संकट में बांग्लादेश क्रिकेट?, टी20 विश्व कप के बहिष्कार के बाद आगे क्या होगा?, BCCI से पंगा लेकर आसिफ नजरुल ने क्या किया?, बड़े मंच पर खेलने का सपना ड्रेसिंग रूम...

Bangladesh cricket in crisis: बांग्लादेश सरकार द्वारा सुरक्षा संबंधी अनसुलझे मुद्दों के कारण टीम को भारत यात्रा की अनुमति न देने के फैसले ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को कड़ा रुख अपनाने पर मजबूर कर दिया है।

By सतीश कुमार सिंह | Updated: January 23, 2026 12:52 IST2026-01-23T12:51:15+5:302026-01-23T12:52:38+5:30

Bangladesh cricket in crisis What next after T20 World Cup boycott Mahedi Hasan’s comment dream playing biggest stage overridden forces beyond the dressing room | संकट में बांग्लादेश क्रिकेट?, टी20 विश्व कप के बहिष्कार के बाद आगे क्या होगा?, BCCI से पंगा लेकर आसिफ नजरुल ने क्या किया?, बड़े मंच पर खेलने का सपना ड्रेसिंग रूम...

Bangladesh cricket in crisis

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HighlightsBangladesh cricket in crisis:खिलाड़ियों के पास कोई विकल्प नहीं बचा है और वे इस फैसले से बंधे हुए हैं।Bangladesh cricket in crisis: बांग्लादेश सरकार ने सुरक्षा को लेकर बहिष्कार करने का फैसला किया है।Bangladesh cricket in crisis: बांग्लादेश का शाकिब अल हसन के बिना पहला टी20 विश्व कप है।  

ढाकाः बांग्लादेश क्रिकेट पर अनिश्चितता के गहरे बादल छाए हुए हैं। क्रिकेट में जमकर राजनीति हो रही है और इस मामले में खिलाड़ी पिस रहे हैं। टी20 विश्व कप देश के खेल इतिहास के सबसे काले अध्यायों में से एक बनने की आशंका है। बांग्लादेश का शाकिब अल हसन के बिना पहला टी20 विश्व कप है। पहले से ही बदलाव का दौर माना जा रहा था, अब कहीं अधिक विनाशकारी साबित हो सकता है। 7 फरवरी से विश्व कप की शुरुआत हो रही है और बांग्लादेश सरकार ने सुरक्षा को लेकर बहिष्कार करने का फैसला किया है। बांग्लादेश सरकार द्वारा सुरक्षा संबंधी अनसुलझे मुद्दों के कारण टीम को भारत यात्रा की अनुमति न देने के फैसले ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को कड़ा रुख अपनाने पर मजबूर कर दिया है। खिलाड़ियों के पास कोई विकल्प नहीं बचा है और वे इस फैसले से बंधे हुए हैं।

कई खिलाड़ियों के लिए टी20 विश्व कप जीवन में एक बार मिलने वाला सुनहरा अवसर

महेदी हसन ने कहा कि क्रिकेट के सबसे बड़े मंच पर खेलने का सपना ड्रेसिंग रूम से परे की ताकतों द्वारा कुचला जा रहा है। बांग्लादेश और आईसीसी के बीच गतिरोध लंबा खिंचता जा रहा है और इसमें सबसे ज्यादा नुकसान खिलाड़ियों को ही हो रहा है। मौजूदा टीम के कई खिलाड़ियों के लिए टी20 विश्व कप जीवन में एक बार मिलने वाला सुनहरा अवसर है।

युवा सलामी बल्लेबाज परवेज़ हुसैन एमोन और उप-कप्तान सैफ हसन ने कभी विश्व कप नहीं खेला है और बांग्लादेश की भागीदारी को लेकर अनिश्चितता उनके इन सपनों को चकनाचूर कर सकती है। भारत न जाने से बीसीबी के रुख से खिलाड़ियों को और भी ज्यादा नुकसान होने की संभावना है।

टी20 विश्व कप के लिए अपनी राष्ट्रीय क्रिकेट टीम भेजने से इनकार कर दिया

बांग्लादेश के वरिष्ठ क्रिकेट संवाददाता शांतो महमूद ने चेतावनी दी है कि बहिष्कार से खिलाड़ियों के मानसिक और करियर पर गंभीर असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि इतने बड़े वैश्विक आयोजन में हिस्सा न लेने से आत्मविश्वास को ठेस पहुंच सकती है और प्रगति रुक ​​सकती है, खासकर ऐसे क्रिकेट परिवेश में जहां अवसर सीमित हैं।

बांग्लादेश ने कड़ा रुख अपनाते हुए अगले महीने भारत में होने वाले टी20 विश्व कप के लिए अपनी राष्ट्रीय क्रिकेट टीम भेजने से इनकार कर दिया क्योंकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने उसकी मैच स्थल बदलने की मांग को खारिज कर दिया था।

