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केवाईसी युक्त पीपीआई को अगले साल मार्च से अधिकृत नेटवर्क पर उपयोग की अनुमति देना अनिवार्य

By भाषा | Updated: May 19, 2021 23:38 IST

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मुंबई, 19 मई भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बुधवार को कहा कि प्रीपेड भुगतान उत्पाद (पीपीआई) यानी भुगतान कार्ड और वॉलेट जारी करने वाले संस्थानों को केवाईसी (अपने ग्राहक को जानो) नियमों का पूरी तरह अनुपालन करने वाले पीपीआई धारकों को 31 मार्च, 2022 से अधिकृत कार्ड नेटवर्क के जरिये उपयोग की अनुमति देना अनिवार्य होगा।

इसके अलावा, आरबीआई ने गैर-बैंकिंग इकाइयों द्वारा पूर्ण केवाईसी वाले पीपीआई धारकों को हर महीने 10,000 रुपये तक निकासी की भी अनुमति दी है। साथ ही ऐसे पीपीआई में अधिकतम राशि सीमा दोगुनी कर 2 लाख रुपये कर दी है।

पीपीआई ऐसे कार्ड अथवा उत्पाद हैं जिनमें एकमुश्त राशि पहले से ही रखी होती है और उसके एवज में कार्ड धारक जरूरी वस्तुओं और सेवा की खरीद, पैसा भेजने तथा कोष अंतरण समेत अन्य कार्यों को बिना नकदी साथ में लिये कर सकता है।

आरबीआई ने एक परिपत्र में कहा, ‘‘पीपीआई जारी करने वालों के लिये पूर्ण रूप से केवाईसी करा रखे पीपीआई धारकों को अधिकृत कार्ड नेटवर्क (कार्ड के रूप में पीपीआई के लिये) और यूपीआई (इलेक्ट्रॉनिक वॉलेट के रूप में पीपीआई के लिये) के जरिये पूरी तरह से उपयोग की अनुमति देना अनिवार्य होगा।’’

साथ ही स्वीकार्यता के स्तर पर किसी भी नेटवर्क पर उपयोग की अनुमति अनिवार्य होगी।

इसमें कहा गया है, ‘‘यह सुविधा मार्च,2022 से लागू होगी।’’

हालांकि, सार्वजनिक परिवहन के लिये जारी पीपीआई को किसी भी नेटवर्क या जगह पर उपयोग से अलग ही रखा गया है जबकि गिफ्ट कार्ड (पीपीपीआई) जारीकर्ताओं के लिये यह विकल्प होगा कि वे किसी भी नेटवर्क के लिये यह सुविधा दें।

परिपत्र में यह भी कहा गया है कि केवाईसी अनुपालन वाले पीपीआई में जमा की जाने वाली अधिकतम राशि 1 लाख रुपये बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दी गयी है।

इसके अलावा, गैर-बैंक इकाई द्वरा जारी पीपीआई के मामले में पूर्ण रूप से केवाईसी वाले पीपीआई के लिये नकद निकासी की अनुमति दी गयी है। इसके तहत एक बार में अधिकतम 2,000 रुपये और एक महीने में 10,000 रुपये तक निकालने की अनुमति होगी।

आरबीआई ने यह भी कहा कि ‘प्वाइंट ऑफ सेल’ (पीओएस) टर्मिनल से भारत में बैंकों द्वारा डेबिट कार्ड और ओपन सिस्टम प्रीपेड कार्ड के जरिये निकासी को युक्तिसंगत बनाकर प्रति लेन-देन 2,000 रुपये किया गया है। इसमें अधिकितम मासिक सीमा 10,000 रुपये है।

भारत में गठित और कंपनी कानून के तहत पंजीकृत कंपनियां पीपीपीआई जारी करती हैं। आरबीआई से मंजूरी के बाद कंपनी पीपीआई जारी कर सकती है और उसका परिचालन कर सकती है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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