निकली हवा?, पाकिस्तान ने यू-टर्न लिया, 15 फरवरी को भारत के साथ खेलेगा महामुकाबला?

पाकिस्तान ने आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 में भारत बनाम पाकिस्तान मैच का बहिष्कार करने के अपने फैसले से यू-टर्न ले लिया है।

By सतीश कुमार सिंह | Updated: February 8, 2026 17:06 IST2026-02-08T16:53:11+5:302026-02-08T17:06:57+5:30

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Highlightsहरी झंडी मिलने से पहले आईसीसी और पीसीबी ने बातचीत की थी।पल्ला झाड़ने के लिए अपनी सरकार पर दोष मढ़ने की कोशिश की थी।भारत से श्रीलंका में मैच स्थानांतरित करने के अनुरोध को अस्वीकार कर दिया था।

कराचीः पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ आईसीसी टी20 विश्व कप के अपने बहुप्रतीक्षित ग्रुप लीग मुकाबले के बहिष्कार के फैसले पर यू-टर्न लिया है। टीम 15 फरवरी को कोलंबो में भारत के खिलाफ होने वाले मुकाबले खेलेगी। बीसीबी के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम बुलबुल, आईसीसी, पीसीबी और बीसीबी की बैठक के लिए पाकिस्तान पहुंचे। आईसीसी ने चेतावनी दी थी कि अगर पीसीबी पाकिस्तानी सरकार के फैसले से सहमत होकर 15 फरवरी को कोलंबो में मैदान पर नहीं उतरती है, तो उस पर प्रतिबंध लगाए जाएंगे। भारत बनाम पाकिस्तान मैच के लिए हरी झंडी मिलने से पहले आईसीसी और पीसीबी ने बातचीत की थी।

विवाद को शांत करने के उद्देश्य से आईसीसी के उपसभापति इमरान ख्वाजा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल पीसीबी के साथ आमने-सामने की बातचीत के लिए लाहौर पहुंचा। सीईओ संजोग गुप्ता ने भी शनिवार को कोलंबो में पीसीबी के साथ बातचीत की। इस बैठक में बीसीबी प्रमुख अमीनुल इस्लाम भी मौजूद थे।

टीओआई के अनुसार, प्रारंभिक चर्चा के बाद भारत बनाम पाकिस्तान मैच को हरी झंडी मिलने की संभावना है। आईसीसी ने पाकिस्तान से पहले ही स्पष्टीकरण मांगा है कि 'फोर्स मेज्योर' क्लॉज का हवाला देकर भारत के खिलाफ टी20 विश्व कप मैच खेलने से इनकार करने को कैसे उचित ठहराया जा सकता है, जबकि पीसीबी ने इस मामले से पल्ला झाड़ने के लिए अपनी सरकार पर दोष मढ़ने की कोशिश की थी।

लेकिन अब उम्मीद की एक किरण जगी है, क्योंकि पीसीबी ने आईसीसी से विचार-विमर्श के लिए संपर्क किया है। आईसीसी के एक निदेशक का मानना ​​है कि यह बहुप्रतीक्षित मुकाबला अंततः होगा। बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर किए जाने से जुड़ा एक राजनीतिक विरोध माना जा रहा था। विश्व निकाय ने सुरक्षा कारणों से बांग्लादेश के भारत से श्रीलंका में मैच स्थानांतरित करने के अनुरोध को अस्वीकार कर दिया था।

फैसले के साथ टूर्नामेंट में पाकिस्तान की भागीदारी को लेकर चल रही अटकलों का दौर समाप्त हो गया है। भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में हो रहे इस टूर्नामेंट के बीच यह फैसला क्षेत्र में बढ़े राजनीतिक तनाव के माहौल में सामने आया है। भारत-पाकिस्तान मुकाबला किसी भी आईसीसी टूर्नामेंट का सबसे बहुप्रतीक्षित मैच माना जाता है।

जिसे वैश्विक स्तर पर सर्वाधिक दर्शक, प्रायोजकों की रुचि और प्रसारण राजस्व मिलता है। इस मुकाबले के बहिष्कार से आईसीसी के सामने लॉजिस्टिक और नियामकीय चुनौतियां खड़ी होने की आशंका है, क्योंकि टूर्नामेंट के कार्यक्रम, विपणन और व्यावसायिक रणनीति का बड़ा हिस्सा इसी मुकाबले के इर्द-गिर्द तैयार किया गया है।

वॉकओवर की स्थिति में भारत को पूरे अंक मिल जाएंगे, लेकिन आईसीसी के पास पीसीबी पर वित्तीय जुर्माना लगाने का अधिकार भी बना रहेगा। पाकिस्तान सात फरवरी को नीदरलैंड के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत किया, इसके बाद 10 फरवरी को अमेरिका और 18 फरवरी को नामीबिया से भिड़ेगा। पाकिस्तान के सभी मुकाबले कोलंबो के एसएससी मैदान पर खेले जाएंगे।

एशिया कप या आईसीसी टूर्नामेंट में पाकिस्तान और भारत के बीच होने वाले मैच प्रसारकों और आईसीसी के लिए राजस्व का मुख्य स्रोत माने जाते हैं। पिछले साल यूएई में हुए एशिया कप में दोनों टीमों ने एक-दूसरे के खिलाफ तीन मैच खेले थे।

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