वंदे भारत स्लीपर ट्रेनः देशभर में 150 से अधिक वंदे भारत ट्रेनों का नेटवर्क, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रेल की महत्वपूर्ण उपलब्धि कहा
By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 28, 2026 13:19 IST2026-01-28T13:12:10+5:302026-01-28T13:19:34+5:30
Vande Bharat Sleeper Train: राष्ट्रपति ने कहा कि जब यह ट्रेन पहली बार आइजोल पहुंची, तो स्थानीय लोगों में दिखी खुशी और उत्साह ने पूरे देश को गर्व और आनंद से भर दिया।

file photo
नई दिल्लीः राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए असम के कामाख्या और पश्चिम बंगाल के हावड़ा के बीच हाल ही में शुरू की गई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की सराहना की और इसे भारतीय रेल की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। राष्ट्रपति ने कहा कि गरीब और मध्यम वर्ग की सेवा करने वाली भारतीय रेल 100 प्रतिशत विद्युतीकरण के लक्ष्य के बेहद करीब पहुंच चुकी है। उन्होंने दिल्ली और मिजोरम की राजधानी आइजोल के बीच सीधे रेल संपर्क का भी उल्लेख किया, जिसे राजधानी एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर शुरू किया गया।
राष्ट्रपति ने कहा कि जब यह ट्रेन पहली बार आइजोल पहुंची, तो स्थानीय लोगों में दिखी खुशी और उत्साह ने पूरे देश को गर्व और आनंद से भर दिया। भारतीय रेल की प्रमुख उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि देश ने बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया है।
इनमें दुनिया का सबसे ऊंचा आर्च ब्रिज, चिनाब पुल और तमिलनाडु का पंबन पुल शामिल हैं। उन्होंने वंदे भारत ट्रेनों की शुरुआत की सराहना करते हुए कहा कि आज देशभर में 150 से अधिक वंदे भारत ट्रेनों का नेटवर्क संचालित हो रहा है, जो जम्मू-कश्मीर से लेकर केरल तक फैला हुआ है।
राष्ट्रपति मुर्मू का संसद भवन में औपचारिक स्वागत, अभिभाषण के साथ बजट सत्र की शुरुआत हुई
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का शुक्रवार को संसद परिसर में औपचारिक स्वागत किया गया। मुर्मू जब बग्घी में सवार हो कर संसद भवन पहुंचीं तब उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला तथा सरकार द्वारा सांस्कृतिक प्रतीक के रूप में अपनाए गए ‘सेंगोल (राजदंड)’ को धारण किए एक अधिकारी ने उनका अभिनंदन किया।
राष्ट्रपति ने संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित किया, जिसके साथ ही बजट सत्र की औपचारिक शुरुआत हुई। राष्ट्रीय राजधानी में धुंधभरी सुबह के बीच राष्ट्रपति मुर्मू छह घोड़ों द्वारा खींची जाने वाली पारंपरिक बग्घी में सवार हो कर संसद पहुंचीं। उनके साथ राष्ट्रपति का अश्वारोही अंगरक्षक दल का दस्ता भी था। संसद भवन के लॉन में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री मोदी, लोकसभा अध्यक्ष बिरला और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू उन्हें लोकसभा कक्ष तक लेकर गए।
राष्ट्रपति के आगमन से पहले, पारंपरिक वेशभूषा पहने लोकसभा के एक वरिष्ठ मार्शल ने ‘राजदंड’ (सेंगोल) को उसके स्थान से हटाया और ड्रम की थाप के बीच अध्यक्ष ओम बिरला के साथ जुलूस के रूप में आगे बढ़े। उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और लोकसभा अध्यक्ष ने संसद भवन के गज द्वार पर राष्ट्रपति का स्वागत किया और ‘राजदंड’ को श्रद्धापूर्वक धारण किए अधिकारी के नेतृत्व में सभी लोग लोकसभा कक्ष पहुंचे।
शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष यात्रा एक ऐतिहासिक सफर की शुरुआत: राष्ट्रपति मुर्मू
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को कहा कि अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला की अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) की यात्रा एक ऐतिहासिक सफर की शुरुआत है। संसद के बजट सत्र के पहले दिन, दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि अंतरिक्ष पर्यटन अब भारतीयों की पहुंच में आता जा रहा है।
उन्होंने कहा, “शुभांशु शुक्ला का अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) तक पहुंचना एक ऐतिहासिक यात्रा की शुरुआत है। आने वाले वर्षों में भारत अपना स्वयं का अंतरिक्ष स्टेशन बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।” राष्ट्रपति ने कहा कि देश पूरे उत्साह के साथ गगनयान मिशन पर काम कर रहा है।
इस दौरान लोकसभा कक्ष में मौजूद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अन्य नेताओं ने मेजें थपथपाकर प्रतिक्रिया दी। शुभांशु शुक्ला ने पिछले वर्ष जून-जुलाई में आईएसएस पर 18 दिनों का मिशन पूरा किया था और वह इस कक्षीय प्रयोगशाला तक पहुंचने वाले पहले भारतीय बने। इससे पहले वर्ष 1984 में अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा ने सोवियत संघ के अंतरिक्ष स्टेशन सैल्यूट-7 से अंतरिक्ष की यात्रा की थी।
सरकार सच्चे सामाजिक न्याय के लिए समर्पित : राष्ट्रपति मुर्मू
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को कहा कि केंद्र सरकार सच्चे सामाजिक न्याय के लिए समर्पित है तथा ‘सबका साथ, सबका विकास’ का दृष्टिकोण हर नागरिक के जीवन में बदलाव ला रहा है। उन्होंने बजट सत्र के पहले दिन संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि पारदर्शिता और ईमानदारी व्यवस्थाओं को मजबूत बना रही है तथा पौने सात लाख करोड़ रुपये प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से लोगों तक पहुंचाये गये हैं। मुर्मू ने कहा, ‘‘पिछले 10-11 वर्षों में भारत ने हर क्षेत्र में अपनी नींव मजबूत की है।
यह वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने के लक्ष्य का मजबूत आधार है।’’ उन्होंने कहा कि सरकार के तीसरे कार्यकाल में गरीबों को सशक्त बनाने का अभियान तेज हुआ है। राष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार सच्चे सामाजिक न्याय के लिए समर्पित है और इसी का नतीजा है कि एक दशक में 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है।
मुर्मू ने इस बात का उल्लेख किया कि 2014 तक सिर्फ 25 करोड़ लोगों को ही सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलता था, लेकिन आज 95 करोड़ लोगों को सामाजिक सुरक्षा का कवच मिला है। उन्होंने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार और घोटाला से मुक्त प्रशासन देने में सफल रही है जिससे एक-एक पाई भारत के विकास में खर्च हो रही है। उन्होंने इस बात का उल्लेख भी किया कि राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 साल पूरा होने के मौके पर पिछले सत्र में संसद के दोनों सदनों में विशेष चर्चा हुई।