भारत-नेपाल सीमाः नशे गिरफ्त में किशनगंज, अररिया, पूर्णिया?,  ब्राउन शुगर, एमडी, स्मैक की सप्लाई, नशे कारोबारियों के लिए सेफ ज़ोन?

By एस पी सिन्हा | Updated: January 18, 2026 17:29 IST2026-01-18T17:28:46+5:302026-01-18T17:29:59+5:30

India-Nepal border: ब्राउन शुगर 1,057.812 ग्राम की बरामदगी की है। जिसकी अनुमानित कीमत 2,11,56,240 रुपये है, इसमें 87 प्रकरण दर्ज कर 46 मामलों में आरोपितों को गिरफ्तार कर 156 अभियुक्तों को न्यायालय में पेश किया गया।

India-Nepal border Kishanganj, Araria, Purnia grip drugs Supply brown sugar, MD, smack, safe zone drug dealers? | भारत-नेपाल सीमाः नशे गिरफ्त में किशनगंज, अररिया, पूर्णिया?,  ब्राउन शुगर, एमडी, स्मैक की सप्लाई, नशे कारोबारियों के लिए सेफ ज़ोन?

file photo

Highlightsहेरोइन के 22.4 ग्राम और डोडा के 6,335.93 किलोग्राम की बरामदगी की गई।सफेद पाउडर का काला धंधा गांव गांव तक पांव पसारता नजर आने लगी है।नशे के चंगुल में फंसकर अपनी जिंदगी को तबाह व बर्बाद करने में लगे हैं।

पटनाः बिहार के सीमांचल में नशे का कारोबार बढ़ रहा है। कहा जाए तो भारत-नेपाल सीमा से सटा सीमांचल का इलाका इन दिनों नशे के कारोबारियों का सेफ जोन बनता जा रहा है। शराबबंदी के बाद ड्रग्स का धंधा तेजी से परवान चढ़ने लगा है। आए दिन किशनगंज, अररिया, पूर्णिया जिले से ब्राउन शुगर, एमडी, स्मैक जैसे मादक पदार्थ के खेप पकड़ने जाने की खबर सुर्खियां बन रही हैं। युवा और किशोर ड्रग्स की गिरफ्त में आ रहे हैं और तस्करी के लिए महिलाओं का इस्तेमाल हो रहा है। जानकारों के अनुसार आज सफेद पाउडर का यह काला धंधा सीमावर्ती जिलों में गांव गांव तक पांव पसारता नजर आने लगी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ऐसे कई गांव हैं, जहां से एसएसबी और पुलिस की कार्रवाई में कई बार इस गोरखधंधे का उजागर किया जा चुका है। इस धंधे में पड़ोसी देश नेपाल, पड़ोसी राज्य बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों से कई संदिग्ध कारोबारी पूर्व में पकड़े जा चुके हैं परंतु अब सीमांचल के युवा वर्ग इस कीमती और जानलेवा नशे के चंगुल में फंसकर अपनी जिंदगी को तबाह व बर्बाद करने में लगे हैं।

नशे की एक छोटी सी पुड़िया से चंद पैसों की लालच और लत में आकर युवा आज मादक पदार्थों की तस्करी से लेकर सेवन तक के आदि बन चुके हैं। युवा लड़के सुबह से शाम तक सूखे नशे की पुड़िया को खपाने और सेवन में ही दिन जाया कर देते हैं। अच्छे अच्छे लोग जो इसके आदि हैं वे इन युवाओं के संपर्क में रहते हैं जिनसे एक एक पुड़िया के एवज में हजारों रुपए लेकर आपूर्ति की जाती है।

गृह मंत्रालय को हाल में भेजी गई एक रिपोर्ट में सीमांचल में फैलते ड्रग्स कारोबार के पीछे खुफिया एजेंसियों ने बड़ी साजिश के तहत राष्ट्रविरोधी ताकतों की संलिप्तता की आशंका जताई है। सूत्रों के अनुसार रिपोर्ट में कहा गया है कि नॉर्थ ईस्ट के रास्ते सीमांचल में स्मैक, चरस, गांजा व ब्राउन शुगर जैसी ड्रग्स की सप्लाई की जा रही है।

आशंका जताई गई है कि पाकिस्तान व चीन में बैठे लोगों की मदद से नार्थ ईस्ट से सीमांचल तक का नेटवर्क संचालित किया जा रहा है। रिपोर्ट में इस बात पर चिंता जताई गई है कि सीमांचल के सभी जिलों के किशोर व युवा तेजी से ड्रग्स के आदी होते जा रहे हैं। इसमें खास तौर पर स्मैक का जिक्र करते हुए कहा गया है कि इसे इसलिए साजिशन हथियार बनाया गया है।

