Ajit Pawar Plane Crash: 1991 से 8 कार्यकाल तक बारामती विधायक, 6 बार डिप्टी सीएम?, मुख्यमंत्री बनने का सपना कभी साकार नहीं हो पाया?
By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 28, 2026 14:06 IST2026-01-28T14:01:21+5:302026-01-28T14:06:24+5:30
Ajit Pawar Plane Crash LIVE: जुलाई 2023 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और शिवसेना के गठबंधन वाली सरकार में शामिल होने से पहले वह नवंबर 2019 में देवेंद्र फडणवीस के मुख्यमंत्री रहते हुए उपमुख्यमंत्री थे।

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मुंबईः महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री के रूप में छह बार सेवा दे चुके अजित पवार के लिए मुख्यमंत्री पद सपना ही रह गया। बुधवार को एक दुखद विमान दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई और मुख्यमंत्री बनने का उनका सपना कभी साकार नहीं हो पाया। अजित पवार (66) जमीन से जुड़े एक नेता थे, जिनका दुखद अंत उनके गृह नगर बारामती में हुआ।
अनुभवी नेता अजित पवार ने राज्य का मुख्यमंत्री बनने की अपनी इच्छा कभी भी छिपाई नहीं। जुलाई 2023 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और शिवसेना के गठबंधन वाली सरकार में शामिल होने से पहले वह नवंबर 2019 में देवेंद्र फडणवीस के मुख्यमंत्री रहते हुए उपमुख्यमंत्री थे। हालांकि वह सरकार मुश्किल से दो दिन ही चली।
स्वर्गीय अजित पवार जी और उनके साथ दिवंगत हुए सभी पुण्य आत्माओं के प्रति अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं... pic.twitter.com/tYX20OTLhV
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) January 28, 2026
Ajit Pawar Plane Crash LIVE: अजित पवार का राजनीतिक करियर उतार-चढ़ाव से भरा रहा
अजित पवार एक कर्मठ व्यक्ति माने जाते थे। जहां कई नेताओं की छवि कार्यक्रमों में देरी से पहुंचने वालों की है तो वहीं पवार समय के बड़े पाबंद थे। उनके नाम कांग्रेस, शिवसेना और भाजपा के नेतृत्व वाली कई सरकारों में उपमुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड है। अजित पवार का राजनीतिक करियर उतार-चढ़ाव से भरा रहा।
वह हमेशा ही इन सब से बाहर निकले, चाहे वह कथित तौर पर 70,000 करोड़ रुपये का सिंचाई घोटाला हो या पुणे में उनके बेटे पार्थ के जमीन सौदे को लेकर हालिया विवाद। अजित पवार को प्यार से लोग ‘दादा’ (बड़े भाई) कहा करते थे। वह अपनी बात खुलकर कहने के लिए जाने जाते थे और खासकर ग्रामीण दर्शकों के सामने अपनी राय व्यक्त करते समय शब्दों को घुमा-फिराकर नहीं बोलते थे।
Ajit Pawar Plane Crash LIVE: सोलापुर के सूखाग्रस्त इलाके के किसान भैया देशमुख का उपहास उड़ाया
अजित पवार ने 2013 में राज्य के कुछ हिस्सों में पानी और बिजली की गंभीर कमी का मजाक उड़ाते हुए एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था। हालांकि अपनी टिप्पणियों को लेकर आलोचनाओं से घिर जाने के बाद उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी पड़ी थी। पुणे के इंदापुर के एक गांव में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने सोलापुर के सूखाग्रस्त इलाके के किसान भैया देशमुख का उपहास उड़ाया था।
जो मुंबई के आजाद मैदान में अधिक पानी की मांग को लेकर अनशन पर थे। उन्होंने कहा था, ‘‘वह पिछले 55 दिनों से अनशन पर हैं। अगर बांध में पानी ही नहीं है, तो हम उसे कैसे छोड़ सकते हैं? क्या हम उसमें पेशाब कर दें? अगर पीने के लिए पानी ही नहीं है, तो पेशाब करना भी संभव नहीं है।’’
Ajit Pawar Plane Crash LIVE: शरद पवार की छत्रछाया से बाहर निकलकर जुलाई 2023 में चाचा खिलाफ बगावत कर दी
राज्य के कुछ हिस्सों में बिजली कटौती की स्थिति का जिक्र करते हुए अजित पवार ने कहा था, ‘‘मैंने देखा है कि रात में बिजली जाने के कारण अधिक बच्चे पैदा हो रहे हैं। ऐसा लगता है कि फिर करने के लिए कोई और काम नहीं बचता।’’ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के संस्थापक शरद पवार की छत्रछाया से बाहर निकलकर जुलाई 2023 में अजित पवार ने अपने चाचा खिलाफ बगावत कर दी।
