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फारूक अब्दुल्ला के बिना लोकसभा में अनुच्छेद 370 पर बहस अधूरी, सांसद सुप्रिया सुले के इस सवाल का अमित शाह ने दिया जवाब 

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: August 6, 2019 15:30 IST

राज्यसभा ने सोमवार को अनुच्छेद 370 की अधिकतर धाराओं को खत्म कर जम्मू कश्मीर एवं लद्दाख को दो केन्द्र शासित क्षेत्र बनाने संबंधी सरकार के दो संकल्पों को मंजूरी दे दी है।

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ठळक मुद्देकश्मीर में फिलहाल धारा 144 लागू है। कई बड़े नेताओं को नजरबंद किया गया है। पांच अगस्त को राज्यसभा में जम्मू कश्मीर पुनर्गठन विधेयक को पास कर दिया गया है। बिल के पक्ष में 125 वोट और 61 विपक्ष में वोट पड़े हैं।

केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देनेवाला आर्टिकल 370 खत्म करने की पेशकश की है। आज (6 अगस्त) को जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल लोकसभा में पेश हुआ। इस मामले पर लोकसभा में चर्चा जारी है। इसी बीच राकांपा (NCP) सांसद सुप्रिया सुले ने कहा, ''लोकसभा में मैं 462 सीट पर बैठती हूं। नेशनल कांफ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला सीट 461 पर बैठते हैं। वह जम्मू-कश्मीर से चुने गए हैं। हम उन्हें आज नहीं सुन सकते। अगर आप मुझसे पूछेंगे तो यह बहस अधूरी रह जाएगी।'' 

सांसद की इस बात को लेकर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, 'फारूक अब्दुल्ला को न तो हिरासत में लिया गया और न ही गिरफ्तार किया गया। वह अपनी मर्जी से अपने घर पर हैं।' जब सुले ने कहा कि हो सकता है नेशनल कांफ्रेंस नेता अस्वस्थ हों। इस पर शाह ने कहा, 'इसके बारे में डॉक्टर बता सकते हैं। मैं इलाज नहीं कर सकता, यह डाक्टरों को करना है।''

लोकसभा में जम्मू कश्मीर पुनर्गठन विधेयक 2019 एवं जम्मू कश्मीर संबंधी संकल्प पर चर्चा के दौरान सुप्रिया सुले के अलावा कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी और द्रमुक के टी आर बालू ने भी नेशनल कांफ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला के बारे में जानना चाहा। 

राज्यसभा ने सोमवार को अनुच्छेद 370 की अधिकतर धाराओं को खत्म कर जम्मू कश्मीर एवं लद्दाख को दो केन्द्र शासित क्षेत्र बनाने संबंधी सरकार के दो संकल्पों को मंजूरी दे दी है। पांच अगस्त को राज्यसभा में जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन विधेयक को पास कर दिया गया है। बिल के पक्ष में 125 वोट और 61 विपक्ष में वोट पड़े हैं।

कश्मीर में फिलहाल धारा 144 लागू है। कई बड़े नेताओं को नजरबंद किया गया है। हालात को देखते हुये राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी कश्मीर गये हैं। 

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