2024-25 में भारत ने 71 भगोड़ों का विदेश में पता लगाया, वांछित 203 भगोड़ों को भारत में पकड़ा

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 24, 2026 18:34 IST2026-01-24T18:33:07+5:302026-01-24T18:34:10+5:30

रिपोर्ट में कहा गया है कि अप्रैल 2024 से मार्च 2025 की अवधि के दौरान, विदेशों में 74 अनुरोध पत्र भेजे गए, जिनमें से 54 सीबीआई मामलों से संबंधित थे जबकि 20 राज्य की कानून प्रवर्तन एजेंसियों और अन्य केंद्रीय एजेंसियों से जुड़े थे।

2024-25 India traced 71 fugitives abroad apprehended 203 wanted fugitives in India | 2024-25 में भारत ने 71 भगोड़ों का विदेश में पता लगाया, वांछित 203 भगोड़ों को भारत में पकड़ा

सांकेतिक फोटो

Highlightsकेंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के कामकाज के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी गई है।इंटरपोल के लिए नोडल एजेंसी-नेशनल सेंट्रल ब्यूरो (एनसीबी) के रूप में काम करती है। 29 को आंशिक निष्पादन के बाद बंद कर दिया गया या वापस ले लिया गया।

नई दिल्लीः भारत ने वर्ष 2024-25 के दौरान विभिन्न मामलों में वांछित 70 से अधिक भगोड़ों का विदेश में पता लगाया। एक आधिकारिक रिपोर्ट से यह जानकारी मिली। इसी अवधि के दौरान अन्य देशों द्वारा वांछित 203 भगोड़ों को भारत में पकड़ा गया। कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार 2024-25 में भारत द्वारा कुल 71 वांछित/भगोड़ों का विदेश में पता लगाया गया। अधिकारियों का दावा है कि विदेश में पता लगाए गए ऐसे वांछित भगोड़ों की संख्या एक दशक से अधिक समय में सबसे अधिक है। मंत्रालय की 2024-25 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले वित्तीय वर्ष में कुल 27 भगोड़े या वांछित व्यक्ति विदेश से भारत आए। इसमें केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के कामकाज के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी गई है।

सीबीआई भारत में इंटरपोल के लिए नोडल एजेंसी-नेशनल सेंट्रल ब्यूरो (एनसीबी) के रूप में काम करती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अप्रैल 2024 से मार्च 2025 की अवधि के दौरान, विदेशों में 74 अनुरोध पत्र भेजे गए, जिनमें से 54 सीबीआई मामलों से संबंधित थे जबकि 20 राज्य की कानून प्रवर्तन एजेंसियों और अन्य केंद्रीय एजेंसियों से जुड़े थे।

सीबीआई सहित भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने पुष्टि की है कि उक्त अवधि के दौरान 47 अनुरोध पत्र पूरी तरह निष्पादित किए गए, जबकि 29 को आंशिक निष्पादन के बाद बंद कर दिया गया या वापस ले लिया गया। पिछले साल 31 मार्च तक, अन्य देशों के पास कुल 533 अनुरोध पत्र लंबित थे, जिनमें से 276 सीबीआई मामलों से और 257 राज्य पुलिस व अन्य केंद्रीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों से संबंधित थे।

विभिन्न देशों से आपराधिक मामलों की जांच में सहायता प्रदान करने के लिए 32 अनुरोध पत्र प्राप्त हुए। वर्ष के दौरान, एनसीबी-भारत द्वारा उन भगोड़ों के लिए विभिन्न इंटरपोल नोटिस जारी किए गए, जिनकी या तो अभियोजन के लिए या देश में सजा काटने के लिए तलाश थी। रिपोर्ट के अनुसार, इनमें 126 ‘रेड नोटिस’ शामिल थे, जो प्रत्यर्पण, आत्मसमर्पण या इसी तरह की कानूनी कार्रवाई लंबित होने के दौरान किसी व्यक्ति का पता लगाने और अस्थायी रूप से गिरफ्तारी के लिए दुनियाभर की कानून प्रवर्तन एजेंसियों से अनुरोध होते हैं।

इसके अलावा 89 ‘ब्लू नोटिस’ (किसी व्यक्ति की पहचान, ठिकाने या गतिविधियों से जुड़ी जानकारी जुटाने के लिए), 24 ‘येलो नोटिस’ (लापता व्यक्ति को लेकर वैश्विक पुलिस अलर्ट), सात ‘ब्लैक नोटिस’ (अज्ञात शवों से संबंधित अनुरोध) और एक ‘ग्रीन नोटिस’ (सार्वजनिक सुरक्षा के लिए संभावित खतरा माने जाने वाले व्यक्तियों को लेकर इंटरपोल द्वारा जारी चेतावनी) भी शामिल थे।

Web Title: 2024-25 India traced 71 fugitives abroad apprehended 203 wanted fugitives in India

भारत से जुड़ीहिंदी खबरोंऔर देश दुनिया खबरोंके लिए यहाँ क्लिक करे.यूट्यूब चैनल यहाँ इब करें और देखें हमारा एक्सक्लूसिव वीडियो कंटेंट. सोशल से जुड़ने के लिए हमारा Facebook Pageलाइक करे