नीट की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला पहुंचा मानवाधिकार आयोग, पटना हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र 

By एस पी सिन्हा | Updated: January 19, 2026 16:51 IST2026-01-19T16:50:51+5:302026-01-19T16:51:49+5:30

छात्रा के शरीर पर मिले चोटों के निशान, परिस्थितिजन्य साक्ष्य और बाद की मेडिकल रिपोर्ट यह संकेत देते हैं कि इस घटना को जानबूझकर आत्महत्या का रूप देने की साज़िश रची गई।

patna case suspicious death student preparing NEET reached Human Rights Commission letter Chief Justice of Patna High Court and Supreme Court | नीट की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला पहुंचा मानवाधिकार आयोग, पटना हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र 

file photo

Highlightsपोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई, तो जांच की दिशा अचानक क्यों बदल गई? क्या इससे पहले जानबूझकर गलत नैरेटिव गढ़ा जा रहा था?बेटी के साथ अन्याय हुआ है और दोषियों को बचाने की कोशिश की जा रही है।

पटनाः बिहार की राजधानी पटना में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला अब मानवाधिकार आयोग तक पहुंच गया है। मुजफ्फरपुर के मानवाधिकार मामलों के अधिवक्ता सुबोध कुमार झा ने इस मामले में दो अलग-अलग याचिकाएं दायर कर उच्चस्तरीय हस्तक्षेप की मांग की है। इतना ही नहीं, अधिवक्ता झा ने पटना हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को भी पत्र लिखकर इंसाफ की गुहार लगाई है। उनका आरोप है कि इस पूरे मामले में शुरुआत से ही सच्चाई पर परदा डालने की कोशिश की गई। मानवाधिकार अधिवक्ता एस.के. झा का कहना है कि छात्रा के शरीर पर मिले चोटों के निशान, परिस्थितिजन्य साक्ष्य और बाद की मेडिकल रिपोर्ट यह संकेत देते हैं कि इस घटना को जानबूझकर आत्महत्या का रूप देने की साज़िश रची गई।

उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि, “किसी आरोपी को बचाने के लिए यदि जघन्य अपराध को दबाने का प्रयास किया गया है, तो यह खुद एक दंडनीय अपराध है।” उन्होंने सवाल उठाया कि जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई, तो जांच की दिशा अचानक क्यों बदल गई? क्या इससे पहले जानबूझकर गलत नैरेटिव गढ़ा जा रहा था?

अधिवक्ता का आरोप है कि पुलिस, डॉक्टर, वरीय अधिकारी और हॉस्टल संचालक हर स्तर पर ऐसे बयान दिए गए, जो वास्तविक तथ्यों से मेल नहीं खाते थे। यही वजह है कि अब मानवाधिकार आयोग से यह मांग की गई है कि मामले की जांच किसी अवकाश-प्राप्त न्यायाधीश की निगरानी में निष्पक्ष और उच्चस्तरीय तरीके से कराई जाए।

बता दें कि मृत छात्रा जहानाबाद जिले की रहने वाली थी और पटना के मुन्नाचक, कंकड़बाग स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रही थी। छात्रा की मौत के बाद शुरुआती जांच में पुलिस ने इसे आत्महत्या बताने की कोशिश की, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने उस कहानी को बेनकाब कर दिया। इस घटना के बाद से छात्रा के परिवार में गहरा आक्रोश है।

परिजनों का आरोप है कि उनकी बेटी के साथ अन्याय हुआ है और दोषियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। वहीं, इस मामले ने राज्य की कानून-व्यवस्था और छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर उन छात्राओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है, जो पढ़ाई के लिए अपने घरों से दूर रहकर हॉस्टलों में निवास करती हैं।

मंत्री अशोक चौधरी ने विपक्ष पर साधा निशाना

बिहार की राजधानी पटना में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की संदेहास्पद मौत को लेकर मंत्री अशोक चौधरी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि इस मामले को लेकर बेवजह हाय-तौबा मचाई जा रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष लोगों को दिगभ्रमित करने की कोशिश कर रहा है, जबकि पुलिस और एसआईटी पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।

अशोक चौधरी ने कहा कि सरकार और एसआईटी टीम पर भरोसा रखें, बहुत जल्द दो से तीन दिनों के भीतर मामले का उद्भेदन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जांच टीम जहानाबाद भी गई है। अशोक चौधरी ने स्पष्ट किया कि जो भी दोषी होगा, उसे सख्त से सख्त सजा दी जाएगी। किसी को भी नहीं बचाया जाएगा और जिन लोगों ने लापरवाही बरती है, उन सभी पर कार्रवाई होगी। 

वहीं, नीट छात्रा हत्याकांड को लेकर कांग्रेस के प्रदर्शन और सड़क पर उतरने को लेकर लेकर उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास कोई रचनात्मक काम नहीं बचा है। इसलिए वह इस तरह का प्रदर्शन कर रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस कार्रवाई कर रही है और एसआईटी की टीम जहानाबाद तक जांच के लिए गई है। ऐसे में कांग्रेस के प्रदर्शन का कोई औचित्य नहीं है।

उन्होंने कहा कि यह वह सरकार नहीं है जो अपराधियों को संरक्षण देती हो। पिछले 20 वर्षों में ऐसा कोई उदाहरण नहीं है, जहां नीतीश कुमार की सरकार ने अपराधियों को बचाया हो। अपराध में जो भी संलिप्त है, सरकार उनके खिलाफ कार्रवाई कर रही है। पुतला दहन कर कांग्रेस केवल राजनीतिक माइलेज लेना चाहती है।

किसी की बेटी के साथ घटना हुई है और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस मामले को लेकर बेहद संवेदनशील हैं। दोषियों पर निश्चित रूप से कार्रवाई होगी मंत्री अशोक चौधरी ने बताया कि आज से सरकारी कार्यालयों में जनता दरबार की शुरुआत की जा रही है। इससे आम जनता को अधिकारियों से सीधे बातचीत का अवसर मिलेगा और ज्यादा से ज्यादा मामलों का निष्पादन संभव हो सकेगा।

अशोक चौधरी ने इसे एक सकारात्मक और जनहितकारी कदम बताया। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नितिन नवीन के नामांकन पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि नितिन नवीन ने राजनीति में बड़ी कामयाबी हासिल की है। उन्होंने कामना की कि नितिन नबीन एक मजबूत और सफल राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में अपनी पहचान पूरे देश में स्थापित करें।

वहीं, मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह के अस्पताल में सिगरेट पीते वायरल वीडियो को लेकर अशोक चौधरी ने कहा कि सोशल मीडिया के दौर में यह स्पष्ट करना मुश्किल हो गया है कि कोई वीडियो या फोटो कब का है और कब वायरल किया गया है? ऐसे मामलों में तथ्यों की जांच जरूरी है। बता दें कि राजद के द्वारा अनंत सिंह का एक वीडियो शेयर किया गया है। इस वीडियो में अनंत सिंह अस्पताल परिसर में सिगरेट पीते नजर आ रहे हैं।

Web Title: patna case suspicious death student preparing NEET reached Human Rights Commission letter Chief Justice of Patna High Court and Supreme Court

क्राइम अलर्ट से जुड़ीहिंदी खबरोंऔर देश दुनिया खबरोंके लिए यहाँ क्लिक करे.यूट्यूब चैनल यहाँ इब करें और देखें हमारा एक्सक्लूसिव वीडियो कंटेंट. सोशल से जुड़ने के लिए हमारा Facebook Pageलाइक करे