टूर्नामेंट में बांग्लादेश की जगह लेने का रास्ता साफ हो गया

इस फैसले से स्कॉटलैंड के लिए टूर्नामेंट में बांग्लादेश की जगह लेने का रास्ता साफ हो गया। विश्व संस्था ने बुधवार को बांग्लादेश को अल्टीमेटम दिया था कि या तो वह भारत जाने के लिए सहमत हो या फिर उनकी जगह किसी और टीम को ले लिया जाएगा। आईसीसी ने कहा कि भारत में उनके खिलाड़ियों, अधिकारियों या प्रशंसकों की सुरक्षा को कोई खतरा नहीं था।

बांग्लादेश को बृहस्पतिवार तक फैसला लेने का समय दिया गया था। स्कॉटलैंड टीम सात फरवरी से शुरू होने वाले टूर्नामेंट के लिए रैंकिंग के आधार पर अगले विकल्प में शामिल है। हालांकि एक कड़ा रुख अपनाते हुए बांग्लादेश के खेल सलाहकार आसिफ नजरुल ने राष्ट्रीय टीम के खिलाड़ियों के साथ बैठक के बाद घोषणा की कि आईसीसी का रुख उन्हें स्वीकार्य नहीं है।

आईसीसी ने इस मामले में क्रिकेट स्कॉटलैंड को कोई सूचना दी है या नहीं, यह अब तक स्पष्ट नहीं है क्योंकि उसकी सीईओ ट्रूडी लिंडब्लैड ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की। क्रिकेट स्कॉटलैंड के संचार प्रमुख चार्ल्स पैटरसन ने सवाल के जवाब में कहा, ‘‘हम इस स्थिति पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकते।

भारत में खेलने को लेकर सुरक्षा का खतरा अब भी बना हुआ

यदि परिस्थितियों में कोई बदलाव होता है तो हम अपनी वेबसाइट पर एक आधिकारिक मीडिया विज्ञप्ति जारी करेंगे। ’’ नजरुल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा और स्पष्ट किया कि देश भारत में मैच नहीं खेलेगा। उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि हमारे क्रिकेटरों ने विश्व कप के लिए क्वालिफाई करने के लिए कड़ी मेहनत की है लेकिन भारत में खेलने को लेकर सुरक्षा का खतरा अब भी बना हुआ है।

यह चिंता किसी काल्पनिक विश्लेषण पर आधारित नहीं है। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम इस बात से आश्वस्त नहीं हैं कि वे हमारी पूरी टीम, पत्रकारों और दर्शकों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने अभी उम्मीद नहीं छोड़ी है। हमारी टीम तैयार है। हमें उम्मीद है कि आईसीसी हमारे वास्तविक सुरक्षा जोखिमों पर विचार करके हमें श्रीलंका में खेलने की इजाजत देकर न्याय करेगा। ’’

बांग्लादेश को भारत में चार मैच (तीन कोलकाता में और एक मुंबई में) खेलने हैं। देश ने सुरक्षा चिंताओं को तब उठाया जब तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को भारतीय क्रिकेट बोर्ड के निर्देशों पर ‘चारों ओर हो रहे घटनाक्रमों’ के कारण इंडियन प्रीमियर लीग से बाहर कर दिया गया था।

विदेश में नागरिकों की सुरक्षा का निर्धारण करना देश की जिम्मेदारी

नजरुल ने कहा, ‘‘टूर्नामेंट में नहीं खेलने से होने वाले नुकसान को खिलाड़ियों, दर्शकों और पत्रकारों को एक जोखिम भरी क्षेत्रीय राजनीतिक स्थिति में धकेलने से होने वाली संभावित आपदा के साथ तुलनात्मक रूप से देखना बेहद महत्वपूर्ण है। यह सरकार का निर्णय है क्योंकि विदेश में नागरिकों की सुरक्षा का निर्धारण करना देश की जिम्मेदारी है। ’’

आईसीसी ने बुधवार को बांग्लादेश की सुरक्षा चिंताओं को खारिज करते हुए कहा, ‘‘किसी भी स्वतंत्र सुरक्षा निष्कर्ष के अभाव में आईसीसी के लिए मैचों का स्थल बदलना संभव नहीं है। ऐसा करने से दुनिया भर की अन्य टीमों और प्रशंसकों के लिए गंभीर समस्याएं और दूरगामी मिसाल कायम करने वाली चुनौतियां पैदा होंगी। इससे आईसीसी के संचालन की निष्पक्षता, तटस्थता और अखंडता को खतरा पैदा होगा। ’’

