गाजीपुर पुलिस मौत के मामले में निषाद पार्टी का महासचिव मुख्य आरोपी, भीड़ को उकसाने का वीडियो वायरल

By पल्लवी कुमारी | Published: January 1, 2019 09:34 AM2019-01-01T09:34:04+5:302019-01-01T09:34:04+5:30

गाजीपुर में हुए पथराव में हेड कांस्टेबल सुरेश प्रताप सिंह वत्स के मौत के बाद इस मामले में दर्ज हुए तीन मुकदमों में अब तक कुल 19 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

Ghazipur violence: Nishad Party chief is named in FIR proofs have been collected | गाजीपुर पुलिस मौत के मामले में निषाद पार्टी का महासचिव मुख्य आरोपी, भीड़ को उकसाने का वीडियो वायरल

गाजीपुर पुलिस मौत के मामले में निषाद पार्टी का महासचिव मुख्य आरोपी, भीड़ को उकसाने का वीडियो वायरल

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उत्तर प्रदेश  के गाजीपुर में पथराव के दौरान पुलिसकर्मी की मौत के मामले में निषाद पार्टी के महासचिव को यूपी पुलिस ने मुख्य आरोपी बनाया है। प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओम प्रकाश सिंह के मुताबिक, गाजीपुर में हुए पथराव में हेड कांस्टेबल सुरेश प्रताप सिंह वत्स की मृत्यु अत्यन्त दुखद है। इस मामले में दर्ज हुए तीन मुकदमों में अब तक कुल 19 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जिसका मुख्य आरोपी निषाद पार्टी के महासचिव ओम प्रकाश को बनाया गया है। बता दें कि निषाद पार्टी प्रदेश में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी का सहयोगी दल है। खबरों के मुताबिक धटना के बाद आरोपी फरार है। 

गाजीपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली के बाद पत्थरबाजी में पुलिसकर्मी की मौत हो गई थी। अभी तक इस मामले में 19 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। एक अधिकारी ने बताया कि ये सभी उस भीड़ का हिस्सा थे, जिन्होंने पुलिस पर पथराव किया और उन पर लाठियों से हमला किया था। 

घटना के पहले निषाद पार्टी के महासचिव और यूपी पुलिस के झड़प 

द रिपब्लिक ने गाजीपुर वाली घटना के कुछ समय के पहले का एक वीडियो भी शेयर किया है, जिसमें साफ दिख रहा है कि निषाद पार्टी के महासचिव का यूपी पुलिस के झड़प हो रहा है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस घटना को स्थानीय प्रशासन की नाकामी करार देते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री की रैली की वजह से प्रशासन और पूरे खुफिया विभाग को पता था कि कहां पर किसका धरना-प्रदर्शन होने वाला है, मगर इसके बावजूद यह दुखद घटना घट गयी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इसकी आड़ में निर्दोष लोगों को परेशान किया जा रहा है। मालूम हो कि गाजीपुर जिले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रैली में जाने से रोके जाने से नाराज लोगों द्वारा किए गए पथराव में हेड कांस्टेबल वत्स की मृत्यु हो गयी थी।

सीएम योगी ने पुलिसकर्मी के परिजन को 40 लाख रूपये देने का किया ऐलान 


जिला पुलिस अधीक्षक यशवीर सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय निषाद पार्टी के कार्यकर्ताओं को पुलिस तथा प्रशासन ने प्रधानमंत्री की रैली में जाने से रोका था। इससे नाराज होकर उन्होंने जगह-जगह रास्ता जाम कर दिया और रैली से लौटने वाले वाहनों पर पथराव किया। इस दौरान जाम खुलवाने गये हेड कांस्टेबल सुरेश वत्स (48) के सिर पर पत्थर लगने से उसकी मौत हो गयी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृत पुलिसकर्मी के परिजन को 40 लाख रूपये और उनके माता-पिता को 10 लाख रुपये की सहायता का ऐलान करते हुए इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिये हैं।

क्या था पूरा मामला

हेड कांस्टेबल सुरेश प्रताप सिंह वत्स (48) शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक जनसभा कार्यक्रम से वापस लौट रहे थे। रास्ते में प्रदर्शनकारियों ने वाहनों पर पथराव कर दिया। जब वह प्रदर्शनकारियों द्वारा लगाये गए जाम को समाप्त कराने के लिए उतरे तो उनके सिर पर एक पत्थर लगा जिससे उनकी मौत हो गई। उनकी हत्या के सिलसिले में 19 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। 

गाजीपुर की यह घटना बुलंदशहर जिले में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या के लगभग एक महीने बाद हुई है। सुबोध कुमार सिंह को कथित गोकशी को लेकर भीड़ द्वारा हिंसा के बीच गोली मार दी गई थी। उन्हें कथित रूप से गोली मारने वाले व्यक्ति को गत सप्ताह गिरफ्तार किया गया था।

Web Title: Ghazipur violence: Nishad Party chief is named in FIR proofs have been collected