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232 दिनों के बाद रिहा होते ही उमर अब्दुल्ला ने माता-पिता के साथ शेयर की पहली तस्वीर, लिखा- '8 महीनों में पहली बार इनके साथ...'

By पल्लवी कुमारी | Updated: March 24, 2020 14:55 IST

जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किए जाने के बाद जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला को 5 अगस्त 2019 को हिरासत में लिया गया था।

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ठळक मुद्देनजरबंदी से रिहाई के बाद नेशनल कांफ्रेंस नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा, मुझे इसका अहसास है​ हम एक बहुत बड़ी लड़ाई लड़ रहे हैं।उमर अब्दुल्ला ने कहा, हमारा 3जी, 4जी हमें लौटा दीजिए।

श्रीनगर:  जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को लगभग आठ महीने बाद मंगलवार (24 मार्च) को हिरासत से रिहा कर दिया गया। जनसुरक्षा कानून (पीएसए) के तहत लगाए गए आरोप हटाए जाने के बाद उनकी रिहाई का आदेश जारी किया गया। गत 10 मार्च को 50 साल के हुए अब्दुल्ला ने पिछले साल पांच अगस्त को जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किए जाने के बाद, 232 दिन हिरासत में गुजारे। नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता को पूर्व में एहतियातन हिरासत में लिया गया था, लेकिन बाद में पांच फरवरी को उन पर पीएसए लगा दिया गया था। उमर अब्दुल्ला ने रिहा होते ही अपने अधिकारी ट्विटर हैंडल पर दो ट्वीट किए। 

अपने पहले ट्वीट में उमर अब्दुल्ला लिखा, मेरे नजरबंदी के 232 दिन बाद आज मैंने आखिरकार हरि निवास छोड़ दिया। 5 अगस्त 2019 यहां आया था। आज मेरे लिए एक अलग ही दुनिया है। 

एक अन्य ट्वीट में उमर अब्दुल्ला ने अपने पिता फारूक अब्दुल्ला और मां के साथ तस्वीर शेयर की। ट्वीट कर लिखा, लगभग 8 महीनों में पहली बार मेरे मम्मी और पापा के साथ लंच (दोपहर का भोजन) किया। मैंने पिछली बार अच्छा खाना कब खाया था याद नहीं है और नाही मैं याद करना चाहता हूं। 

जानें रिहा होने के बाद उमर अब्दुल्ला ने और क्या-क्या कहा? 

- नजरबंदी से रिहाई के बाद नेशनल कांफ्रेंस नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा, मुझे इसका अहसास है​ हम एक बहुत बड़ी लड़ाई लड़ रहे हैं हम जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रहे हैं।हम से पैगाम सबको दे रहे हैं कि हमें सामाजिक दूरी रखनी चाहिए,लेकिन हम क्या सबक दें लोगों को जब हम खुद उस पर काम करने के लिए तैयार ​नहीं हैं।

-नेशनल कांफ्रेंस नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा,  जो लोग आज भी हिरासत में हैं वो महबूबा मुफ्ती हों या मेरे नेशलन कांफ्रेंस के लोग हों या किसी के भी हों। इस मुश्किल हालात में कम से कम उनको अपने रिश्तेदारों  को लौटा ​दीजिए और जो हमारा 3जी, 4जी है वो हमें लौटा दीजिए। 

टॅग्स :उमर अब्दुल्लाजम्मू कश्मीरधारा ३७०
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