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कोविड-19 गतिविधियां और वैश्विक आर्थिक धारणा से तय होगी बाजार की चाल: विश्लेषक

By भाषा | Updated: August 23, 2020 14:11 IST

बीएसई सेंसेक्स में 21 अगस्त को समाप्त सप्ताह में 557.38 अंक यानी 1.47 प्रतिशत और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज निफ्टी में 193.20 अंक यानी 1.72 प्रतिशत की तेजी आयी।

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ठळक मुद्देअगस्त महीने में वायदा एवं विकल्प खंड में सौदों के समाप्त होने से जुड़ी खरीद-बिक्री और वैश्विक आर्थिक धारणा से तय होगी। इसके अलावा वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के दाम, डॉलर के मुकाबले रुपये की प्रवृत्ति और विदेशी पूंजी प्रवाह पर भी निवेशकों की नजर होगी।

नई दिल्ली। घरेलू शेयर बाजारों की दिशा इस सप्ताह कोविड-19 से जुड़ी गतिविधियों, अगस्त महीने में वायदा एवं विकल्प खंड में सौदों के समाप्त होने से जुड़ी खरीद-बिक्री और वैश्विक आर्थिक धारणा से तय होगी। बाजार विश्लेषकों ने यहा कहा। बीएसई सेंसेक्स में 21 अगस्त को समाप्त सप्ताह में 557.38 अंक यानी 1.47 प्रतिशत और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज निफ्टी में 193.20 अंक यानी 1.72 प्रतिशत की तेजी आयी। देश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच बाजार में यह तेजी आयी। वास्तव में वैश्विक स्तर पर सकारात्मक रुख से घरेलू बाजार को समर्थन मिला।

रेलिगेयर ब्रोकिंग लि. के उपाध्यक्ष (शोध) अजीत मिश्रा ने कहा, ‘‘निवेशकों की कोविड-19 की स्थिति पर नजर होगी। इसके बीच हमारा मानना है कि अगस्त महीने के वायदा एवं विकल्प खंड में अनुबंधों को पूरा करने लिये खरीद-बिक्री के कारण बाजार में अधिक उतार-चढ़ाव रह सकता है।’’

इस बीच, देश में कोविड-19 संक्रमित मामलों की संख्या 30 लाख को पार कर गयी है। केवल 16 दिनों में आंकड़ा 20 लाख से 30 लाख पहुंचा है। वहीं संक्रमण के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 56,706 हो गयी है। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के खुदरा शोध प्रमुख सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि कोरोना वायरस मामलों के अलावा निवेशकों की नजर वैश्विक आर्थिक पुनरूद्धार और अमेरिका-चीन तनाव पर भी होगी। उन्होंने कहा कि बाजार में निकट भविष्य में तेजी रह सकती है। हालांकि हाल की तेजी को देखते हुए मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है।

इसके अलावा वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के दाम, डॉलर के मुकाबले रुपये की प्रवृत्ति और विदेशी पूंजी प्रवाह पर भी निवेशकों की नजर होगी। जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि भारतीय बाजारों का वैश्विक बाजारों के साथ मजबूत तालमेल दिख रहा है।

उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर बाजार उम्मीदों और नकदी के दम पर बढ़ रहा है। आर्थिक गतिविधियों में तेजी और आय के सामान्य होने की उम्मीद को वास्तविक रूप में आना होगा या कम-से-कम उसका संकेत स्पष्ट होने की जरूरत है, तभी बाजार मौजूदा तेजी के स्तर को बरकरार रख पाएगा।

कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट कंपनी की कोष प्रबंधक और इक्विट शोध प्रमुख शिवानी सरकार कुरियन ने कहा, ‘‘आथिक संकेतकों में सुधार की गति के साथ कोविड-19 के लिये टीका या उससे जुड़ी गतिविधियां बाजार की दिशा को निर्धारित करेंगी।’’

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