Unnao case: verdict on murder of victim's father postponed, Delhi court will give verdict on March 4 | उन्नाव केस: पीड़िता के पिता की हत्या के मामले में फैसला टला, दिल्ली की कोर्ट 4 मार्च को सुनाएगी निर्णय
भाजपा के निष्कासित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने उत्तर प्रदेश के उन्नाव में तीन साल पहले पीड़िता से बलात्कार किया था।

Highlightsपीड़िता के पिता की हत्या के मामले में दिल्ली की कोर्ट 4 मार्च को सुनाएगी फैसलापीड़िता के पिता की नौ अप्रैल, 2018 को न्यायिक हिरासत में मौत हो गई थी।

दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार को उन्नाव बलात्कार मामले की पीड़िता के पिता की हत्या के मामले में अपने फैसले को अगले हफ्ते तक के लिए टाल दिया। भाजपा के निष्कासित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने उत्तर प्रदेश के उन्नाव में तीन साल पहले पीड़िता से बलात्कार किया था। पीड़िता के पिता की नौ अप्रैल, 2018 को न्यायिक हिरासत में मौत हो गई थी।

जिला न्यायाधीश धर्मेश शर्मा ने फैसला अगले हफ्ते तक टाल दिया जो अब बुधवार को सुनाया जाएगा। केंद्रीय जांच ब्यूरो ने मामले के पक्ष में 55 गवाह पेश किए जबकि बचाव पक्ष ने नौ गवाहों से सवाल-जवाब किए। अदालत ने बलात्कार पीड़िता के रिश्तेदार, मां, बहन और उसके पिता के एक सहयोगी का बयान लिया जिसने घटना का प्रत्यक्षदर्शी होने का दावा किया था।

अदालत ने महिला से बलात्कार के दोष में सेंगर को 20 दिसंबर को ताउम्र जेल की सजा सुनाई थी। पीड़िता 2017 में हुई इस घटना के वक्त नाबालिग थी। सीबीआई के मुताबिक तीन अप्रैल, 2018 को पीड़िता के पिता और शशि प्रताप सिंह के बीच विवाद हुआ था। 13 जुलाई, 2018 को दायर आरोप-पत्र के मुताबिक पीड़िता के पिता और उनके सहकर्मी अपने गांव माखी से लौट रहे थे जब उन्होंने सिंह से लिफ्ट मांगी थी।

सिंह ने उन्हें लिफ्ट देने से मना कर दिया और तीनों के बीच बहस शुरू हो गई। सिंह ने अपने साथियों को बुलाया जिसके बाद विधायक का भाई अतुल सिंह सेंगर अन्य के साथ मौके पर पहुंचा और पीड़िता के पिता तथा उनके सहकर्मी की पिटाई की। पीड़िता के पिता को बाद में वे लोग थाने ले गए और उनके खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की गई।

आरोप-पत्र में कहा गया कि इस पूरे वाकये के दौरान कुलदीप सेंगर जिले के पुलिस अधीक्षक और माखी पुलिस थाने के प्रभारी अशोक सिंह भदौरिया के साथ संपर्क में रहा। बाद में उसने पीड़िता के पिता की जांच करने वाले डॉक्टर से भी बात की थी। इससे पहले अदालत ने सेंगर, उसके भाई अतुल, भदौरिया, उप निरीक्षक कामता प्रसाद, कॉन्स्टेबल आमिर खान और मामले में छह अन्य के खिलाफ आरोप तय किए थे।

उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर एक अगस्त को यह मामला उत्तर प्रदेश की निचली अदालत से दिल्ली स्थानांतरित किया गया था। जुलाई में एक ट्रक ने उस कार को टक्कर मार दी थी जिसमें बलात्कार पीड़िता अपने परिवार के कुछ लोगों और अपने वकील के साथ सफर कर रही थी।

इस हादसे में पीड़िता के दो रिश्तेदारों की मौत हो गई थी। बेहतर स्वास्थ्य सुविधा के लिए उसे लखनऊ के अस्पताल से दिल्ली के एम्स लाया गया था क्योंकि उसकी हालत लगातार नाजुक बनी हुई थी। सीआरपीएफ की सुरक्षा में दिल्ली में उसके रहने की व्यवस्था की गई थी। 

Web Title: Unnao case: verdict on murder of victim's father postponed, Delhi court will give verdict on March 4
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