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Encephalitis: 2 मिनट में जानें जानलेवा चमकी बुखार के लक्षण, कारण और बचने के उपाय

By उस्मान | Updated: June 18, 2019 12:40 IST

बिहार में Encephalitis से अब तक 110 बच्चों की मौत हो गई है और 500 से ज्यादा बच्चे विभिन्न अस्पतालों में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। इसे 'चमकी' बुखार के नाम से भी जाना जाता है।

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बिहार में दिमागी बुखार (Acute Encephalitis Syndrome (AES) का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। इससे अब तक 110 बच्चों की मौत हो गई है और 500 से ज्यादा बच्चे विभिन्न अस्पतालों में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। इसे 'चमकी' बुखार के नाम से भी जाना जाता है। यह दिमाग की सूजन है जिससे मरीज को तेज बुखार चढ़ता है और दिमाग का कामकाज प्रभावित होता है। एईएस के लक्षण फ्लू जैसे ही हैं जिसमें तेज बुखार के साथ सिरदर्द, थकान, मतली, सुस्ती, उल्टी और मांसपेशियों में ऐंठन होना शामिल हैं। भारत में एईएस का सबसे बड़ा कारण जापानी बुखार या जापानी  इंसेफेलाइटिस वायरस है। इसके अलावा बैक्टीरिया, फंगस, परजीवी, कैमिकल्स, टॉक्सिन और स्पाइरोकेटस आदि भी इस बीमारी का कारण हैं। 

चमकी बुखार क्या है (What is Encephalitis)

चमकी बुखार या इंसेफेलाइटिस दिमाग की सूजन है जिसमें रोगी को तेज बुखार के साथ सिरदर्द होता है और दिमाग का कामकाज प्रभावित होता है। यह दो तरह का होता है जापानी बुखार (Japanese Encephalitis JE) और एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (Acute Encephalitis Syndrome AES)। जेई क्यूलेक्स (Cu-lex) मच्छर के काटने से होता है जबकि एईएस विभिन्न तरह के वायरस, बैक्टीरिया, फंगस, परजीवी और कैमिकल्स की वजह से होता है।

चमकी बुखार के लक्षण (Symptoms of Acute Encephalitis Syndrome)

चमकी बुखार या इंसेफेलाइटिस के मुख्य लक्षणों में थकान, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, बुखार, मतली, उल्टी, बेचैनी, कम दिखाई देना, बालों का झड़ना, कमजोरी, लकवा आदि शामिल हैं।  

चमकी बुखार का इलाज (Treatment of Acute Encephalitis Syndrome)

इस बीमारी के इलाज के लिए डॉक्टर एंटीवायरल दवाएं, एंटीइंफ्लेमेटरी दवाएं, बेड रेस्ट के साथ और तरल पदार्थों के सेवन की सलाह देते हैं। 

चमकी बुखार से ऐसे करें बचाव (Preventive Measures of Acute Encephalitis Syndrome)

इससे बचने के लिए आपको हमेशा वैक्सीन लेनी चाहिए। मच्छरों से बचाव करें और हमेशा शरीर के किसी हिस्से को खुला न छोड़ें। खाने से पहले और बाद में हाथों को अच्छी तरह धोएं। खानेपीने का विशेष ध्यान रखें क्योंकि कुपोषित बच्चों को इसका सबसे अधिक खतरा होता है। 

इस बात का रखें ध्यानचमकी बुखार के लक्षणों में लगातार कुछ दिनों तक तेज बुखार आना, शरीर में कभी ना ख़त्म होने वाली कमजोरी, शरीर में एंठन होना, सुस्ती, सिरदर्द, उल्टी,  कब्ज, बेहोशी, कोमा और लकवा आदि शामिल हैं। इस तरह का कोई भी लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।

टॅग्स :चमकी बुखारहेल्थ टिप्समेडिकल ट्रीटमेंटबिहार
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