नजरुल से जब पूछा गया कि क्या खिलाड़ियों को विश्व कप जैसे टूर्नामेंट के बहिष्कार करने के लिए इस फैसले में साथ में रखा गया है क्योंकि उन्होंने बार-बार अपने कल्याण को ध्यान में रखते हुए मैत्रीपूर्ण समाधान की मांग की थी। उन्होंने कहा, ‘‘हमने खिलाड़ियों से इस निर्णय के संदर्भ और सरकार के तर्क को समझाने के लिए मुलाकात की।

विश्व क्रिकेट के लिए बड़ा नुकसान और मेजबान देश के लिए असफलता

चूंकि यह एक विशेष संवाद था इसलिए खिलाड़ियों ने क्या कहा, इसकी विशिष्ट जानकारी साझा नहीं की जाएगी ताकि वे खुलकर बात कर सकें, लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि उन्होंने स्थिति को समझा है। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘बांग्लादेश क्रिकेट प्रेमी देश है। अगर आईसीसी हमारी मांगों को ध्यान में नहीं रखता है तो यह विश्व क्रिकेट के लिए बड़ा नुकसान और मेजबान देश के लिए असफलता होगी। ’’

पूर्व कप्तान तमीम इकबाल और वर्तमान टेस्ट कप्तान नजमुल हुसैन शांटो उन प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल थे जिन्होंने बोर्ड और सरकार से क्रिकेटरों के कल्याण को प्राथमिकता देने की बात कही थी। इकबाल को तो बीसीबी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘भारत का एजेंट’ तक कह दिया था क्योंकि उन्होंने सुझाव दिया था कि बांग्लादेश को सख्त रुख अपनाने से बचना चाहिए।

बीसीबी के निदेशक नजमुल इस्लाम ने कहा था कि खिलाड़ियों को कोई मुआवजा नहीं मिलेगा

वर्तमान स्थिति में खिलाड़ी भारी वित्तीय नुकसान का सामना कर सकते हैं। बीसीबी के निदेशक नजमुल इस्लाम ने कहा था कि खिलाड़ियों को कोई मुआवजा नहीं मिलेगा क्योंकि उन्होंने आईसीसी टूर्नामेंट में कोई अहम उपलब्धियां हासिल नहीं की हैं। इस बयान के कारण खिलाड़ियों में भारी आक्रोश हुआ और इस्लाम को बोर्ड की वित्त समिति के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना पड़ा।

बांग्लादेश ने भारत में होने वाले टी20 विश्व कप के लिए बृहस्पतिवार को अपनी राष्ट्रीय क्रिकेट टीम भेजने से मना कर दिया जिससे स्कॉटलैंड के लिए टूर्नामेंट में उसकी जगह लेने का रास्ता साफ हो गया क्योंकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने उसकी मैच के स्थल बदलने की मांग को खारिज कर दिया था।

बांग्लादेश को बृहस्पतिवार तक फैसला लेने का समय दिया गया था

विश्व संस्था ने बुधवार को बांग्लादेश को अल्टीमेटम दिया था कि या तो वह भारत जाने के लिए सहमत हो या फिर उनकी जगह किसी और टीम को ले लिया जाएगा। आईसीसी ने कहा कि भारत में उनके खिलाड़ियों, अधिकारियों या प्रशंसकों की सुरक्षा को कोई खतरा नहीं था। बांग्लादेश को बृहस्पतिवार तक फैसला लेने का समय दिया गया था।

हालांकि एक कड़ा रुख अपनाते हुए बांग्लादेश के खेल सलाहकार आसिफ नजरुल ने राष्ट्रीय टीम के खिलाड़ियों के साथ बैठक के बाद घोषणा की कि आईसीसी का रुख उन्हें स्वीकार्य नहीं है। नजरुल ने कहा, ‘‘हालांकि हमारे क्रिकेटरों ने विश्व कप के लिए क्वालिफाई करने के लिए कड़ी मेहनत की है लेकिन भारत में खेलने को लेकर सुरक्षा का खतरा अब भी बना हुआ है।

हम अब भी उम्मीद नहीं छोड़ रहे हैं

यह चिंता किसी काल्पनिक विश्लेषण पर आधारित नहीं है। ’’ उन्होंने आगे कहा, ‘‘हम अब भी उम्मीद नहीं छोड़ रहे हैं। हमारी टीम तैयार है। हमें उम्मीद है कि आईसीसी हमारे वास्तविक सुरक्षा जोखिमों पर विचार करके हमें श्रीलंका में खेलने की इजाजत देकर न्याय करेगा। ’’

बांग्लादेश को भारत में चार मैच (तीन कोलकाता में और एक मुंबई में) खेलने हैं। देश ने सुरक्षा चिंताओं को तब उठाया जब तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को भारतीय क्रिकेट बोर्ड के निर्देशों पर ‘चारों ओर हो रहे घटनाक्रमों’ के कारण इंडियन प्रीमियर लीग से बाहर कर दिया गया था।

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