उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडलः 15 लाख लाभार्थियों को फायदा, 358.61 करोड़ रुपये का खर्च, कैशलेस मेडिकल योजना

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 29, 2026 16:00 IST2026-01-29T15:58:58+5:302026-01-29T16:00:18+5:30

Uttar Pradesh Cabinet: उच्च प्राथमिक स्कूलों के 24,717 प्रशिक्षक, 7,479 वार्डन और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के पूर्णकालिक और अंशकालिक शिक्षक, प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत 97,344 रसोइया और 2,00,581 विशेष शिक्षक शामिल हैं।

Uttar Pradesh Cabinet 15 lakh beneficiaries benefit, Rs 358-61 crore expenditure cashless medical scheme teachers basic and secondary schools | उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडलः 15 लाख लाभार्थियों को फायदा, 358.61 करोड़ रुपये का खर्च, कैशलेस मेडिकल योजना

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HighlightsUttar Pradesh Cabinet: समितियां कैशलेस सुविधा देने से पहले लाभार्थियों का सत्यापन करेंगी।Uttar Pradesh Cabinet: कैशलेस मेडिकल सुविधा को लागू करने पर सहमति दी है।Uttar Pradesh Cabinet: शिक्षकों के लिए जिला स्तर पर सत्यापन तंत्र स्थापित किया जाएगा।

लखनऊः उत्तर प्रदेश सरकर के मंत्रिमंडल ने बृहस्पतिवार को बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभागों के विद्यालयों के शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा उपचार योजनाओं को मंज़ूरी दे दी, जिससे राज्य भर में लगभग 15 लाख लाभार्थियों को यह सुविधा मिलेगी। कैबिनेट बैठक के बाद संवाददाताओं को संबोधित करते हुए वित्त और संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि मंत्रिमंडल के सामने 32 प्रस्ताव रखे गए थे, जिनमें से 30 को मंजूरी दे दी गई जबकि दो को रोक दिया गया। पत्रकार वार्ता में बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि कैबिनेट ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शिक्षक दिवस पर बेसिक शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों के लिए घोषित की जा चुकी कैशलेस मेडिकल सुविधा को लागू करने पर सहमति दी है।

इस योजना में 11,95,391 लाभार्थी शामिल होंगे और इस पर अनुमानित 358.61 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इसमें बेसिक शिक्षा परिषद के 4,34,426 शिक्षक, सरकारी सहायता प्राप्त जूनियर हाई स्कूलों के 13,380 शिक्षक, परिषद के तहत स्व-वित्तपोषित मान्यता प्राप्त स्कूलों के 4,72,735 शिक्षक, 1,42,929 'शिक्षा मित्र', उच्च प्राथमिक स्कूलों के 24,717 प्रशिक्षक, 7,479 वार्डन और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के पूर्णकालिक और अंशकालिक शिक्षक, प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत 97,344 रसोइया और 2,00,581 विशेष शिक्षक शामिल हैं।

सिंह ने कहा कि स्व-वित्तपोषित मान्यता प्राप्त स्कूलों में काम करने वाले शिक्षकों के लिए जिला स्तर पर सत्यापन तंत्र स्थापित किया जाएगा। जिला विद्यालय निरीक्षक और बेसिक शिक्षा अधिकारी की अध्यक्षता वाली समितियां कैशलेस सुविधा देने से पहले लाभार्थियों का सत्यापन करेंगी।

खन्ना ने कहा कि कैबिनेट ने माध्यमिक शिक्षा विभाग के तहत शिक्षकों के लिए भी इसी तरह की कैशलेस मेडिकल योजना को मंज़ूरी दी है। उन्होंने कहा कि इस फैसले के तहत, गैर-सरकारी सहायता प्राप्त माध्यमिक स्कूलों के शिक्षक और सरकारी वित्त पोषित माध्यमिक स्कूलों में काम करने वाले शिक्षक कैशलेस इलाज के लिए पात्र होंगे। माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने कहा कि इस योजना में मानदेय पर काम करने वाले शिक्षक और उनके आश्रित परिवार के सदस्य भी शामिल होंगे।

उन्होंने आगे कहा कि लाभार्थियों को न सिर्फ सरकारी अस्पतालों में बल्कि पैनल में शामिल निजी अस्पतालों में भी अंतर्रोगी विभाग (आईपीडी) में इलाज की सुविधा मिलेगी। खन्ना ने कहा कि माध्यमिक शिक्षा विभाग के तहत लगभग 2,97,579 शिक्षकों को इस योजना से फायदा होगा, जिस पर अनुमानित खर्च लगभग 89.25 करोड़ रुपये आएगा।

उप्र विधानसभा सत्र नौ फरवरी से; बजट 11 फरवरी को पेश होगा : खन्ना

वित्त और संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बृहस्पतिवार को बताया कि उत्तर प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र नौ फरवरी से शुरू होगा और वित्तीय वर्ष 2026-27 का राज्य बजट 11 फरवरी को पेश किया जाएगा। कैबिनेट बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए खन्ना ने कहा कि सत्र की शुरुआत नौ फरवरी को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण से होगी। उन्होंने बताया कि 10 फरवरी को सदन साल के दौरान दिवंगत हुए विधायकों को श्रद्धांजलि देगा और बजट 11 फरवरी को सुबह 11 बजे पेश किया जाएगा।

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