बात की आशंका है कि ‘साढ़ेसती’ और अष्टम शनि की महादशा में शिवराज सिंह चौहान को अब विपक्ष में बैठना पड़ सकता है।

ज्योतिरादित्य सिंधिया की कुंडली शुभ, मजबूत नहीं

मध्यप्रदेश के युवा कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया का जन्म 1 जनवरी 1971 को सुबह 9 बजकर 40 मिनट पर मुंबई में हुआ था। मकर लग्न की उनकी कुंडली में शनि में राहु की कठिन दशा चल रही है। हलांकि शनि चतुर्थ भाव में मंगल से दृष्ट होकर शुभ ‘नीच-भंग-राजयोग’ बना रहे हैं तो राहु उनकी कुंडली में धन स्थान में चन्द्रमा के साथ हैं जिससे केंद्र में गुरु और शुक्र जैसे शुभ ग्रह बैठे हैं। शनि नवांश में उच्च के होकर राहु के साथ हैं। लेकिन केवल इन योगों से मुख्यमंत्री बन पाना कठिन है।

कमलनाथ की कुंडली में दमदार योग

18 नवंबर 1946 को मीन लग्न में जन्मे कांग्रेस के नेता कमलनाथ भी मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री पद के बड़े दावेदार हैं। शनि में गुरु की शुभ दशा में चल रहे कमलनाथ की कुंडली के अच्छे राजयोग उनको इस बार मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचा सकते हैं। कमलनाथ की कुंडली के भाग्य स्थान (नवम भाव) में बन रहे मंगल, सूर्य, बुध और शुक्र के योग ने उनको बेहद कम आयु में केंद्रीय मंत्री बनवाया और अब यह योग उनको मुख्यमंत्री के पद तक भी पंहुचा सकता है।

छत्तीसगढ़ की सत्ता किसके पास

छत्तीसगढ़ राज्य की कुंडली 1 नवंबर 2000 को मध्य रात्रि में रायपुर की है जहां कर्क लग्न और धनु राशि का प्रभाव है। धनु राशि में इन दिनों शनि महाराज चल रहे हैं जो सत्ता परिवर्तन का योग बना रहे हैं। जबकि कर्क लग्न की छत्तीसगढ़ राज्य की कुंडली में शुक्र में शनि की परिवर्तनकारी विंशोत्तरी दशा चल रही है। शुक्र लग्न से पंचम और चंद्र से द्वादश भाव में स्थित हैं तो अन्तर्दशानाथ शनि लग्न से अष्टमेश होकर इसी बात की ओर संकेत दे रहे हैं।

(नोटः यह भविष्यवाणी ज्योतिषी की अपनी गणना पर आधारित है।)


Web Title: Assembly Election 2018: Astrologer says Shivraj Singh Chauhan and Raman Singh Govt will not continue
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