पद्म पुरस्कार 2026ः 5 खिलाड़ी और 2 कोच को पद्म सम्मान, जानिए कौन हैं ये 7 महान शख्सियत

Padma Awards 2026: पूर्व डेविस कप स्टार अमृतराज को इससे पहले 1983 में पद्म श्री और 1974 में अर्जुन पुरस्कार मिल चुका है।

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 25, 2026 21:50 IST

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ठळक मुद्देPadma Awards 2026: विम्बलडन और अमेरिकी ओपन में एकल वर्ग के क्वार्टर फाइनल में दो-दो बार जगह बनाई थी।Padma Awards 2026: भारत के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म श्री के लिए चुना गया।Padma Awards 2026: भारतीय पुरुष क्रिकेट में एक महत्वपूर्ण नेतृत्व चरण के बाद मिला है।

नई दिल्लीः महान टेनिस खिलाड़ी विजय अमृतराज, विश्व कप विजेता कप्तान रोहित शर्मा और हरमनप्रीत कौर उन प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन्हें रविवार को 2026 के लिए घोषित पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। विजय अमृतराज इस वर्ष पद्म भूषण पाने वाले एकमात्र खिलाड़ी रहे। यह भारत का तीसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है जो एमेच्योर और शुरुआती ओपन युग के दौरान भारतीय टेनिस को वैश्विक पहचान दिलाने में उनके अग्रणी योगदान के लिए दिया गया। पूर्व डेविस कप स्टार अमृतराज को इससे पहले 1983 में पद्म श्री और 1974 में अर्जुन पुरस्कार मिल चुका है।

उन्होंने विम्बलडन और अमेरिकी ओपन में एकल वर्ग के क्वार्टर फाइनल में दो-दो बार जगह बनाई थी और बाद में विभिन्न प्रशासनिक व राजदूत जैसी भूमिकाओं में भारतीय खेल की सेवा की। पूर्व भारतीय कप्तान रोहित शर्मा और 2025 महिला वनडे विश्व कप विजेता कप्तान हरमनप्रीत कौर उन कई खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन्हें भारत के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म श्री के लिए चुना गया।

रोहित शर्मा को यह सम्मान भारतीय पुरुष क्रिकेट में एक महत्वपूर्ण नेतृत्व चरण के बाद मिला है। कप्तान के रूप में उन्होंने भारत को दो आईसीसी खिताब दिलाए जिसमें 2024 में टी20 विश्व कप और 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी शामिल है। टी20 विश्व कप जीतने के बाद रोहित ने इस प्रारूप से संन्यास ले लिया और 2025 में टेस्ट क्रिकेट को भी अलविदा कह दिया जबकि वह वनडे क्रिकेट में खेल रहे हैं।

हरमनप्रीत कौर को भारतीय महिला क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक वर्ष के बाद पद्म श्री मिला। 2025 में उन्होंने घरेलू धरती पर भारत को पहली बार आईसीसी महिला विश्व कप खिताब दिलाया। नवी मुंबई में खेले गए फाइनल में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को हराया। इस जीत के साथ हरमनप्रीत महिला विश्व कप जीतने वाली पहली भारतीय कप्तान बनीं और एमएस धोनी के बाद घरेलू मैदान पर विश्व कप जीतने वाली कुल मिलाकर दूसरी भारतीय कप्तान रहीं।

पद्म श्री से सम्मानित अन्य खिलाड़ियों में पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता ऊंची कूद खिलाड़ी प्रवीण कुमार, भारतीय महिला हॉकी टीम की गोलकीपर सविता पूनिया, अनुभवी कोच बलदेव सिंह और के पजनीवेल शामिल हैं। प्रवीण (22 साल) ने पेरिस पैरालंपिक में पुरुषों की टी64 ऊंची कूद में 2.08 मीटर की अपनी सर्वश्रेष्ठ कूद से स्वर्ण पदक जीता था।

इस वर्ग में ऐसे एथलीट शामिल होते हैं जिनके हाथ-पैर में कमी होती है या पैरों की लंबाई में काफी अंतर होता है। जन्म से ही एक पैर छोटा होने के बावजूद प्रवीण ने पहले तोक्यो पैरालंपिक में रजत पदक जीता था और 2022 एशियाई पैरा खेलों में शीर्ष पर रहे थे। दूसरी ओर सविता एक दशक से भी ज्यादा समय से भारतीय महिला हॉकी टीम का मुख्य हिस्सा रही हैं और उन्हें अपनी पीढ़ी की सबसे बेहतरीन गोलकीपरों में से एक माना जाता है। राजस्थान की 35 वर्षीय सविता ने 20 साल की उम्र में सीनियर टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया था।

और तोक्यो ओलंपिक में भारत के ऐतिहासिक चौथे स्थान पर रहने में अहम भूमिका निभाई। उनका अनुभव 2016 के रियो ओलंपिक और 2018 महिला हॉकी विश्व कप में भी भारत के लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ, जहां टीम क्वार्टर फाइनल तक पहुंची थी। तोक्यो ओलंपिक के बाद कप्तानी संभालने के बाद सविता ने भारत को बर्मिंघम में 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक और उसी साल एफआईएच नेशंस कप में खिताब दिलाया। उनके नेतृत्व में भारत ने 2023 और 2024 में लगातार महिला एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी खिताब भी जीते।

कोच बलदेव सिंह को भारतीय महिला हॉकी में बदलाव लाने की भूमिका के लिए सम्मान के लिए चुना गया। जमीनी स्तर पर हॉकी को मजबूत करने का श्रेय उन्हें ही दिया जाता है, उन्होंने 50 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों का मार्गदर्शन किया है और देश की सबसे सफल महिला हॉकी नर्सरी में से एक की स्थापना की है।

पूर्व कुश्ती कोच व्लादिमीर मेस्तविरिशविली को मरणोपरांत पद्म श्री से सम्मानित किया गया। मेस्तविरिशविली ने 2003 में देश में आने के बाद लगभग दो दशकों तक चैंपियन खिलाड़ियों की एक पीढ़ी को तैयार किया। उन्होंने 1982 से 1992 तक जॉर्जियाई राष्ट्रीय टीम के कोच के रूप में काम किया था।

लेकिन वह हरियाणा और नयी दिल्ली में बस गए और एक वैश्विक कुश्ती शक्ति के रूप में भारत के उदय में एक अहम व्यक्ति बन गए। कुश्ती की दुनिया में प्यार से ‘लाडो’ के नाम से जाने जाने वाले मेस्तविरिशविली ने भारत के कई सबसे मशहूर पहलवानों के शुरुआती विकास में अहम भूमिका निभाई।

उन्होंने ओलंपिक पदक विजेता सुशील कुमार, योगेश्वर दत्त और बजरंग पूनिया को ट्रेनिंग दी थी। तोक्यो ओलंपिक के रजत पदक विजेता रवि दहिया और विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता दीपक पूनिया भी शुरूआती दिनों में उनके मार्गदर्शन में ट्रेनिंग करते थे। केंद्र सरकार ने वर्ष 2026 के लिए कुल 131 पद्म पुरस्कारों की घोषणा की है जिनमें पांच पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री शामिल हैं। ये सम्मान खेल, कला, साहित्य और लोक सेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में दिए गए हैं। 

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