टी20 विश्व कपः बांग्लादेश के बाद पाकिस्तान भी होगा बाहर?, पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने कहा- अंतिम फैसला शहबाज शरीफ करेंगे, हम खेलेंगे या नहीं?

icc T20 World Cup: समझौते के तहत पाकिस्तान को अपने सभी मुकाबले श्रीलंका में खेलने हैं, जैसा कि बीसीसीआई के साथ हुए करार में तय किया गया है।

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 24, 2026 19:19 IST2026-01-24T19:10:52+5:302026-01-24T19:19:01+5:30

icc T20 World Cup After Bangladesh will Pakistan also be out PCB Chairman Mohsin Naqvi said final decision taken Shahbaz Sharif we play or not | टी20 विश्व कपः बांग्लादेश के बाद पाकिस्तान भी होगा बाहर?, पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने कहा- अंतिम फैसला शहबाज शरीफ करेंगे, हम खेलेंगे या नहीं?

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Highlightsहम टी20 विश्व कप खेलेंगे या नहीं, इसका फैसला सरकार करेगी। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ इस समय देश से बाहर हैं। उनके लौटने पर हम उनसे सलाह लेंगे।सरकार का निर्णय अंतिम और बाध्यकारी होगा।

लाहौरः पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने शनिवार को कहा कि आगामी टी20 विश्व कप में राष्ट्रीय टीम की भागीदारी पर अंतिम फैसला देश की सरकार करेगी। यह बयान ऐसे समय आया है, जब बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया गया है। नकवी ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह मामला प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के समक्ष रखा जाएगा, जो फिलहाल देश से बाहर हैं और उनकी वापसी के बाद इस पर निर्णय लिया जाएगा। नकवी ने कहा, ‘‘ हम टी20 विश्व कप खेलेंगे या नहीं, इसका फैसला सरकार करेगी।

हमारे प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ इस समय देश से बाहर हैं। उनके लौटने पर हम उनसे सलाह लेंगे। सरकार का निर्णय अंतिम और बाध्यकारी होगा। अगर सरकार ने ‘मना कर दिया’ तो आईसीसी किसी अन्य टीम को आमंत्रित कर सकती है।” बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत की यात्रा से इनकार कर दिया था, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने उन्हें टी20 विश्व कप से बाहर कर स्कॉटलैंड को उनकी जगह शामिल कर लिया। समझौते के तहत पाकिस्तान को अपने सभी मुकाबले श्रीलंका में खेलने हैं, जैसा कि बीसीसीआई के साथ हुए करार में तय किया गया है।

पीसीबी इस मुद्दे पर बांग्लादेश के समर्थन में खड़ा होने वाला एकमात्र सदस्य देश था। बांग्लादेश ने अपने मैच श्रीलंका में कराने की मांग की थी, लेकिन 14 अन्य सदस्य देशों ने इसके खिलाफ मतदान किया। नकवी ने बांग्लादेश को विश्व क्रिकेट का ‘बड़ा हितधारक’ बताते हुए कहा कि आईसीसी ने इस मामले में उसके साथ अनुचित व्यवहार किया है।

उन्होंने कहा, “बांग्लादेश विश्व क्रिकेट का एक बड़ा हितधारक है और इस मामले में उसके साथ अन्याय हुआ है। बुधवार की बैठक में भी मैंने यही बात रखी थी। उनकी स्थिति के पीछे कई कारण हैं, जिनका खुलासा समय आने पर करूंगा।’’ पीसीबी अध्यक्ष ने वैश्विक संस्था की निर्णय प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि ‘एक सदस्य देश’ अनुचित प्रभाव डाल रहा है।

नकवी ने कहा, “एक देश फैसले थोप रहा है। जब आईसीसी ने पाकिस्तान और भारत के मामलों में स्थान बदलकर सुविधा दी, तो बांग्लादेश के लिए ऐसा क्यों नहीं किया गया?’’ उन्होंने आगे कहा, ‘‘हमारी नीति और रुख बिल्कुल स्पष्ट है। जब समय आएगा और सरकार फैसला लेगी, तो सभी को इसकी जानकारी होगी। हम आईसीसी के अधीन नहीं हैं, बल्कि अपनी सरकार के प्रति जवाबदेह हैं। प्रधानमंत्री की वापसी के बाद वही निर्णय लेंगे और हम सरकार के निर्देशों का पालन करेंगे।’’ 

आईसीसी ने बांग्लादेश को टी20 विश्व कप से बाहर कर स्कॉटलैंड को शामिल किया

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने बांग्लादेश को आगामी टी20 विश्व कप से बाहर कर उसकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया है क्योंकि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) ने मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल से बाहर किए जाने के बाद सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए अपनी टीम भारत भेजने से इनकार कर दिया था।

