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Covid 3rd wave: तीसरी लहर को रोकने के लिए एम्स निदेशक गुलेरिया ने बताए 3 उपाय

By उस्मान | Updated: June 24, 2021 10:14 IST

एम्स ने कहा है कि तीसरी लहर का बच्चों पर कोई खास प्रभाव नहीं होगा

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ठळक मुद्देएम्स ने कहा है कि तीसरी लहर का बच्चों पर कोई खास प्रभाव नहीं होगा बच्चों को सितंबर-अक्टूबर तक लग सकते हैं टीकेकोरोना के मामले कम हुए हैं लेकिन खतरा टला नहीं

भारत में कोरोना की तीसरी लहर को लेकर लोगों में दहशत देखी जा रही है। खास तौर पर एक्सपर्ट्स ने ये दावा किया है की तीसरी लहर का असर बच्चों पर ज्यादा होगा। मगर इस बीच भारत में बच्चों के टीकाकरण को लेकर एम्स के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया ने अहम जानकारी दी है। 

उन्होंने कोरोना की तीसरी लहर को रोकने के 3 'मंत्र' बताए हैं। साथ में उन्होंने यह भी बताया कि बच्चों के लिए कोरोना वैक्सीन कब तक उपलब्ध हो सकती है क्योंकि तीसरी लहर में बच्चों के सबसे ज्यादा प्रभावित होने की आशंका भी जताई जा रही है।

बच्चों पर नहीं होगा कोई खास असर

उन्होंने बताया कि बच्चों में कोरोना की बीमारी बहुत हल्की होती है। हमें सबसे पहले बुजुर्गों और जिन्हें पहले से कई बीमारी है, उन्हें वैक्सीन लगाना चाहिए। बच्चों के लिए फाइजर वैक्सीन को एफडीए अप्रूवल मिल चुका है और इस वैक्सीन को भारत में आने की अनुमति दी गई है।

बच्चों को सितंबर-अक्टूबर तक लग सकते हैं टीकेभारत बायोटेक का अप्रूवल मिलेगा तो हम 2-18 साल के बच्चों को वैक्सीन लगा सकते हैं। जैसे ही इसका अप्रूवल मिलेगा, वैसे ही हम बच्चों को वैक्सीन लगाना शुरू कर देंगे। 

उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि ट्रायल जल्द पूरा हो जाएगा और संभवत: लगभग 2-3 महीनों के फालोअप के साथ हमारे पास सितंबर तक डेटा होगा। उम्मीद है कि उस समय तक मंजूरी मिल जाएगी, ताकि सितंबर-अक्टूबर तक बच्चों को लगाने के लिए हमारे पास टीके होंगे।

तीसरी लहर को रोकने के उपाय

डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा, 'तीसरी लहर हमारे हाथ में हैं। अगर हम इसे आने से रोकना चाहते हैं तो हमें 2-3 चीजों को करना चाहिए। पहली यह कि हमें सख्ती से कोविड एप्रोप्रिएट बिहैवियर का पालन करना चाहिए। 

1) कोविड अप्रोप्रिएट बिहैवियरजब केस कम हो रहे हैं तो हमें उसी गलती को नहीं दोहराना चाहिए जो पहली लहर के दौरान की गई थी। हमने सोचा कि वायरस चला गया है और अब हम जो चाहे वह कर सकते हैं। 

हमें यह समझना चाहिए कि वायरस नहीं गया है, अभी भी है, म्यूटेट हो रहा है और चिंता बढ़ाने वाला रूप धर रहा है। इसलिए कोविड अप्रोप्रिएट बिहैवियर बहुत जरूरी है। अगर हम मास्क पहनते हैं, फीजिकल डिस्टेंस का पालन करते हैं, हाथ धोते हैं, भीड़ लगाने से बचते हैं तो कोई भी वेरिएंट फैल नहीं पाएगा।'

2) निगरानीगुलेरिया ने बताया, 'कोरोना की तीसरी लहर को आने से रोकने के लिए जो दूसरी महत्वपूर्ण चीज है, वह है- निगरानी। जिस किसी भी इलाके में कोरोना के केस बढ़ रहे हैं, पॉजिटिविटी रेट बढ़ रहा है, अस्पतालों में मरीज बढ़ रहे हैं तो हमें उस इलाके को कंटेन करने की जरूरत है, सख्ती से वहां पाबंदियां लगाने की जरूरत है ताकि वायरस न फैले। उस इलाके में बड़ी तादाद में टेस्टिंग, ट्रैकिंग और ट्रीटिंग (इलाज) की जरूरत है ताकि वहां जितने भी कोरोना पॉजिटिव हों, उनका टेस्ट कर उन्हें आइसोलेट किया जा सके।'

3) टीकाकरण डॉक्टर गुलेरिया ने आगे कहा, 'तीसरी लहर को रोकने के लिए जो तीसरी महत्वपूर्ण चीज है, वह है तेजी से वैक्सीनेशन। ज्यादा से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लग जाने से गंभीर रूप से बीमारों की संख्या कम होगी और संक्रमण की कमी टूटेगी। अगर हम इन 2-3 चीजों को करते हैं तो तीसरी लहर आएगी ही नहीं या फिर देर से आएगी और बहुत कमजोर रहेगी।' 

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