1984 Anti-Sikh Riots: सज्जन कुमार को दिल्ली की कोर्ट ने किया बरी, विकासपुरी, जनकपुरी हिंसा मामले में लगे थे आरोप
By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 22, 2026 11:40 IST2026-01-22T11:40:11+5:302026-01-22T11:40:16+5:30
1984 Anti-Sikh Riots: अगस्त 2023 में, एक अदालत ने सज्जन कुमार पर दंगा करने और शत्रुता को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था, जबकि उन्हें हत्या और आपराधिक साजिश के आरोपों से बरी कर दिया था।

1984 Anti-Sikh Riots: सज्जन कुमार को दिल्ली की कोर्ट ने किया बरी, विकासपुरी, जनकपुरी हिंसा मामले में लगे थे आरोप
1984 Anti-Sikh Riots: दिल्ली की एक अदालत ने पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार को 1984 के सिख विरोधी दंगों के दौरान राष्ट्रीय राजधानी के जनकपुरी और विकासपुरी इलाकों में हिंसा भड़काने से संबंधित मामले में बृहस्पतिवार को बरी कर दिया। विशेष न्यायाधीश दिग विनय सिंह ने संक्षिप्त आदेश सुनाते हुए कुमार को बरी किया। आदेश की विस्तृत प्रति का इंतजार है। अगस्त 2023 में, एक अदालत ने कुमार पर दंगा करने और शत्रुता फैलाने के आरोप तय किए थे, जबकि हत्या और आपराधिक साजिश के आरोपों से उन्हें बरी कर दिया गया था।
एक विशेष जांच दल ने दंगों के दौरान जनकपुरी और विकासपुरी इलाकों में हुई हिंसा की शिकायतों के आधार पर फरवरी 2015 में कुमार के खिलाफ दो प्राथमिकी दर्ज की थीं। पहली प्राथमिकी जनकपुरी में हुई हिंसा के मामले में दर्ज की गई थी, जहां एक नवंबर, 1984 को दो लोग सोहन सिंह और उनके दामाद अवतार सिंह की हत्या कर दी गई थी।
VIDEO | As Delhi court acquits former Congress MP Sajjan Kumar in a case related to inciting violence in Janakpuri and Vikaspuri areas in the national capital during the 1984 anti-Sikh riots.
— Press Trust of India (@PTI_News) January 22, 2026
Anil Kumar Sharma, Counsel for former MP Sajjan Kumar, The court has acquitted him as… pic.twitter.com/JoFN5EnBTR
दूसरी प्राथमिकी विकासपुरी में दो नवंबर, 1984 को गुरचरण सिंह को कथित रूप से जला दिए जाने के मामले में दर्ज की गई थी। फिलहाल जेल में बंद कुमार को पिछले साल 25 फरवरी को एक अधीनस्थ अदालत ने सरस्वती विहार इलाके में एक नवंबर 1984 को जसवंत सिंह और उनके बेटे तरुणदीप सिंह की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
#WATCH | Delhi's Rouse Avenue Court acquits Sajjan Kumar in the Janakpuri and Vikaspuri Sikh riots case.
— ANI (@ANI) January 22, 2026
A victim family member fighting for justice breaks down on hearing the verdict, she says, "Why are we not getting justice? Why has the court acquitted him? Our 11 people were… pic.twitter.com/ov7IX7g7MZ