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COVID effect: अध्ययन में दावा, पुरुषों के यौन जीवन पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है कोरोना, जानिये क्यों

By उस्मान | Updated: April 19, 2021 16:39 IST

जानिये पुरुषों के लिए क्यों खतरनाक साबित हो रहा है कोरोना

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ठळक मुद्देजानिये पुरुषों के लिए क्यों खतरनाक साबित हो रहा है कोरोनाटेस्टोस्टेरोन हार्मोन कोरोना की लड़ाई में महत्वपूर्णमहिलाओं की तुलना में पुरुषों को कोरोना का अधिक खतरा क्यों

कोरोना वायरस इंसान को कई तरह से प्रभावित कर रहा है। हाल ही में कोरोना से जुड़ी एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि महिलाओं की तुलना में पुरुष कोरोना का अधिक शिकार हो रहे हैं। इसके पीछे के एक बड़ा कारण पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का लेवल कम होना है। 

बताया जा रहा है कि टेस्टोस्टेरोन लेवल कम होने से पुरुषों का इम्यूनिटी सिस्टम वायरस का सही तरह मुकाबला नहीं कर पाता है. यह भी माना जा रहा है कि इस हार्मोन की कमी से बड़ी संख्या में पुरुषों की मृत्यु हो रही है।

टेस्टोस्टेरोन का क्या काम है ?

शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली कैसे काम करती है और वायरस के प्रति कैसे प्रतिक्रिया करती है, यह काफी हद तक इस हार्मोन पर निर्भर करता है। टेस्टोस्टेरोन शरीर की अधिकांश प्रतिरक्षा प्रक्रियाओं में शामिल होता है। इसमें वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी बनाने में मदद करना भी शामिल है।

पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन का लेवल और काम

टेस्टोस्टेरोन पुरुषों और महिलाओं दोनों के शरीर में मौजूद होता है। लेकिन यह मुख्य रूप से एक पुरुष हार्मोन है क्योंकि यह पुरुषों के यौन जीवन को रेगुलेट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यदि पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन का लेवल कम है, तो उनकी प्रतिरक्षा प्रणाली ठीक से काम नहीं करती है। 

एक अध्ययन के अनुसार, महिलाओं में टेस्टोस्टेरोन का लेवल 60 प्रतिशत और पुरुषों में 68 प्रतिशत से कम पर्याप्त है। ऐसा इसलिए है क्योंकि 68 प्रतिशत की दर में यह हार्मोन पुरुषों में एंटी इंफ्लेमेटरी रेस्पोंस नहीं दे सकता। हालांकि महिलाओं में 60 प्रतिशत होने के बावजूद उनका इम्यूनिटी सिस्टम ठीक से काम कर करता है और एंटीबॉडी बनाना शुरू कर देता है।

कोरोना के खिलाफ लड़ाई में टेस्टोस्टेरोन कितना महत्वपूर्ण ?

जब से कोरोना का प्रकोप हुआ है, तब से वायरस पर अध्ययन जारी है। इसी तरह के शोध से पता चला है कि पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन लेवल सामान्य से कम है। वे कोरोना के खिलाफ उनका शरीर कमजोर है और उनका शरीर कोरोना के खिलाफ नहीं लड़ने में इतना मजबूत नहीं है।

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