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कश्मीर फिलहाल सीलबंद, करगिल में भी लगाई गई धारा 144, जम्मू संभाग में अघोषित कर्फ्यू के बीच खुलते-बंद होते रहे बाजार

By सुरेश डुग्गर | Updated: August 8, 2019 19:28 IST

कश्मीर में तकरीबन एक हजार राजनीतिक नेताओं व कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। अब जम्मू में भी अलग जम्मू राज्य की मांग प्रबल होने लगी है। कई राजनीतिज्ञों ने इस मांग को लेकर प्रदर्शन किए तो उन्हें घरों में नजरबंद कर दिया गया। 

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ठळक मुद्देकश्मीर फिलहाल सीलबंद है। अघोषित और घोषित कर्फ्यू के बीच फिलहाल लोगों को घरों से बाहर नहीं निकले दिया जा रहा है। कुछ एक इलाकों से झड़पों के समाचार प्राप्त हुए हैं पर उनकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई। इस बीच करगिल के गर्माते माहौल को देखते हुए वहां भी धारा 144 लागू कर दी गई।

कश्मीर फिलहाल सीलबंद है। अघोषित और घोषित कर्फ्यू के बीच फिलहाल लोगों को घरों से बाहर नहीं निकले दिया जा रहा है। कुछ एक इलाकों से झड़पों के समाचार प्राप्त हुए हैं पर उनकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई। इस बीच करगिल के गर्माते माहौल को देखते हुए वहां भी धारा 144 लागू कर दी गई जबकि जम्मू संभाग में अघोषित कर्फ्यू के बीच बाजार खुलते और बंद होते रहे क्योंकि सब जगह सुरक्षाबलों की मर्जी चल रही थी। जबकि जम्मू में अलग जम्मू की मांग के लिए सड़कों पर उतरे कई राजनीतिज्ञों को उनके घरों में नजरबंद कर दिया गया है।

कश्मीर में तकरीबन एक हजार राजनीतिक नेताओं व कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। अब जम्मू में भी अलग जम्मू राज्य की मांग प्रबल होने लगी है। कई राजनीतिज्ञों ने इस मांग को लेकर प्रदर्शन किए तो उन्हें घरों में नजरबंद कर दिया गया। 

करीब दर्जन भर नजरबंद किए गए राजनीतिज्ञों में भाजपा के पूर्व मंत्री चौ लाल सिंह, कांग्रेस के रमण भल्ला तथा पैंथर्स पार्टी के हर्ष देव सिंह भी शामिल हैं।

दूसरी ओर अब हिंसा की आशंका देखते हुए करगिल, द्रास और सांको में धारा 144 लागू कर दी गई है। जिला मेजिस्ट्रेट ने एडवाइजरी जारी की है। जिसमें कहा गया है कि घाटी में मौजूदा स्थिति को देखते हुए तहसील करगिल, द्रास और सांको में धारा 144 लागू की जा रही है।

सीआरपीसी की धारा 144 सुबह गुरुवार सुबह पांच बजे से लागू हो गई है। जिला मेजिस्ट्रेट आईएएस बशीर उल हक चौधरी ने एडवाइजरी जारी की है। इसमें कहा गया है कि कोई भी चार व्यक्ति एक साथ एक स्थान पर खड़े नहीं रह सकते हैं। किसी भी तरह की बैठक करने से पहले जिला मेजिस्ट्रेट की अनुमति लेनी होगा। साथ ही प्राइवेट कॉलेज, स्कलों को अगले आदेश तक बंद रखने के लिए कहा गया है।

टॅग्स :धारा ३७०जम्मू कश्मीर
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