कौन थे डॉ. विलियम फोएज?, 89 वर्ष में चल बसे...
By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 26, 2026 07:35 IST2026-01-26T07:34:53+5:302026-01-26T07:35:49+5:30
तेज दिमाग और शांत स्वभाव वाले फोएगे में संक्रामक रोगों को काबू करने की गहरी समझ और व्यावहारिक कौशल था।

file photo
अटलांटाः दुनिया भर से चेचक के उन्मूलन में अग्रणी भूमिका निभाने वाले डॉ. विलियम फोएगे का निधन हो गया है। वह 89 वर्ष के थे। चेचक उन्मूलन को सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र में मानवता की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक माना जाता है। ‘टास्क फोर्स फॉर ग्लोबल हेल्थ’ के अनुसार, फोएगे का शनिवार को निधन हो गया। फोएगे ‘टास्क फोर्स फॉर ग्लोबल हेल्थ’ के सह-संस्थापक थे। छह फुट सात इंच लंबे फोएगे सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र में अलग नजर आते थे। तेज दिमाग और शांत स्वभाव वाले फोएगे में संक्रामक रोगों को काबू करने की गहरी समझ और व्यावहारिक कौशल था।
वह 1970 के दशक के उत्तरार्ध और 1980 के दशक के शुरुआती वर्षों में अमेरिका के रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र के निदेशक रहे और बाद में उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य समस्याओं से निपटने के अभियानों में भी अहम भूमिका निभाई। हालांकि उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि चेचक उन्मूलन की दिशा में किया उनका काम है।
चेचक रोग मानव इतिहास की सबसे घातक बीमारियों में से एक रहा है। फोएगे का जन्म 12 मार्च 1936 को हुआ था। उनके पिता लूथरन पादरी थे। उनकी रुचि 13 साल की उम्र में वाशिंगटन के कॉलविल में एक दवाखाने में काम करते समय चिकित्सा में पैदा हुई।
उन्होंने 1961 में वाशिंगटन विश्वविद्यालय से चिकित्सा की डिग्री और 1965 में हार्वर्ड से जनस्वास्थ्य में स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त की। अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा ने 2012 में फोएगे को ‘मेडल ऑफ फ्रीडम’ से सम्मानित किया जो देश का सर्वोच्च असैन्य सम्मान है।