Ishan Kishan: आखिर क्या कर रहे हैं इशान किशन, मोरे अकादमी में पंड्या बंधुओं के साथ कर रहे अभ्यास, बीसीसीआई ले सकता है एक्शन

Ishan Kishan: ईशान किशन आईपीएल में दिख सकते हैं। संयोग से हार्दिक पंड्या मुंबई इंडियंस के कप्तान हैं। ग्रेड-सी दिया गया है और हर साल एक करोड़ मिलता है। 

By सतीश कुमार सिंह | Published: February 8, 2024 11:07 AM2024-02-08T11:07:42+5:302024-02-08T11:09:47+5:30

Ishan Kishan training with Pandya brothers Hardik and Krunal at Kiran More academy BCCI can take action given Grade-C and gets Rs 1 crore every year | Ishan Kishan: आखिर क्या कर रहे हैं इशान किशन, मोरे अकादमी में पंड्या बंधुओं के साथ कर रहे अभ्यास, बीसीसीआई ले सकता है एक्शन

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Highlightsईशान किशन बड़ौदा में किरण मोरे अकादमी में प्रशिक्षण ले रहे हैं। झारखंड क्रिकेट एसोसिएशन और बीसीसीआई को रिपोर्ट नहीं किया है। बीसीसीआई इस हरकत से परेशान है और एक्शन ले सकते हैं।

Ishan Kishan team india: विकेटकीपर ईशान किशन को भारतीय टीम में हलचल तेज है। किशन ने पिछले साल नवंबर से कोई मैच नहीं खेला है। दिसंबर के मध्य में दक्षिण अफ्रीका सीरीज से हटने के बाद क्रिकेट से दूर हैं। किशन व्यक्तिगत कारणों से दक्षिण अफ्रीका टेस्ट सीरीज से नाम वापस ले लिया था। भारतीय टीम के मुख्य कोच राहुल द्रविड़ ने कहा था कि विकेटकीपर ईशान किशन को राष्ट्रीय टीम में चयन के विचार के लिए ‘किसी प्रकार का क्रिकेट’ खेलना शुरू करना होगा। किशन ने अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट से लंबे ब्रेक के बारे में पूछा गया तो कहा खिलाड़ी ने खुद ‘ब्रेक’ मांगा था। लंबे समय तक अनुपस्थिति ने रवैये और प्रतिबद्धता पर सवाल उठाए हैं, विकेटकीपर-बल्लेबाज को बड़ौदा में वर्कआउट और अभ्यास करते देखा गया है। किशन बड़ौदा में किरण मोरे अकादमी में प्रशिक्षण ले रहे हैं। पंड्या बंधुओं हार्दिक और क्रूणाल के साथ खेल रहे हैं। किशन रणजी या कोई घरेलू क्रिकेट नहीं खेल रहे हैं। टीम के बाहर होने के बाद झारखंड क्रिकेट एसोसिएशन और बीसीसीआई को रिपोर्ट नहीं किया है। 

यानी किशन आईपीएल में दिख सकते हैं। संयोग से हार्दिक पंड्या मुंबई इंडियंस के कप्तान हैं। किशन इसी टीम के लिए खेलते हैं। हालांकि बीसीसीआई इस हरकत से परेशान है और एक्शन ले सकते हैं। उन्हें कॉन्ट्रेक्ट से बाहर कर सकता है। किशन को ग्रेड-सी दिया गया है और हर साल एक करोड़ मिलता है। किरण मोरे ने क्रिकबज से कहा कि किशन उनकी अकादमी में प्रशिक्षण ले रहे हैं।

पूर्व भारतीय विकेटकीपर इस समय मुंबई इंडियंस की महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) टीम के साथ मुंबई में हैं। राष्ट्रीय कोच राहुल द्रविड़ की इस टिप्पणी के बावजूद कि अगर उनका लक्ष्य है तो उन्हें कुछ खेलों में भाग लेना चाहिए। राष्ट्रीय चयन के लिए विचार किया जाएगा। वह 9 फरवरी से जमशेदपुर में हरियाणा के खिलाफ अपने गृह राज्य झारखंड के रणजी मैच का हिस्सा नहीं होंगे।

इस बात पर चर्चा है कि क्या उनकी लगातार अनुपस्थिति केंद्रीय अनुबंधों के लिए बीसीसीआई के विचार को प्रभावित करेगी। वर्तमान में वह 1 करोड़ रुपये की वार्षिक रिटेनरशिप के साथ ग्रेड सी में हैं। केएस भरत के बिल्कुल भी अच्छा प्रदर्शन नहीं करने के कारण ईशान के पास इंग्लैंड के खिलाफ चल रही टेस्ट सीरीज में खेलने का अच्छा मौका होता, लेकिन हो सकता है कि वह उस अवसर से चूक गए हों।

द्रविड़ ने कहा था कि हर किसी के लिए वापसी का एक तय रास्ता है। मैं किशन मुद्दे पर उस बारे में ज्यादा बात नहीं करना चाहता। मैंने जितना हो सके इसे समझाने की कोशिश की है। मुद्दा यह है कि उसने खुद ‘ब्रेक’ का अनुरोध किया था, हम उसे ‘ब्रेक’ देकर खुश है। भारतीय कोच ने कहा, ‘‘जब भी वह तैयार हो, मैंने यह नहीं कहा कि उसे घरेलू क्रिकेट खेलना है, मैंने कहा कि जब भी वह तैयार है, उसे कुछ क्रिकेट खेलना होगा और वापस आना होगा। यह उसे तय करना है कि वह कब खेलना शुरू करेगा। हम उसे कुछ भी करने के लिए मजबूर नहीं कर रहे हैं।’’

मौजूदा श्रृंखला में केएस भरत की खराब बल्लेबाजी के बाद टीम में किशन की वापसी की मांग उठ रही है। ऋषभ पंत दिसंबर 2022 में कार दुर्घटना की चोट से पूरी तरह से उबरे नहीं है। शुरुआती दो टेस्ट में भरत के अलावा टीम में विकेटकीपर ध्रुव जुरेल भी शामिल थे। द्रविड़ ने कहा, ‘‘ हम किशन के संपर्क में है। उन्होंने अभी तक ठीक से खेलना शुरू नहीं किया है इसलिए फिलहाल इस पर हम विचार नहीं कर सकते। क्योंकि आप जानते हैं कि शायद वह तैयार नहीं है।  ऋषभ के चोटिल होने और अन्य चीजों के कारण हमारे पास विकल्प हैं।

मुझे यकीन है कि चयनकर्ता सभी विकल्पों पर विचार करेंगे’’ द्रविड़ ने कहा कि भरत खुद भी अपनी बल्लेबाजी से खुश नहीं होंगे। उन्होंने कहा, ‘‘ इसके लिए निराशा कड़ा शब्द है। मैं उस शब्द का इस्तेमाल नहीं करूंगा। कई बार युवा खिलाड़ियों को सामंजस्य बिठाने में समय लगता है। वह अपनी गति से आगे बढ़ते है। एक कोच के तौर पर चाहते है कि खिलाड़ी मौके का फायदा उठाये। उसकी विकेटकीपिंग अच्छी है और वह खुद भी यह मानेगा कि वह बल्ले से अच्छा कर सकता था।’’

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