लाइव न्यूज़ :

कोरोना वायरसः प्रमाण-पत्र हमारे पास, बेहतर प्रदर्शन दूसरे कर रहे हैं?

By प्रदीप द्विवेदी | Updated: April 28, 2020 15:06 IST

भारत के पड़ोसी देशों को देखें तो पाकिस्तान में कोरोना वायरस के 13,328 मामले जरूर हैं. पाकिस्तान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार हालांकि वहां अब तक 3,000 से अधिक लोग इस संक्रमण से ठीक भी हो चुके हैं.

Open in App

कितने आश्चर्य की बात है कि कोरोना वायरस अटैक से लड़ने में विश्व में सबसे बेहतर प्रदर्शन का प्रमाण-पत्र तो हमारे पास है, लेकिन हमारे आसपास के देश ही हमसे बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं. खबरें हैं कि नेपाल में अब तक किसी कोरोना संक्रमिक की मौत नहीं हुई है, तो श्रीलंका में कुल संक्रमित मामलों की संख्या 567 है, जिनमें से 434 सक्रिय मामले हैं, सात लोगों की मृत्यु हो चुकी है, जबकि 126 ठीक हो चुके हैं.

याद रहे, कोरोना वायरस फैलने से रोकने के लिए श्रीलंका में किसी भी मौत पर शव को जलाना अनिवार्य कर दिया गया है. दिलचस्प तथ्य यह भी है कि तमाम लापरवाहियों के बावजूद पाकिस्तान में कोरोना वायरस के 13,328 मामले हैं, जबकि 12 लोगों की मौत होने के बाद इस वैश्विक महामारी से वहां मृतकों की संख्या 281 हो गई है. पाकिस्तान के स्वास्थ्य मंत्रालय के हवाले से खबरों में बताया गया है कि अब तक 3,000 से अधिक लोग इस संक्रमण से ठीक हो चुके हैं.

उधर, बांग्लादेश में कोरोना संक्रमितों की सख्या करीब साढ़े पांच हजार है, जबकि 145 लोगों की मौत हो चुकी है.हालांकि, पाकिस्तान, बांग्लादेश जैसे देशों में सोशल डिस्टेंस मेंटेन नहीं करने और जीवन शैली की वजह से भविष्य में कोरोना संकट बढ़ सकता है.

खबरों पर भरोसा करें तो देश में कोरोना वायरस की जांच के मामले में भी हमारी स्थिति अच्छी नहीं है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 24 अप्रैल तक देश में 6.65 लाख लोगों के टेस्ट हुए हैं. जांच के मामले में भी भारत एशियाई देशों में नेपाल, श्रीलंका और यहां तक कि पाकिस्तान से भी पीछे है, जबकि अमेरिका, इटली, स्पेन, जर्मनी, फ्रांस जैसे देशों के तो करीब भी नहीं है.

कोरोना जांच के आंकड़ें बताते हैं कि भारत में इस समय प्रति 10 लाख जनसंख्या में केवल 482 लोगों के टेस्ट हो रहे हैं, जबकि पाकिस्तान हर दस लाख की आबादी पर 682 लोगों की कोरोना जांच कर रहा है, तो नेपाल जैसे छोटे देश में प्रति 10 लाख की आबादी में 1,763 लोगों का कोरोना टेस्ट हो रहा है. यही नहीं, श्रीलंका भी हमसे आगे है, जहां हर 10 लाख जनसंख्या पर 712 लोगों के टेस्ट हो रहे हैं. 

इस वक्त कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित अमेरिका में हर 10 लाख जनसंख्या पर 4,097 लोगों के टेस्ट हो रहे हैं, इटली में कोरोना जांच की यह संख्या 10,252, स्पेन में 7,593, जर्मनी में 10,962 और फ्रांस में 3,436 है. इस मामले में हम बांग्लादेश से जरूर आगे हैं. दरअसल, कोरोना संक्रमण भारत में ज्यादा असरदार नहीं होने के दो प्रमुख कारण हैं, एक- लोगों की रोगप्रतिरोध क्षमता बेहतर है और दो- यहां का मौसम कोरोना वायरस को कमजोर कर रहा है!

टॅग्स :कोरोना वायरससीओवीआईडी-19 इंडियापाकिस्ताननेपालश्रीलंका
Open in App

संबंधित खबरें

विश्वIMF ने $7 अरब के बेलआउट पैकेज के तहत पाकिस्तान के लिए $1.2 अरब मंज़ूर किए

विश्वहोर्मुज जलडमरूमध्य को जल्द से जल्द आजाद करो?, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच संयुक्त राष्ट्र महासभा में हरीश पर्वतनेनी ने कहा

विश्व26/11 मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफ़िज़ सईद का करीबी अमीर हमज़ा 'धुरंधर-स्टाइल' की गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल, VIDEO

विश्ववीआईपी कल्चर के खिलाफ नेपाल की पहल?, मंत्रियों की कारों के काफिले नहीं चलेंगे?

विश्वअगले 2 दिनों में पाकिस्तान में फिर से शुरू हो सकती है अमेरिका-ईरान वार्ता, बोले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

भारत अधिक खबरें

भारतUdhampur Road Accident: खाई में समा गई यात्रियों से भरी बस, कई यात्रियों की मौत का अंदेशा; मंत्री जितेंद्र सिंह ने घायलों की मदद का दिया आदेश

भारतJammu-Kashmir: बैसरन के घास के मैदान को आखिरकार मिलेगी सड़क, एक साल पहले हुआ था पहलगाम हमला

भारतWest Bengal Polls 2026: मुर्शिदाबाद में वोटर लिस्ट से पूरे परिवार का नाम गायब, मतदाता सूची से कटा नाम; जानें सिस्टम की चूक या साजिश?

भारतझीलों को बीमार कर रहा माइक्रोप्लास्टिक

भारतएहसान नहीं, महिलाओं का ये हक है!