‘राष्ट्रीय गंतव्य डिजिटल ज्ञान ग्रिड’ बनाने का प्रस्ताव, छोटे करदाताओं के लिए 6 महीने की विदेशी संपत्ति खुलासा योजना की घोषणा, अनिवासियों के लिए मैट से छूट का प्रस्ताव?
By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: February 1, 2026 13:11 IST2026-02-01T13:11:13+5:302026-02-01T13:11:54+5:30
Union Budget: हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू कश्मीर में ‘पारिस्थितिकीय तौर पर टिकाऊ’ पर्वतीय मार्गों को विकसित करने और एक ‘राष्ट्रीय आतिथ्य-सत्कार संस्थान’ (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी) बनाने का भी प्रस्ताव रखा।

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नई दिल्लीः वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को देश भर में सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व के स्थानों समेत सभी अहम जगहों के बारे में जानकारी को डिजिटल स्वरूप प्रदान करने के लिए एक ‘राष्ट्रीय गंतव्य डिजिटल ज्ञान ग्रिड’ बनाने का प्रस्ताव रखा। सीतारमण ने लोकसभा में आगामी वित्त वर्ष के लिए केंद्रीय बजट पेश करते हुए हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू कश्मीर में ‘पारिस्थितिकीय तौर पर टिकाऊ’ पर्वतीय मार्गों को विकसित करने और एक ‘राष्ट्रीय आतिथ्य-सत्कार संस्थान’ (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी) बनाने का भी प्रस्ताव रखा।
उन्होंने कहा, ‘‘रोजगार पैदा करने, विदेशी मुद्रा विनिमय से कमाई करने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ाने में पर्यटन क्षेत्र की बड़ी भूमिका है। मैं मौजूदा राष्ट्रीय होटल प्रबंधन एवं कैटरिंग टेक्नोलॉजी परिषद के उन्नयन के लिए एक राष्ट्रीय आतिथ्य-सत्कार संस्थान बनाने का प्रस्ताव रखती हूं।’’ वित्त मंत्री ने कहा कि यह शिक्षा क्षेत्र, उद्योग और सरकार के बीच सेतु की तरह काम करेगा। सीतारमण ने बजट भाषण में लोथल, धौलावीरा, राखीगढ़ी, सारनाथ, हस्तिनापुर, लेह पैलेस समेत पुरातात्विक महत्व के 15 स्थलों का विकास ‘जीवंत अनुभव वाले सांस्कृतिक गंतव्यों’ के रूप में करने का भी प्रस्ताव रखा।
उन्होंने एक भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) के साथ मिलकर हाइब्रिड मोड में उच्च गुणवत्ता वाले 12 सप्ताह के मानकीकृत प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से ‘‘20 प्रतिष्ठित पर्यटन स्थलों पर 10,000 गाइड का कौशल बढ़ाने के लिए एक पायलट योजना’’ का भी प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि सरकार पांच ‘पूर्वोदय’ राज्यों में पांच पर्यटन गंतव्य बनाएगी और 4,000 ई-बसों के लिए प्रावधान करेगी।
बजट में छोटे करदाताओं के लिए छह महीने की विदेशी संपत्ति खुलासा योजना की घोषणा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को आम बजट 2026-27 पेश करते हुए छात्रों, तकनीकी पेशेवरों और स्थानांतरित एनआरआई जैसे छोटे करदाताओं के लिए छह महीने की विदेशी संपत्ति खुलासा योजना का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि पहले अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष अपील की अवधि के लिए जुर्माने की राशि पर करदाताओं पर कोई ब्याज नहीं देना होगा, चाहे परिणाम कुछ भी हो।
वित्त मंत्री ने 31 जनवरी, 2026 तक किए गए निवेश पर अधिसूचित सहकारी समितियों द्वारा प्राप्त लाभांश आय के लिए तीन साल की छूट का भी प्रस्ताव दिया। सरकार हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, पूर्वी घाट की अराकू घाटी और पश्चिमी घाट में पारिस्थितिक रूप से टिकाऊ पर्वतीय मार्ग विकसित करेगी।
बजट में अनुमानित आधार पर कर भुगतान करने वाले अनिवासियों के लिए मैट से छूट का प्रस्ताव
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को उन अनिवासियों के लिए न्यूनतम वैकल्पिक कर (मैट) से छूट देने का प्रस्ताव रखा, जो अनुमानित आधार पर कर का भुगतान करते हैं। अपने बजट भाषण में उन्होंने कहा कि आईटी सेवाओं के लिए सुरक्षित स्थल का लाभ उठाने की सीमा 300 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2,000 करोड़ रुपये की जा रही है।
वित्त मंत्री ने कहा कि शराब, स्क्रैप (कबाड़) और खनिज पर स्रोत पर कर संग्रह की दर को तर्कसंगत बनाकर दो प्रतिशत कर दिया गया है। सीतारमण ने स्वदेशी लेखा कंपनियों को बढ़ावा देने के लिए सुरक्षित आश्रय नियमों के तहत लेखाकारों की परिभाषा को युक्तिसंगत बनाने की भी घोषणा की। सरकार नई कर व्यवस्था के तहत अंतर-सहकारी समितियों के लाभांश आय को कटौती के रूप में स्वीकार करेगी।
अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान बनाने का प्रस्ताव
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली और दवाओं में अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। लोकसभा में केंद्रीय बजट 2025-26 पेश करते हुए, वित्त मंत्री ने कहा कि कोविड-19 महामारी के बाद आयुर्वेद को दुनिया भर में पहचान और मान्यता मिली।
उन्होंने कहा कि अच्छी गुणवत्ता के आयुर्वेद उत्पाद जड़ी-बूटियों की पैदावार करने वाले किसानों और इनका प्रसंस्करण करने वाले युवाओं की मदद करते हैं। वित्त मंत्री ने बढ़ती वैश्विक मांग को पूरा करने के लिए तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित करने, प्रमाणन तंत्र के लिए आयुष फार्मेसी और दवा जांच प्रयोगशालाओं को उच्च मानकों पर पहुंचाने और अधिक कुशल लोग उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा। मंत्री ने कहा, ‘‘प्राचीन भारतीय योग, जिसे दुनिया के कई हिस्सों में पहले से ही सम्मान है, को तब बड़े पैमाने पर वैश्विक पहचान मिली जब प्रधानमंत्री इसे संयुक्त राष्ट्र में ले गए।’’
उन्होंने कहा कि कोविड महामारी के बाद, आयुर्वेद को भी वैसी ही वैश्विक पहचान मिली। उन्होंने जामनगर में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के वैश्विक परंपरागत औषधि केंद्र को उन्नत करने का भी प्रस्ताव रखा ताकि पारंपरिक दवाओं के लिए साक्ष्य-आधारित अनुसंधान, प्रशिक्षण और जागरूकता को बढ़ावा दिया जा सके।