रोड रेज एक्सीडेंट के बीच 'तस्करी' की शूटिंग, डॉयरेक्टर से लेकर को एक्टर्स तक ने दिया फैमिली वाला फील
By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 24, 2026 19:39 IST2026-01-24T19:38:03+5:302026-01-24T19:39:20+5:30
पब्लिक प्लेस पर शूट करना ओवस्ली चैलेंजिंग वर्क होता है। लेकिन शूटिंग शेड्यूल स्मूथ तरीके से पूरा करना, इसे एक इंटेलीजेंट डायरेक्टर ही कर सकता है।

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जयपुर:मुंबई शहर में जब आप परिवार से दूर होते हो, तब आपके इंडस्ट्री के कलिग- फ्रैंड्स ही आपके लिए फैमिली होते है। मेरे साथ जब पिछले साल रोड रेज की घटना हुई, तब इस वेबसीरीज 'तस्करी- द स्मलगर्स वेब' की शूटिंग चल रही थी । यह कहना है कि एक्टर राघव तिवारी का। राघव तिवारी ने हाल ही अपनी नई वेबसीरीज को लेकर बातचीत की। इस सीरीज में उन्होंने कस्टम ऑफिसर विंसेट रॉय की भूमिका निभाई है, जो इमरान हाशमी की टीम का अहम हिस्सा है। राघव तिवारी ने बताया कि इस घटना के दौरान डायरेक्टर राघव जयरथ से लेकर पूरी कास्ट ने जो सपोर्ट किया, उसे भूल पाना मुश्किल है।
मेरे साथ हुई दुर्घटना के 10 दिन बाद ही मेरा नेक्स्ट शेड्यूल शूट होना था। घटना के अगले दिन सोशल मीडिया और खबरों के माध्यम से लोगों को मेरे साथ हुई रोडरेज की घटना की जानकारी मिली गई थी। इस दौरान मुंबई में मुझे जानने वाले बहुत से लोग फोन करके , मिलकर मुझे सपोर्ट करते रहे। इसके बाद शूटिंग डे के दिन जैसे ही मैं सेट पर पहुंचा तो डायरेक्टर राघव सर मेरे पास आए,
उन्होंने शूटिंग सीन शुरू होने से पहले मुझसे मेरा हालचाल जाना, मुझसे बात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। मुझसे यह भी कहा कि किसी भी तरह की परेशानी हो तो डायरेक्ट मैं उन्हें बताऊं। हालांकि शूटिंग के दौरान मैं काफी रिकवर कर चुका था, सिर में लगे टांके (stitches) निकल चुके थे। शूटिंग के दौरान सभी को -एक्टर्स और क्रू के लोग बहुत सपोर्टिव रहे। हर वक्त सब मेरा खयाल रखते रहे।
एयरपोर्ट को ऐसा समझना हुआ इस सीरीज से संभव
नीरज पांडे सर के कॉन्सेप्ट्स के तो सिनेमा लवर्स हमेशा ही दीवाने रहते हैं। लेकिन तस्करी के जरिए उन्होंने एविएशन वर्ल्ड को अलग तरीके से प्रजेंट किया है। ये ना सिर्फ दर्शकों के लिए अलग फील था, बल्कि हमारे लिए भी नया अनुभव था। अभी तक हम लोग एयरपोर्ट पर जाते थे, बैगेज चैक करवाकर अपने डस्टिनेशन पर पहुंच जाया करते थे। लेकिन कस्टम टीम किस तरह आम लोगों के बीच से उन लोगों को पहचान लेती है, जो अलग अलग तरह से तस्करी को अंजाम देते हैं। इसे समझने का मौका मिला।
लिमिटेड टाइम फिर भी 'स्मूथ' शूटिंग
पब्लिक प्लेस पर शूट करना ओवस्ली चैलेंजिंग वर्क होता है। लेकिन शूटिंग शेड्यूल स्मूथ तरीके से पूरा करना, इसे एक इंटेलीजेंट डायरेक्टर ही कर सकता है। ये नीरज पांडे सर और उनकी प्रोडेक्शन टीम की ही क्वालिटी है। दोनों डायरेक्टर्स (नीरज पांडे और राघव जयरथ) की कैमिस्ट्री बेहद खास है। एयरपोर्ट पर हम लोगों को लिमिटेड शूटिंग टाइम मिलता था। लेकिन शूटिंग इतनी स्मूथ हुई कि ना तो एयरपोर्ट का काम रूका, ना ही शूटिंग रूकी।
नीरज सर सीरियस, राघव सर से फनी इंटरेक्शन
नीरज पांडे सर सेट पर सभी से काफी घुले मिले रहे। वहीं डायरेक्टर राघव जयरथ के साथ जब मेरी मुलाकात हुई, तो सेम नेम के चलते फनी इंटरेक्शन हुआ। डायरेक्टर राघव जयरथ से मुझसे मिलते ही कहा- 'हाय आई मैं राघव', मैं भी मुस्कुराकर कहा- आई एम राघव टू सर।