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बिहार के स्कूलों में प्रधानाध्यापक बोरा के बाद अब कबाड़ बेचेंगे, अपर मुख्य सचिव केके पाठक का नया आदेश

By एस पी सिन्हा | Updated: August 20, 2023 18:37 IST

प्राथमिक शिक्षा एवं सर्व शिक्षा अभियान ने सभी मध्य, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों के सभी प्रधानाध्यापक और प्रभारी प्रधानाध्यापक को पत्र भेज कर स्कूलों के कबाड़ का निर्धारित रेट की जानकारी दी गई है।

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ठळक मुद्देकेके पाठक रोज नए आदेश जारी कर रहे हैंपिछले दिनों उन्होंने सभी प्रधानाध्यापकों को बोरा बेचने का आदेश दिया थाअब स्कूलों में पड़े हुए कबाड़ को बेचकर विद्यालय के खाते में जमा करना है

पटना:  बिहार में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव का कार्यभार संभालने के बाद से के.के पाठक रोज नए आदेश जारी कर रहे हैं। पिछले दिनों उन्होंने सभी प्रधानाध्यापकों को बोरा बेचने का आदेश दिया था। अभी यह ठंडा हुआ भी नहीं था कि एक और आदेश जारी हुआ है। इस आदेश में स्कूलों में पड़े हुए कबाड़ को बेचकर विद्यालय के खाते में जमा करना है। यही नहीं स्कूलों में रखे कबड़ा का भी रेट तय कर दिया है। प्राथमिक शिक्षा एवं सर्व शिक्षा अभियान ने सभी मध्य, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों के सभी प्रधानाध्यापक और प्रभारी प्रधानाध्यापक को पत्र भेज कर स्कूलों के कबाड़ का निर्धारित रेट की जानकारी दी गई है।

जिला कार्यक्रम पदाधिकारी की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि, स्कूलों में पड़े अनुपयोगी सामान, कार्यालय उपस्कर, पुराने कंप्यूटर, फर्नीचर आदि की नीलामी के लिए सामग्री की सूची उलपब्ध कराई गई है। प्राप्त सूची के आधार पर नीलामी के लिए सामग्रियों का दर कनीय अभियंता एवं अभियंताओं से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर निर्धारित की जाती है।

शिक्षा विभाग के आदेश के मुताबिक, लकड़ी के सामान- 6 रुपया प्रतिकिलो, लोहे एवं चदरा- 20 रुपए प्रतिकिलो, प्लास्टिक सामग्री- 8 रुपए प्रतिकिलो, अनुपयोगी पेपर-कार्टन-बोरा- 7 रुपए प्रतिकिलो, पुराने जेनरेटर- लोहे-चदरे के दर से या वास्तविक स्थानीय बाजार मूल्य जिसपर बिक्री संभव हो। वहीं इनवर्टर/पुराने कंप्यूटर/ बिजली के अन्य सामान- 40-50 रुपए प्रतिकिलो या स्थानीय बाजार दर, पुराना पंखा- 100 रुप प्रति पीस या स्थानीय बाजार दर, पुरानी बैट्री(150एएमपी) के ऊपर- दो हजार से तीन हजार रुपए प्रति पीस, पुरानी बैट्री(150एएमपी) के नीचे- 300-700 रुपए प्रति पीस और मध्याह्न भोजन संबंधी पुराने बर्तन- स्टील 20 रुपए और एल्युमिनियम के बर्तन खरीदे गए दर के 50 फीसदी दर से बेचना होगा। कबाड़ बेचने के बाद प्राप्त पैसों को शिक्षक स्कूल के कोष में जमा कराएंगे और इसकी जानकारी कार्यालय को देंगे।

टॅग्स :नीतीश कुमारएजुकेशनEducation DepartmentSchool Education Department
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