ईरान पर इजराइल के हमले से यूपी का पर्यटन कारोबार प्रभावित, आगरा, वाराणसी, लखनऊ में में विदेशी पर्यटकों का आना हुआ ठप
By राजेंद्र कुमार | Updated: March 5, 2026 17:58 IST2026-03-05T17:58:31+5:302026-03-05T17:58:41+5:30
टूर-ट्रैवल कारोबार से जुड़े लोगों का कहना हैं कि अब मई तक ऐसे ही हालत बने रहने ही उम्मीद है. इसके चलते पर्यटन कारोबार को करीब 500 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान यूपी को होनी की उम्मीद है.

ईरान पर इजराइल के हमले से यूपी का पर्यटन कारोबार प्रभावित, आगरा, वाराणसी, लखनऊ में में विदेशी पर्यटकों का आना हुआ ठप
लखनऊ: ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमले में भारत पक्षकार नहीं है. इसके बाद भी पश्चिम एशिया में युद्ध के हालात और हवाई रूट बंद होने से उत्तर प्रदेश का पर्यटन कारोबार प्रभावित हो रहा है. बड़ी संख्या में लोग अपना टूर रद्द कर रहे हैं. आगरा में ताजमहल और वाराणसी में सारनाथ मंदिर देखने आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या तेजी से घट गई है. या कहें ठप सी हो गई है. टूर-ट्रैवल कारोबार से जुड़े लोगों का कहना हैं कि अब मई तक ऐसे ही हालत बने रहने ही उम्मीद है. इसके चलते पर्यटन कारोबार को करीब 500 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान यूपी को होनी की उम्मीद है.
रद्द हो रहे टूर पैकेज
पर्यटन के कारोबार से जुड़ी कंपनी ली पैसेज टू इंडिया के उपाध्यक्ष राजेश शर्मा कहते हैं, मार्च और अप्रैल पर्यटन कारोबार के लिए व्यस्त महीने होते रहे हैं. इस दौरान होली के पर्व में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक भारत आते हैं. ये विदेशी पर्यटक ताजमहल, फ़तेहपुर सीकरी देखने के साथ राजस्थान में लंबे समय तक रुकते हैं. हर साल पारसी नववर्ष नवरोज (मध्य मार्च के बाद) बड़ी संख्या में ईरानी पर्यटक आते थे, खासकर आगरा और वाराणसी जैसे सांस्कृतिक शहरों में. अब जो हालात हैं, ऐसे में उनके आने की संभावना खत्म हो चुकी है.
आगरा और वाराणसी में विदेशी पर्यटकों पर निर्भर होटल और गाइड समुदाय में चिंता साफ दिख रही है. आगरा में होली पर अमेरिका, यूरोप आदि देशों से आने वाले पर्यटक अपना टूर रद्द कर रहे हैं. ली पैसेज टू इंडिया के जरिए होली पर आगरा आने वाला स्पेन के 150 पर्यटकों का एक ग्रुप अपना टूर रद्द कर चुका है. कई और विदेशी पर्यटकों ने अपने टूर कैंसिल किया है. इस छुट्टियों के सीजन में यूपी से दुबई, दोहा, कुवैत सिटी, मनामा जैसे स्थलों पर जाने वाले 13 हजार से ज्यादा पैकेज रद्द किए जा चुके हैं.
अब लोग नई बुकिंग के लिए नहीं बल्कि कैंसिलेशन और रिफंड के लिए के लिए टूर ऑपरेटर से संपर्क कर रहे हैं. राजेश शर्मा के मुताबिक एक अनुमान के अनुसार, टूर पैकेज कैंसिल होने से लोगों का होटल बुकिंग, लोकल ट्रांसफर, वीजा फीस आदि का एडवांस भुगतान फिलहाल अटका हुआ है.
आगरा, वाराणसी में प्रभावित हो रहा पर्यटन कारोबार
आगरा रेडिसन होटल के मैनेजर विजय सिंह राणा के अनुसार, पश्चिम एशिया में युद्ध के हालात और हवाई रूट बंद होने से आगरा का मामला चिंता पैदा करता है. ताजमहल के कारण इस शहर का होटल कारोबार काफी हद तक विदेशी पर्यटकों पर निर्भर है. अगर यूरोप और अमेरिका से आने वाली उड़ानों में व्यवधान बना रहा तो आगरा के होटल, गाइड, ट्रांसपोर्टर, हस्तशिल्प कारोबारी और फोटोग्राफर सभी प्रभावित होंगे.
यूपी में पर्यटन के कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि प्रदेश में करीब 40 से 50 हजार लोग सीधे तौर पर ट्रैवल एजेंसियों, टूर ऑपरेटरों, टिकटिंग स्टाफ, होटल, गाइड, ड्राइवर और एयरपोर्ट सर्विस से जुड़े हैं, जबकि अप्रत्यक्ष रूप से हस्तशिल्प, रेस्टोरेंट, टैक्सी और इवेंट कारोबार में लगे लोगों की संख्या इससे कहीं ज्यादा है. अगर मार्च से शुरू हुआ यह संकट लंबा खींचता है और गर्मियों का सीजन भी प्रभावित होता है, तो हजारों अस्थाई और कमीशन आधारित नौकरियां पहले खतरे में आएगी. जिसके चलते छोटे ट्रैवल ऑपरेटरों में स्टाफ कटौती, वेतन में देरी और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की छंटनी की आशंका बढ़ गई है, जिससे शहरी अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है.
विजय राणा कहते हैं कि फिलहाल पर्यटन के कारोबार दे जुड़े लोगों के लिए संकट जल्द खत्म होने के आसर नहीं हैं क्योंकि कई देशों ने अपने नागरिकों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है. अगर अमेरिका और इजरायल अपने नागरिकों को भारत यात्रा टालने की सलाह देते हैं तो इसका असर सीधा यूपी के पर्यटन पर पड़ेगा. अमेरिकी और इजरायली पर्यटक वाराणसी और आगरा जैसे शहरों में नियमित रूप से आते रहे हैं.
एडवाइजरी जारी होने की स्थिति में होटल बुकिंग और टूर पैकेज बड़े पैमाने पर रद्द हो सकते हैं. आगरा, लखनऊ और वाराणसी एयरपोर्ट से मार्च के लिए 20 हजार से अधिक फ्लाइट बुकिंग कैंसिल होने की बात सामने आ रही है. ट्रैवल इंडस्ट्री से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि अगर संघर्ष जल्दी थमता है तो मई से स्थिति संभल सकती है. अगर हालात बिगड़ते हैं और एयरस्पेस लंबे समय तक बंद रहते हैं तो गर्मियों की छुट्टियों का सीजन भी प्रभावित होगा और तब नुकसान का आंकड़ा 500 करोड़ से कहीं ऊपर जा सकता है.