Valentine’s Day 2026: दुनिया में एक अद्भुत शक्ति है सच्चा प्रेम
By नरेंद्र कौर छाबड़ा | Updated: February 14, 2026 05:50 IST2026-02-14T05:50:47+5:302026-02-14T05:50:47+5:30
Valentine’s Day 2026: निर्मल प्रेम को जब वह अपने परिवारजनों, संबंधियों, मित्रों आदि में प्रेमपूर्ण व्यवहार के रूप में बांटता है तो उसे आंतरिक खुशी और आनंद प्राप्त होते हैं.

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Valentine’s Day 2026: प्रेम को समर्पित वैलेंटाइन डे रोम के संत वैलेंटाइन की याद में मनाया जाता है. तीसरी सदी में रोम के अत्याचारी राजा क्लॉडियस का मानना था कि अकेला सिपाही एक शादीशुदा सिपाही के मुकाबले युद्ध के मैदान में अधिक उचित और प्रभावशाली बन सकता है. इसलिए उसने सिपाहियों की शादियों पर पाबंदी लगा दी थी. संत वैलेंटाइन ने इस नाइंसाफी का विरोध करते हुए सिपाहियों की गुप्त तरीके से शादियां करवा दीं, जिसके फलस्वरूप उन्हें मौत की सजा सुनाई गई. प्रेम को समर्पित यह पर्व संदेश देता है कि प्रेम में अनेक शक्तियां होती हैं.
कहा जाता है कि प्रेम अंधा होता है लेकिन सच्चा प्रेम अंधा नहीं होता बल्कि इसमें इतनी रोशनी है कि मानव सत्य से परिचित हो जाता है. संसार के सभी प्राणियों के प्रति करुणा तथा कल्याण की भावना, शुभकामनाएं रखना प्रेम का व्यापक रूप है. जब दिया जलता है तो यह नहीं देखता कि किस-किस को प्रकाश देना है. जब फूल खिलता है तो वह भी नहीं देखता कि किसको खुशबू देनी है.
इसी प्रकार सच्चा प्रेम यह नहीं देखता किस से प्रेम करना है किसे नहीं. केवल अपने जीवन से प्रेम करना प्रेम का संकीर्ण रूप है. आज हर चीज का बाजारीकरण होने के कारण प्रेम का स्वरूप भी विकृत होता जा रहा है. स्वार्थ, लालच, आडंबर, देह आकर्षण आधुनिक प्रेम के पर्याय बन गए हैं. जबकि प्रेम तो मनुष्य को परमात्मा द्वारा दिया गया बहुत खूबसूरत उपहार है.
इस निर्मल प्रेम को जब वह अपने परिवारजनों, संबंधियों, मित्रों आदि में प्रेमपूर्ण व्यवहार के रूप में बांटता है तो उसे आंतरिक खुशी और आनंद प्राप्त होते हैं. कई ऐसे लोग हैं जो प्रेम पाकर नहीं बल्कि देकर खुश होते हैं. कई ऐसे भी हैं जिन्हें कभी किसी का प्यार नहीं मिला परंतु अपने बच्चों को, साथियों को, मित्रों को, वृद्ध जनों को प्रेम देकर खुशी महसूस करते हैं.
प्रेम पाने में जो अनुभव है उससे अधिक सुखद अनुभव प्रेम देने में है. संसार की सभी महान विभूतियों ने मनुष्य मात्र को एक-दूसरे के प्रति प्रेम रखने का उपदेश दिया है. सच्चे प्रेम में पवित्रता, त्याग, सहनशीलता, दयालुता, सहयोग की शक्ति समाई रहती है. प्रेम केवल एक दिन वैलेंटाइन डे के रूप में मनाने की चीज नहीं है बल्कि यह तो ऐसा गुण है जो सदा हमारे भीतर रहना चाहिए.
प्रेम एक पूजा भी है जो हमें परमात्मा के निकट लाता है. कई लोगों ने परमात्मा के प्रेम में सराबोर होकर पूरा जीवन आनंद से जिया. उन्होंने प्रेम को गूंगे का गुड़ भी कहा जिसे चखा जा सकता है, अनुभव किया जा सकता है लेकिन बयान नहीं किया जा सकता. सचमुच प्रेम ऐसी ही शक्ति है.