स्कॉटलैंड के शामिल होने से एक महीने से चल रहा असंमजस खत्म हो गया क्योंकि बीसीबी लगातार जोर दे रहा था कि उनके मैच श्रीलंका में स्थानांतरित किए जाएं और यहां तक ​​कि उसने अपने ग्रुप को आयरलैंड के साथ बदलने का भी सुझाव दिया था। हालांकि आयरिश क्रिकेट बोर्ड ने इस सुझाव को साफ तौर पर खारिज कर दिया।

आईसीसी बोर्ड की बैठक में बांग्लादेश के खिलाफ 14-2 के भारी बहुमत से फैसला हुआ कि उसे अपने मुकाबले खेलने के लिए भारत जाना चाहिए। आईसीसी ने बीसीबी को अपना रुख बदलने के लिए 24 घंटे की समय सीमा दी थी, लेकिन आसिफ नजरुल के अड़े रहने के कारण क्रिकेट के दीवाने इस देश की टी20 विश्व कप खेलने की उम्मीदें खत्म हो गईं।

पता चला है कि चेयरमैन जय शाह सहित आईसीसी के वरिष्ठ अधिकारी शुक्रवार को दुबई में मौजूद थे। इसी दिन देर शाम बीसीबी अध्यक्ष अमिनुल इस्लाम बुलबुल को एक ईमेल भेजकर वैश्विक संस्था के फैसले से अवगत कराया गया। आईसीसी के एक सूत्र ने गोपनीयता की शर्त पर कहा, ‘‘कल शाम बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष को ईमेल भेजकर सूचित किया गया कि उनके बोर्ड ने भारत आने या नहीं आने के फैसले पर 24 घंटे की समय-सीमा के भीतर आधिकारिक रूप से आईसीसी को कोई जवाब नहीं दिया, इसलिए यह निर्णय लिया गया। ’’

सूत्र ने कहा, ‘‘बीसीबी ने आईसीसी को औपचारिक जानकारी देने से पहले ढाका में प्रेस कॉन्फ्रेंस की जो प्रोटोकॉल का उल्लंघन था। उन्हें स्पष्ट रूप से बता दिया गया है कि उनकी जगह अब शामिल होने वाली टीम स्कॉटलैंड है। ’’ आईसीसी ने प्रतिभागी सदस्य देशों को भी बांग्लादेश के टूर्नामेंट से हटाए जाने के बारे में सूचित कर दिया है।

बांग्लादेश के खेल मंत्रालय के सलाहकार आसिफ नजरुल ने आईसीसी की ओर से बार बार सुरक्षा आश्वासन दिए जाने के बावजूद भारत यात्रा के खिलाफ सलाह दी थी। इस तरह स्कॉटलैंड ग्रुप चरण में अपने चार मुकाबले वेस्टइंडीज (सात फरवरी), इटली (नौ फरवरी) और इंग्लैंड (14 फरवरी) के खिलाफ कोलकाता में खेलेगा जबकि नेपाल के खिलाफ उसका मैच 17 फरवरी को मुंबई में होगा।

बीसीबी ने हतशा भरे कदम के तहत आईसीसी की विवाद समाधान समिति (डीआरसी) को पत्र लिखकर राष्ट्रीय पुरुष टीम के टी20 विश्व कप मुकाबले भारत में कराने के संचालन परिषद के फैसले को पलटने की मांग की थी लेकिन यह अपील सुनी नहीं जाएगी क्योंकि यह मामला उप-समिति के अधिकार क्षेत्र से बाहर है।

बांग्लादेश के लिए अनिवार्य स्वतंत्र सुरक्षा मूल्यांकन खतरा ‘कम से मध्यम’ था जो सभी टीमों के लिए समान था। लेकिन भारत विरोधी कट्टरपंथी नजरुल ने अंतरिम सरकार के प्रतिनिधि के रूप में एक फरमान जारी किया कि इन परिस्थितियों में टीम को भारत जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। दरअसल नजरुल और राष्ट्रीय टीम के खिलाड़ियों के बीच हुई बैठक एकतरफा बातचीत साबित हुई।

इसमें नजरुल ने ही सारी बात की और स्टार क्रिकेटरों से कहा कि उन्हें टूर्नामेंट में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। बल्कि इसका असर बीसीबी पर वित्तीय रूप से भी बुरी तरह पड़ेगा। बोर्ड को 500,000 अमेरिकी डॉलर की भागीदारी फीस का नुकसान होगा जो हर देश को मिलती है। लेकिन इससे भी बड़ा संभावित नुकसान आईसीसी के वार्षिक राजस्व का होगा।

बीसीबी को सालाना आईसीसी से राजस्व के हिस्से के रूप में 330 करोड़ बांग्लादेशी टका (लगभग 27 मिलियन अमेरिकी डॉलर) मिलते हैं जो उसके वार्षिक बजट का लगभग 60 प्रतिशत है। इसके अलावा टूर्नामेंट नहीं खेलने के कारण प्रायोजक राशि का नुकसान होगा। बीसीबी के पास एकमात्र कानूनी विकल्प स्विट्जरलैंड स्थित खेल पंचाट में जाने का है लेकिन टूर्नामेंट फिर भी जारी रहेगा।

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