नेपाल के विराटनगर का गेटवे कहे जाने वाले अररिया जिले के फारबिसगंज अनुमंडल के जोगबनी स्थित इंडो-नेपाल बॉर्डर पर मादक पदार्थों की लगातार हो रही बरामदगी तथा तस्करों की गिरफ्तारी चौंकाने वाली है। एक रिपोर्ट के अनुसार पिछले दस महीनों में नेपाल के सुनसरी, झापा व मोरंग जिले से इस धंधे में संलिप्त दस महिलाओं समेत 280 लोगों की गिरफ्तारी तीन किलो से अधिक ब्राउन शुगर व अन्य नशीले पदार्थों के साथ की गई है। समय-समय पर भारत व नेपाल में गिरफ्तार की जा रही महिलाओं से पुलिस को इनपुट मिलता रहा है कि नशीले पदार्थों की तस्करी में ज्यादातर महिलाएं कैरियर का काम कर रहीं हैं।

दरअसल, सीमांचल व इसके आसपास के इलाके में तुलनात्मक रूप से गरीबी व अशिक्षा अधिक है। इसका फायदा इन तस्करों के स्थानीय मददगार उठाते हैं। वे गरीब व लाचार महिलाओं तथा बच्चों को अपना निशाना बना कर कैरियर के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार ये महिलाएं अपने साथ बच्चों को रखती हैं तथा नशीले पदार्थों को उनके स्कूल बैग में रखकर सार्वजनिक वाहन से गंतव्य तक पहुंचती हैं, जहां से स्थानीय मददगार उसकी डिलीवरी ले लेते हैं।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पूर्वोत्तर के राज्यों सहित नेपाल व बांग्लादेश से ड्रग्स की खेप पश्चिम बंगाल पहुंचती है, जहां से उसे डिमांड के अनुसार सीमांचल व नेपाल के इलाकों में पहुंचाया जाता है। ड्रग तस्करों का मजबूत नेटवर्क पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी, इस्लामपुर व पांजीपाड़ा में काम कर रहा है। खासकर पांजीपाड़ा ड्रग्स सप्लाई का ट्रांजिट रूट बना हुआ है।

तस्करों के सिंडिकेट में स्थानीय अपराधी भी शामिल हैं जो उनके मददगार होते हैं। जानकारों के अनुसार महिला कैरियर का चयन स्थानीय अपराधी ही करते हैं। नारकोटिक्स कंट्रोल बोर्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार राज्य में नशीले पदार्थों की तस्करी बढ़ी है। रिपोर्ट के अनुसार बिहार में त्रिपुरा, श्रीलंका, पाकिस्तान व अफगानिस्तान से नशीले पदार्थों तस्करी की जा रही है।

आंकड़ों के अनुसार 1 जनवरी 2025 से 31 दिसंबर 2025 तक बिहार पुलिस ने अवैध कारोबार और अपराध पर सख्त कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में जब्ती और गिरफ्तारी की है। इस अवधि में ब्राउन शुगर, गांजा, हेरोइन, डोडा, नकली शराब, अवैध केमिकल व अन्य मादक पदार्थों के साथ कई आरोपितों को पकड़कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

ब्राउन शुगर 1,057.812 ग्राम की बरामदगी की है। जिसकी अनुमानित कीमत 2,11,56,240 रुपये है, इसमें 87 प्रकरण दर्ज कर 46 मामलों में आरोपितों को गिरफ्तार कर 156 अभियुक्तों को न्यायालय में पेश किया गया। गांजा के 119.818 किलोग्राम, हेरोइन के 22.4 ग्राम और डोडा के 6,335.93 किलोग्राम की बरामदगी की गई, जिनकी संयुक्त बाजार कीमत करोड़ों में आंकी गई है।

बिहार के डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि सूचना मिलते ही पुलिस के द्वारा ड्रग्स तस्करों की गिरफ्तारी की जा रही है। आए दिन सीमांचल के विभिन्न जिलों में तस्करों को गिरफ्तार कर कानून सम्मत कार्रवाई की जा रही है। इस धंधे में पड़ोसी देश नेपाल, पड़ोसी राज्य बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों से कई संदिग्ध कारोबारी पूर्व में पकड़े जा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि वक्त रहते समाज के जिम्मेदार लोगों को आगे आने और एक मजबूत पहल के साथ इसके रोकथाम को लेकर अपनी भूमिका निभानी होगी वर्ना देर हो जाएगी फिर हम हाथ पे हाथ धरे बैठे रहने के सिवाए और कुछ नहीं कर पाएंगे।

Web Title: India-Nepal border Kishanganj, Araria, Purnia grip drugs Supply brown sugar, MD, smack, safe zone drug dealers?

क्राइम अलर्ट से जुड़ीहिंदी खबरोंऔर देश दुनिया खबरोंके लिए यहाँ क्लिक करे.यूट्यूब चैनल यहाँ इब करें और देखें हमारा एक्सक्लूसिव वीडियो कंटेंट. सोशल से जुड़ने के लिए हमारा Facebook Pageलाइक करे