NCERT पुस्तकों से संविधान की प्रस्तावना हटाने का आरोप पूरी तरह से निराधार, केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा
By आकाश चौरसिया | Published: August 6, 2024 04:44 PM2024-08-06T16:44:46+5:302024-08-06T17:06:53+5:30
शिक्षा जैसे विषय को भी अपने झूठ की राजनीति के लिए इस्तेमाल करना और इसके लिए बच्चों का सहारा लेना कांग्रेस पार्टी की घृणित मानसिकता को दिखाता है। इस बात को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ये बात कही है।
नई दिल्ली: राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत पहली बार एनसीआरटी ने पाठ्यपुस्तकों में भारत के संविधान के विभिन्न पहलुओं- प्रस्तावना, मौलिक कर्तव्य, मौलिक अधिकार, राष्ट्रगान को उचित महत्व और सम्मान देने का काम किया है। बच्चों के समग्र विकास के लिए एनईपी (NEP) के दृष्टिकोण का पालन करते हुए इन सभी पहलुओं को age-appropriate विभिन्न चरणों की पाठ्यपुस्तकों में रखा जा रहा है।
लेकिन, शिक्षा जैसे विषय को भी अपने झूठ की राजनीति के लिए इस्तेमाल करना और इसके लिए बच्चों का सहारा लेना कांग्रेस पार्टी की घृणित मानसिकता को दिखाता है। बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले और भारतीय शिक्षा व्यवस्था को बकवास बताने वालों को झूठ फैलाने से पहले सच जानने की कोशिश करनी चाहिए।
NCERT tweets, "The allegations regarding the removal of the Preamble from the NCERT textbooks do not have a sound basis. For the first time, NCERT is giving great importance to various facets of the Indian Constitution- Preamble, Fundamental Duties, Fundamental Rights and the… pic.twitter.com/pnIejObTWQ
— ANI (@ANI) August 6, 2024
मैकाले की विचारधारा से प्रेरित कांग्रेस शुरू से ही भारत के विकास और शिक्षा व्यवस्था से घृणा रखती है। यह तर्क कि केवल संविधान की प्रस्तावना ही संवैधानिक मूल्यों का प्रतिबिंब है, कांग्रेस की संविधान की समझ को उजागर करता है। कांग्रेस का पाप का घड़ा भर चुका है और आजकल जो 'झूठे संविधान प्रेमी' बनकर घूम रहे हैं और संविधान की प्रति लहरा रहे हैं, इनके पूर्वजों ने ही बार-बार संविधान की मूल भावना की हत्या करने का काम किया था।
कांग्रेस पार्टी में अगर थोड़ी सी भी शर्म और आत्मग्लानि बची हो तो पहले संविधान, संवैधानिक मूल्यों और एनईपी को समझे और देश के बच्चों के नाम पर अपनी क्षुद्र राजनीति करना बंद करे।