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कोरोना वायरस का टीका लगवाने के लिए Co-WIN App पर करना होगा रजिस्टर, जानिये कैसे

By उस्मान | Updated: December 9, 2020 12:06 IST

कोरोना वायरस वैक्सीन अपडेट : भारत में कोरोना के टीकाकरण की तैयारियां जोरों पर हैं, जानिये टीकाकरण में किस तरह काम करेगा यह ऐप

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ठळक मुद्देतीसरे चरण में जिन लोगों को टीका लगेगा वो कर सकेंगे रजिस्टर टीके की हर जानकारी प्रदान करेगा मोबाइल ऐप भारत में संक्रमितों की संख्या 97 लाख पार

कोरोना वायरस से निपटने के लिए पूरी दुनिया को वैक्सीन का इंतजार है। ब्रिटेन में आम लोगों को टीका लगना शुरू भी हो गया है। भारत में भी टीकाकरण के लिए तैयारियां जोरों पर चल रही है।  इस बीच केंद्र सरकार ने Co-WIN नाम का एक ऐसा ऐप बनाया है, जो कोरोना वैक्सीन की पूरी प्रक्रिया पर निगरानी रखेगा, जिसे मुफ्त में डाउनलोड किया जा सकता है। लोगों को वैक्सीन के लिए यहां रजिस्टर करना होगा।

एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए, स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि केंद्र ने एक ऐप बनाया है जो प्रक्रिया की शुरुआत से अंत तक निगरानी करेगा। यह इलेक्ट्रॉनिक वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क (ईवीआईएन) का उन्नत संस्करण है।

Co-WIN ऐप से जुड़ी खास बातें

- यह ऐप प्रक्रिया में लगे सभी लोगों के लिए उपयोगी होगा जिसमें प्रशासक, टीकाकारक और ऐसे लोग जो इन वैक्सीन शॉट्स को प्राप्त करने जा रहे हैं, सबकी जानकारी होगी।

- सरकार पहले दो चरणों में प्राथमिकता वाले लोगों का टीकाकरण करेगी: पहले चरण में सभी स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों और दूसरे चरण में आपातकालीन श्रमिकों सहित फ्रंटलाइन कार्यकर्ता शामिल होंगे। इन लोगों का डेटा पहले से ही राज्य सरकारों द्वारा संकलित किया जा रहा है। तीसरे चरण में जिन लोगों को टीका दिया जाएगा वो खुद इस ऐप पर रजिस्टर कर सकेंगे। 

- को-विन ऐप में पांच मॉड्यूल हैं: एडमिनिस्ट्रेटर मॉड्यूल, पंजीकरण मॉड्यूल, टीकाकरण मॉड्यूल, लाभार्थी पावती मॉड्यूल और रिपोर्ट मॉड्यूल। प्रत्येक टीकाकरण में कम से कम 30 मिनट का समय लगेगा और प्रत्येक सत्र में केवल 100 लोगों को प्रशासित किया जाएगा।

- प्रशासक मॉड्यूल उन प्रशासकों के लिए है जो इन टीकाकरण सत्रों का संचालन करेंगे। इस मॉड्यूल के माध्यम से, वे सत्र बना सकते हैं और संबंधित वैक्सीनेटर और प्रबंधकों को सूचित किया जाएगा।

- पंजीकरण मॉड्यूल लोगों को टीकाकरण के लिए पंजीकृत होने के लिए है। यह स्थानीय अधिकारियों या सर्वेक्षणकर्ताओं द्वारा प्रदान की गई बल्क डेटा अपलोड करेगा।

- टीकाकरण मॉड्यूल लाभार्थी विवरण को सत्यापित करेगा और टीकाकरण की स्थिति को अपडेट करेगा।

- लाभार्थी पावती मॉड्यूल लाभार्थियों को एसएमएस भेजेगा। टीके लगने के बाद यह क्यूआर-आधारित प्रमाणपत्र भी तैयार करेगा।

- रिपोर्ट मॉड्यूल रिपोर्ट तैयार करेगा कि कितने टीका सत्र आयोजित किए गए हैं, कितने लोगों ने भाग लिया है, कितने लोग बाहर हो गए हैं।

- ऐप कोल्ड-स्टोरेज यूनिट्स के तापमान का रियल-टाइम डेटा भी मुख्य सर्वर पर भेजेगा।

भारत में कोविड-19 के मामले 97.35 लाख के पार

भारत में कोविड-19 के मामले बुधवार को 97.35 लाख के पार चले गए, जिनमें से 92 लाख से अधिक लोगों के ठीक होने के साथ ही देश में मरीजों के ठीक होने की दर बढ़कर 94.66 प्रतिशत हो गई ।

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से सुबह आठ बजे जारी किए गए अद्यतन आंकड़ों के अनुसार कोविड-19 के 32,080 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमण के मामले बढ़कर 97,35,850 हो गए। वहीं 402 और लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 1,41,360 हो गई।

आंकड़ों के अनुसार देश में कुल 92,15,581 लोगों के ठीक होने के साथ ही मरीजों के ठीक होने की दर 94.66 प्रतिशत हो गई है। वहीं कोविड-19 से मृत्यु दर 1.45 प्रतिशत है।

देश में लगातार तीन दिनों से उपचाराधीन लोगों की संख्या चार लाख से कम है। देश में अभी 3,78,909 लोगों का कोरोना वायरस संक्रमण का इलाज चल रहा है, जो कुल मामलों का 3.89 प्रतिशत है।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

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