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यौन संचारित रोग का उपचार : किसिंग के समय इन 2 गलतियों से बचें, धीरे-धीरे हो जाएंगे हर्पीस जैसी 3 लाइलाज बीमारियों का शिकार

By उस्मान | Updated: August 14, 2020 10:20 IST

यौन संचारित रोगों से बचने के उपाय : यह खतरनाक रोग आपको किस करने से हो सकते हैं और कई रोग का तो इलाज ही नहीं है

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ठळक मुद्देकिसिंग के मामले में भी आपको सतर्क रहना चाहिएकिसिंग के जरिये भी आम यौन संचारित रोग के चपेट में आ सकते हैंकिसिंग से होने वाले रोगों में हर्पीस सिंप्लेक्स वायरस और साइटोमेगालोवायरस हैं

रिश्ते में प्यार जताने और उसे मजबूत बनाने के लिए किसिंग आम बात है। लेकिन आपको किसी ऐसे व्यक्ति के साथ किसिंग से बचना चाहिए, जिसे आप जानते नहीं हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि एक से अधिक पार्टनर के साथ यौन संबंध बनाने से यौन संचारित रोग का जोखिम होता है। 

किसिंग के मामले में भी आपको सतर्क रहना चाहिए। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि किसिंग के जरिये भी आम यौन संचारित रोग के चपेट में आ सकते हैं। किसिंग से होने वाले रोगों में हर्पीस सिंप्लेक्स वायरस और साइटोमेगालोवायरस हैं।

हर्पीस हर्पीस सिंप्लेक्स वायरस 1 को मुंह पर होने वाले दाद के रूप में जाना जाता है। यह रोग आसानी से किसिंग के जरिये फैल सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, 50 वर्ष से कम आयु के लगभग 67 प्रतिशत यौन सक्रिय लोग इस वायरस के वाहक होते हैं जिनमें कोई ध्यान देने योग्य लक्षण नहीं होते हैं। 

आको यह वायरस किसिंग के जरिये मिल सकता है। इसके लक्षणों में मुंह में छोटे सफेद या लाल दाने होना शामिल हैं। कभी-कभी इनमें सूजन हो सकती है या खून बह सकता है। 

यह वायरस लार और बर्तन साझा करने से भी फैलता है। हर्पीस सिंप्लेक्स वायरस 2 ज्यादातर यौन संपर्क के माध्यम से प्रेषित होता है। लेकिन कभी-कभी, मुंह से मुंह प्रसारण भी संभव है। यह एक लाइलाज स्थिति है, लेकिन लक्षणों को कंट्रोल किया जा सकता है।

साइटोमेगालो वायरसयह एक वायरल संक्रमण है, जो लार के माध्यम से फैलता है जब आप किसिंग करते है। इसके फैलने के अन्य स्रोत मूत्र, वीर्य, रक्त और स्तन का दूध है। यह यौन संचारित रोगों की श्रेणी में आता है क्योंकि आप इसे यौन संपर्क के माध्यम से भी प्राप्त कर सकते हैं। 

इसके लक्षणों में थकान, बुखार, गले में खराश और शरीर में दर्द शामिल हैं। हैरानी की बात यह है कि कभी-कभी इसके लक्षण नजर नहीं आते हैं। लेकिन सावधान रहना बेहतर है क्योंकि यह भी इलाज योग्य नहीं है।

सिफलिसयह एक जीवाणु संक्रमण है जो आमतौर पर मौखिक, गुदा या जननांग सेक्स के माध्यम से फैलता है। लेकिन कभी कभी किसी संक्रमित व्यक्ति के साथ किसिंग से भी यह यौन संचारित रोग फैल सकता है। इससे आपके मुंह पर घाव हो सकते हैं। इसलिए आपको ऐसे व्यक्ति के साथ किसिंग से बचना चाहिए जिसके मुंह पर किसी तरह का घाव है। 

यह एक गंभीर स्थिति है जिसका समय पर इलाज नहीं कराने से परेशानी हो सकती है। यदि आपको यह बीमारी है, तो आपको बुखार, गले में खराश, सिरदर्द, लिम्फ नोड सूजन, शरीर में दर्द और बालों के झड़ने का अनुभव होगा।

इसके अलावा आपको थकान और अचानक पिंपल या मस्से भी हो सकते हैं। यदि इसका समय पर इलाज न किया जाए तो आपको दृष्टि हानि, हृदय रोग और मस्तिष्क की क्षति हो सकती है। इसके सामान्य उपचार में पेनिसिलिन जैसे एंटीबायोटिक दवाओं का उपयोग शामिल है।

इस बात का रखें ध्यान बाद में पछताने से तो अच्छा है कि हमेशा सावधानी बरती जाए। आखिरकार, एहतियात इलाज से बेहतर है। आप किसिंग से होने वाली एसटीडी से बचना चाहते हैं तो अपने साथी के साथ एक ईमानदार रहें। इसके अलावा ऊपर बताए गए लक्षण महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

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