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UP Ki Taja Khabar: लॉकडाउन में फंसे पति के नहीं लौट पाने पर महिला ने की खुदकुशी

By भाषा | Updated: April 30, 2020 13:42 IST

पुलिस की मानें तो पूछताछ के दौरान मृतका की बहन ने पुलिस को बताया है कि ओमप्रकाश काफी दिनों से बरेली से वापस नहीं लौटे थे। इस वजह से शीतल परेशान थी।

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ठळक मुद्देपुलिस ने बताया कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। लॉकडाउन में फंसे प्रवासी मजदूर, छात्र, तीर्थयात्री और सैलानी अब अपने राज्य जा सकेंगे। हालांकि इसके लिए राज्य की सहमति की जरूरत होगी।

नोएडा: नोएडा के थाना फेस-2 क्षेत्र के याकूबपुर गांव में रहने वाली 24 वर्षीय महिला ने कथित रूप से मानसिक तनाव के चलते अपने घर पर पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने बताया कि महिला का पति अपने गृह जनपद बरेली गया हुआ था और लॉकडाउन की वजह से वह लौट नहीं पा रहा था जिस वजह से वह तनाव में थी।

पुलिस उपायुक्त (जोन द्वितीय) हरीश चंदर ने बताया कि बबली भाटी के मकान में ओमप्रकाश अपनी पत्नी शीतल (25 वर्ष) तथा साली मिथिलेश के साथ रहते हैं। लॉकडाउन से पहले ओमप्रकाश अपने गृह जनपद बरेली गया था, इसी बीच लॉकडाउन हो गया और वह नोएडा नहीं आ पाया। उन्होंने बताया कि शीतल और उसकी बहन याकूबपुर गांव में ही रह रहे थे।

चंदर ने बताया कि आज सुबह शीतल ने अपने घर पर पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। उन्होंने बताया कि घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

डीसीपी ने बताया कि पूछताछ के दौरान मृतका की बहन ने पुलिस को बताया है कि ओमप्रकाश काफी दिनों से बरेली से वापस नहीं लौटे थे। इस वजह से शीतल परेशान थी। उन्होंने बताया कि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।  

बता दें कि देश में जारी कोरोना संकट के बीच केंद्र सरकार ने लॉकडाउन में फंसे लोगों को बड़ी राहत दी है। लॉकडाउन में फंसे प्रवासी मजदूर, छात्र, तीर्थयात्री और सैलानी अब अपने राज्य जा सकेंगे। हालांकि इसके लिए राज्य की सहमति की जरूरत होगी।  गृह मंत्रालय की तरफ से जारी किए गए दिशा निर्देश के अनुसार दूसरे राज्यों में जाने की इजाजत सिर्फ बसों के माध्यम से ही मिलेगी और घर पहुंचने के बाद उन्हें क्वारंटाइन में रहना होगा।

गृह मंत्रालय की तरफ से जारी दिशा निर्देश के अनुसार सभी राज्यों को फंसे हुए लोगों को भेजने, अपने यहां बुलाने के लिये नोडल प्राधिकारी नियुक्त करने होंगे और मानक प्रोटोकॉल तैयार करना होगा। नोडल अधिकारी अपने राज्यों या केंद्र शासित क्षेत्रों में फंसे लोगों को पंजीकृत करेंगे। अगर फंसे हुए लोगों का समूह एक राज्य से दूसरे राज्य में जाना चाहता है तो राज्य एक-दूसरे से परामर्श कर सड़क मार्ग से आवाजाही पर परस्पर सहमत हो सकते हैं।

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