लाइव न्यूज़ :

धीरे-धीरे आपको गंजेपन, मोटापा, घेंघा, बवासीर जैसे 10 रोगों का मरीज बना देती है इस तत्व की कमी

By उस्मान | Updated: April 9, 2019 16:00 IST

अगर आपको थोड़ा सा काम करने पर थकान और कमजोरी महसूस होने लगती है या आपकी याददाश्त कमजोर होती जा रही है, तो आपको तुरंत इस पोषक तत्व का सेवन बढ़ा देना चाहिए.

Open in App

आयोडीन इंसान के जीवन के लिए आवश्यक है, क्योंकि यह थायराइड हार्मोन के उत्पादन के लिए आवश्यक प्रमुख घटक है। शरीर अपने आप इस हार्मोन का उत्पादन करने में सक्षम नहीं है, इसलिए इंसान को इस तत्व से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए। आयोडीन की कमी से आपको और भी कई समस्याएं हो सकती हैं। अगर इन समस्याओं का सही इलाज न कराया जाए, तो आपको कैंसर या हार्ट अटैक सहित कई गंभीर बीमारियों हो सकती हैं। दिल्ली के मशहूर जरनल फिजिशियन डॉक्टर अजय लेखी आपको कुछ ऐसे लक्षण बता रहे हैं जिन्हें देख आप पहचान सकते हैं कि आप आयोडीन की कमी का शिकार हो गए हैं।  

1) बालों का झड़ना, खुजलीबालों का झड़ना और हर समय त्वचा में खुजली होना इस बात संकेत हो सकता है कि आपको आयोडीन की आवश्यकता है। यह त्वचा की नमी बनाए रखता है। इतना है नहीं यह चेहरे को झुर्रियों से बचाता है। यह तत्व लंबे और चमकदार बालों के लिए एक जाना जाता है। यह हेयर फॉलिकल को संक्रमण से बचाता है।

2) लगातार वजन बढ़नामेटाबोलिज्म धीमा होना आयोडीन की कमी का लक्षण है। अगर तमाम कोशिशों के बावजूद आपका वजन लगातार बढ़ता जा रहा है, तो आपको सतर्क हो जाना चाहिए। इसका कारण यह है कि मेटाबोलिज्म धीमा होने से खाना सही तरह नहीं पचता है जिससे आपका मोटापा बढ़ने लगता है।    

3) थकान और कमजोरीअध्ययनों से पता चला है कि कम थायराइड हार्मोन वाले लगभग 88% लोगों में यह समस्या है। अगर आपको लगता है कि पहले आप जो काम करते थे, अब उसे करने में आपको ज्यादा थकान या कमजोरी महसूस हो रही है, तो आप सतर्क हो जायें क्योंकि यह आयोडीन की कमी के कारण हो सकता है।

4) याददाश्त कमजोर होना2014 में किए गए एक अध्ययन के अनुसार, थायराइड हार्मोन के निम्न स्तर वाले लोगों में एक हिप्पोकैम्पस होता है। यह मस्तिष्क का हिस्सा है जो दीर्घकालिक स्मृति को नियंत्रित करता है। यही कारण है कि आयोडीन की कमी से सीखने और याद रखने की क्षमता प्रभावित होती है। इसके अलावा, मेटाबोलिज्म धीमा होने से मस्तिष्क की क्षमता प्रभावित होती है। 

5) गण्डमाला या घेंघा रोग गर्दन पर सूजन को आमतौर पर एक गण्डमाला कहा जाता है और तब होता है, जब थायरॉयड ग्रंथि असामान्य रूप से बड़ी हो जाती है। जब शरीर में पर्याप्त आयोडीन नहीं होता है, तो थायराइड पर्याप्त हार्मोन का उत्पादन करने में सक्षम नहीं होता है और रक्त से तत्व को अवशोषित करने के लिए कड़ी मेहनत करता है। यह प्रक्रिया इसकी कोशिकाओं को सामान्य से अधिक गुणा और बढ़ने का कारण बनती है, जिससे हमारी गर्दन सूजन आ जाती है।

6) कब्ज हाइपोथायरायडिज्म आपके पाचन तंत्र को भी प्रभावित कर सकता है। थायरॉयड से आपका पेट और आंतों के कामकाज को प्रभावित करता है। यही कारण है कि कुछ लोगों को पर्याप्त आयोडीन नहीं मिलने पर कब्ज का अनुभव होता है।

टॅग्स :हेल्थ टिप्सहेल्थी फूड
Open in App

संबंधित खबरें

स्वास्थ्यसन फार्मा ने लॉन्च किया ‘हार्ट के लिए 8- मेकिंग इंडिया हार्ट स्ट्रॉन्ग’ कैंपेन, दिल के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए भारतीयों से रोजाना में अच्छी आदतें अपनाने का आग्रह

स्वास्थ्यरात में सिर्फ़ 11 मिनट ज़्यादा सोने से हार्ट अटैक का खतरा हो सकता है कम

स्वास्थ्यक्या हीटवेव के दौरान आपकी किडनी को खतरा है? पीक गर्मी आने से पहले जानने हैल्थ टिप्स की ज़रूरी बातें

स्वास्थ्यWorld Hearing Day: जम्‍मू कश्‍मीर में सुनने की क्षमता में बढ़ती कमी पर विशेषज्ञों ने जताई चिंता, जानें वजह

स्वास्थ्यWorld Hearing Day 2026: लंबे समय तक ईयरफोन का इस्तेमाल आपकी सुनने की शक्ति को कैसे पहुंचा सकता है नुकसान

स्वास्थ्य अधिक खबरें

स्वास्थ्यऑटिज्म : समझ और स्वीकार्यता की जरूरत

स्वास्थ्यफोर्टिफाइड चावल : पोषण या स्वास्थ्य पर संकट ?

स्वास्थ्यचीनी का सेवन कम कीजिए और खाना बनाते समय तेल का प्रयोग 10 प्रतिशत तक घटाएं?, प्रधानमंत्री मोदी बोले-छोटे प्रयास करिए और मोटापे को दूर भगाएं?

स्वास्थ्यसाल 2024 में 34539 लोगों की मौत हार्ट अटैक?, दिल्ली पुलिस और iLive Connect में करार, हृदय बीमारी पर वार

स्वास्थ्य1 अप्रैल से महंगी होंगी दवाइयां; पेनकिलर और एंटीबायोटिक के लिए देने होंगे इतने रुपये, जानें कितनी ढीली होगी जेब