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CAA: दिल्ली गेट पर प्रदर्शन में अमेरिकी नागरिक भी शामिल, जानिए नए नागरिकता कानून के बारे में क्या कहा!

By भाषा | Updated: December 20, 2019 22:29 IST

अक्सर भारत आते रहने वाले अर्नाल्ड पहली बार आठ साल पहले उत्तर प्रदेश के एक विश्वविद्यालय में हिंदी और उर्दू पढ़ने यहां आए थे। जब पूछा गया कि वह प्रदर्शनकारियों के साथ क्यों खड़े हैं तो उन्होंने कहा, ‘‘अगर विश्वविद्यालयों और पुस्तकालयों में छात्रों को लाठियों से पीटा जाता है तथा उन पर आंसूगैस के गोले छोड़े जाते हैं एवं अल्पसंख्यक देश की बहुसंख्यकवादी सरकार में आघात महसूस कर रहे हों तो यह सभी के लिए चिंता की बात है।’’

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ठळक मुद्दे40 वर्ष के अर्नाल्ड ने कहा, ‘‘नागरिकता के निर्धारण के लिए धर्म का मानदंड बुनियादी रूप से गलत है।एक कॉलेज में शिक्षक अर्नाल्ड इस समय उत्तर प्रदेश में दलित मुद्दों पर पुस्तक लिख रहे हैं। 

दिल्ली गेट पर शुक्रवार को नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में बड़ी संख्या में जमा हुए प्रदर्शनकारियों के बीच एक अमेरिकी नागरिक ने भी पराये देश में हो रहे आंदोलन में अपना समर्थन जताया। शुद्ध हिंदी और उर्दू में बोल रहे अर्नाल्ड (अनुरोध पर नाम में परिवर्तन) ने दावा किया कि उन्होंने अमेरिका और दुनिया में अन्य जगहों पर भी ‘बहुसंख्यकवाद’ का विरोध किया है।

उन्होंने दावा किया, ‘‘अमेरिका में बहुसंख्यकवादी शासन है। मैं इसके पूरी तरह खिलाफ हूं। मेरे देश में मौजूदा सरकार छात्रों के लिए बहुत खराब है। यही चीज यहां हुई है।’’  अक्सर भारत आते रहने वाले अर्नाल्ड पहली बार आठ साल पहले उत्तर प्रदेश के एक विश्वविद्यालय में हिंदी और उर्दू पढ़ने यहां आए थे। जब पूछा गया कि वह प्रदर्शनकारियों के साथ क्यों खड़े हैं तो उन्होंने कहा, ‘‘अगर विश्वविद्यालयों और पुस्तकालयों में छात्रों को लाठियों से पीटा जाता है तथा उन पर आंसूगैस के गोले छोड़े जाते हैं एवं अल्पसंख्यक देश की बहुसंख्यकवादी सरकार में आघात महसूस कर रहे हों तो यह सभी के लिए चिंता की बात है।’’

उन्होंने दावा किया कि नये नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे भारतीय छात्रों तथा अल्पसंख्यकों के लिए अमेरिका में बहुत एकजुटता है। 40 वर्ष के अर्नाल्ड ने कहा, ‘‘नागरिकता के निर्धारण के लिए धर्म का मानदंड बुनियादी रूप से गलत है।’’ एक कॉलेज में शिक्षक अर्नाल्ड इस समय उत्तर प्रदेश में दलित मुद्दों पर पुस्तक लिख रहे हैं। 

टॅग्स :कैब प्रोटेस्टनागरिकता संशोधन कानूनदिल्ली कैपिटल्सअमेरिका
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