पार्टी के नाम और चिह्न के साथ-साथ पार्टी के अधिकतर विधायकों को अपने पाले में कर लिया। पिछले साल के लोकसभा चुनाव में अजित पवार की पार्टी को सिर्फ एक सीट मिली थी। आम चुनाव में मिली करारी हार को लेकर आलोचकों के निशाने पर आए अजित पवार ने हालांकि पांच महीने बाद विधानसभा चुनाव में भाजपा के साथ गठबंधन में 41 सीट जीतकर सबको गलत साबित कर दिया।
Ajit Pawar Plane Crash LIVE: विकास के लिए सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल हुए
राकांपा (शरदचंद्र पवार) को सिर्फ 10 सीट मिलीं। वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद से अजित पवार ने राज्य की राजनीति में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली। भाजपा और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के साथ गठबंधन के बावजूद, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वह विकास के लिए सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल हुए हैं और अपनी मूल प्रगतिशील विचारधारा से विचलित नहीं हुए हैं।
उन्होंने अपनी पार्टी और अपने मंत्रालयों पर ध्यान केंद्रित रखा, जबकि राजनीतिक अटकलें मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और दूसरे उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बीच तथाकथित वर्चस्व की होड़ के इर्द-गिर्द घूमती रहीं। आशा और अनंतराव पवार के घर 22 जुलाई, 1959 को जन्मे अजीत पवार ने 1982 में अपने चाचा (उनके पिता के छोटे भाई) शरद पवार के नक्शेकदम पर चलते हुए राजनीति में प्रवेश किया।
Ajit Pawar Plane Crash LIVE: 2026-27 के लिए राज्य का बजट पेश करने वाले
जब वह एक चीनी कारखाने के बोर्ड के लिए चुने गए थे। वर्ष 1991 में वह बारामती से लोकसभा के लिए चुने गए और बाद में उन्होंने अपने चाचा के लिए यह सीट खाली कर दी। बाद में शरद पवार पी वी नरसिम्हा राव की सरकार में रक्षा मंत्री बने।
अजित पवार ने 1991 से आठ कार्यकाल तक बारामती के विधायक के रूप में अपनी सेवा दी। अजित पवार राज्य के वित्त और योजना मंत्री थे और अगले महीने मुंबई में 23 फरवरी को विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत के दौरान 2026-27 के लिए राज्य का बजट पेश करने वाले थे।
अजित पवार की मृत्यु पर महाराष्ट्र सरकार ने तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की बुधवार को विमान दुर्घटना में हुई मृत्यु पर राज्य सरकार ने समूचे राज्य में तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। सामान्य प्रशासन विभाग के प्रोटोकॉल अनुभाग द्वारा जारी एक संदेश में कहा गया है कि पवार का निधन 28 जनवरी की सुबह हुआ।
विभाग ने एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा, सरकार के निर्देशों के अनुसार 28 जनवरी से 30 जनवरी तक राजकीय शोक मनाया जाएगा और इस दौरान उन सभी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा जहां इसे नियमित रूप से फहराया जाता है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि शोक की अवधि के दौरान कोई आधिकारिक मनोरंजन कार्यक्रम नहीं होगा।
Ajit Pawar Plane Crash LIVE: निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश
विभाग ने घोषणा की कि उपमुख्यमंत्री के निधन के कारण महाराष्ट्र भर में राज्य सरकार के सभी कार्यालय बुधवार को बंद रहेंगे। अवर सचिव एच पी बाविस्कर के हस्ताक्षर से जारी संदेश में सभी संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने और निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि बुधवार सुबह महाराष्ट्र के पुणे जिले में विमान दुर्घटना में 66 वर्षीय अजित पवार और चार अन्य लोगों की मृत्यु हो गई। उन्होंने बताया कि यह घटना उस वक्त हुई जब पवार और अन्य लोगों को ले जा रहा विमान बारामती के पास उतर रहा था।