बिहार सरकारः 38 जिलों में 52.22 लाख लोगों के नाम राशन कार्ड से हटाने का आदेश?, वेरिफिकेशन में गलत जानकारी, नहीं मिलेगा सस्ता या मुफ्त अनाज?

By एस पी सिन्हा | Updated: January 21, 2026 15:26 IST2026-01-21T15:25:43+5:302026-01-21T15:26:49+5:30

Bihar Government: पटना में 2.96 लाख, दरभंगा 2.64 लाख, नालंदा 2.29 लाख, पूर्वी चंपारण 2.21 लाख, समस्तीपुर 1.40 लाख, मुजफ्फरपुर 1.79 लाख, सीतामढ़ी 98.7 हजार, मधुबनी 1.98 लाख, पश्चिम चंपारण 2.06 लाख और वैशाली 2.43 लाख लाभुकों के वेरिफिकेशन रिजेक्ट हुए।

Bihar Government Order remove names 52-22 lakh people ration cards in 38 districts Wrong information verification not get cheap or free grains | बिहार सरकारः 38 जिलों में 52.22 लाख लोगों के नाम राशन कार्ड से हटाने का आदेश?, वेरिफिकेशन में गलत जानकारी, नहीं मिलेगा सस्ता या मुफ्त अनाज?

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Highlightsहोल्डरों का आधार वेरिफिकेशन किया गया है। पीडीएस लाभुकों की आधार सीडिंग अभी बाकी है।आगामी समय में सरकारी राशन वितरण से वंचित रहेंगे।

पटनाः बिहार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने 38 जिलों के करीब 52.22 लाख लोगों के नाम राशन कार्ड से हटाने का आदेश जारी किया है। इस कार्रवाई के पीछे मुख्य वजह आधार वेरिफिकेशन में आई खामियां और गलत जानकारी बताई जा रही हैं। कई लोगों का आधार डेटा न मिलने या गलत होने के कारण वेरिफिकेशन रिजेक्ट हुआ और अब उनका सस्ता या मुफ्त अनाज पाने का हक खतरे में पड़ गया है। राज्य में अब तक 5.92 करोड़ राशन कार्ड होल्डरों का आधार वेरिफिकेशन किया गया है। कुल 6.74 करोड़ पीडीएस लाभुकों की आधार सीडिंग अभी बाकी है।

विभाग की ओर से साफ किया गया है कि जिन लोगों का वेरिफिकेशन रिजेक्ट हुआ है, वे आगामी समय में सरकारी राशन वितरण से वंचित रहेंगे। जिला वार आंकड़े भी चौंकाने वाले हैं। पटना जिले में 2.96 लाख, दरभंगा 2.64 लाख, नालंदा 2.29 लाख, पूर्वी चंपारण 2.21 लाख, समस्तीपुर 1.40 लाख, मुजफ्फरपुर 1.79 लाख, सीतामढ़ी 98.7 हजार, मधुबनी 1.98 लाख, पश्चिम चंपारण 2.06 लाख और वैशाली 2.43 लाख लाभुकों के वेरिफिकेशन रिजेक्ट हुए। वहीं, पटना जिले में 27.3 लाख, दरभंगा 24.7 लाख, नालंदा 15.3 लाख और पूर्वी चंपारण 28.6 लाख समेत कई जिलों में वेरिफिकेशन सफल रहा है।

विभाग ने आम लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन कर दी है। आवेदन के दौरान आवश्यक दस्तावेजों की सही जानकारी देना अनिवार्य है, ताकि वेरिफिकेशन रिजेक्ट होने का खतरा कम हो।

खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री लेशी सिंह का कहना है कि यह कार्रवाई लाभुकों की सूची को पारदर्शी और सटीक बनाने के उद्देश्य से की गई है। लाभुकों को सुधार या पुनर वेरिफिकेशन का अवसर दिया जा रहा है। यह कार्रवाई बिहार में राशन वितरण व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम साबित होगी।

Web Title: Bihar Government Order remove names 52-22 lakh people ration cards in 38 districts Wrong information verification not get cheap or free grains

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