Post COVID-19 two-wheelers cars may be back in vogue | कोरोना के बाद बढ़ सकती है सस्ती बाइक्स और छोटी कारों की डिमांड, दिग्गजों ने बताई ये बड़ी वजह
प्रतीकात्मक फोटो

Highlightsपवन गोयनका ने कहा कि कोरोना महामारी के बाद शेयर्ड मोबिलिटी (एक वाहन में कई लोग) शायद कम पसंद की जाए, जबकि इसके चलते पर्सनल वाहनों की खरीदारी बढ़ सकती है। होंडा का मानना है कि कोरोना का संकट यूज्ड टू-वीलर (सेकंड हैंड दो पहिया) में तेजी ला सकता है। उनके मुताबिक यह फील्ड अभी भी ज्यादा संगठित नहीं है। इस दौर में सेकंड हैंड कारों की डिमांड भी बढ़ सकती है।

भारत ही नहीं बल्कि विश्वभर के कई देश कोरोना महामारी से जूझ रहे हैं। देश-विदेश के नागरिकों सहित उनकी अर्थव्यवस्था भी इस वायरस के चलते बेपटरी हो गई है। उद्योग धंधे बंद हैं, स्कूल, कॉलेज, ऑफिस बंद पड़े हैं। लेकिन इस वायरस को फैलने से रोकने के लिए सबसे ज्यादा जोर जिस बात पर दिया जा रहा है वो है सोशल डिस्टेंसिंग। ऐसे में अब एक उम्मीद ऐसी भी सामने आ रही है कि कोरोना के खत्म होने के बाद क्या लोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट से दूरी बनाकर रखने लगेंगे। अगर ऐसा होता है तो कम बजट वाली छोटी कारों की डिमांड बढ़ सकती है।

दिग्गज वाहन निर्माता कंपनियों के अधिकारियों जैसे हीरो मोटोकॉर्प के चेयरमैन पवन मुंजाल और महिंद्रा एंड महिंद्रा के मैनेजिंग डायरेक्टर पवन गोयनका का मानना है कि कोरोना वायरस के पूरी तरह से खत्म हो जाने के बाद भी लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते रहेंगे। और इसके चलते लोगों के आवागमन के तरीके में बदलाव आएगा।

कोरोना वायरस खत्म हो जाने के बाद रोजाना ऑफिस आने-जाने वाले और ज्यादा ट्रेवल करने वाले लोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट से दूर जा तो सकते हैं लेकिन एक समस्या ये भी है कि कोरोना के चलते लोगों के नौकरी जाने की खबरें और सैलरी में होने वाली कटौती के चलते लोगों को खुद के लिए बाइक या कार खरीदना मुश्किल होगा। 

बढ़ सकता है पर्सनल वाहन का ट्रेंड
लेकिन कोरोना का डर और सोशल डिस्टेंसिंग की आदत के चलते हो सकता है कि लोग बड़ी संख्या में पर्सनल कार या बाइक को महत्व दें। ज्यादा पैसे न होने की स्थिति में लोग एंट्री-लेवल या कहें कम बजट वाली बाइक, स्कूटर या कार खरीदना पसंद कर सकते हैं। 

हीरो के चेयरमैन पवन मुंजाल के मुताबिक ट्रेवलिंग की आदतों में बदलाव की उम्मीद इसलिए भी है क्योंकि लोग कोरोना के खत्म होने के काफी समय बाद तक भी सोशल डिस्टेंसिंग को महत्व देना पसंद करेंगे। ऐसे में पर्सनल वाहन की डिमांड बढ़ेगी। 

बढ़ सकता है दोपहिया वाहन का बाजार
बात करें होंडा की तो उसका मानना है कि कोरोना का संकट यूज्ड टू-वीलर (सेकंड हैंड दो पहिया) में तेजी ला सकता है। उनके मुताबिक यह फील्ड अभी भी ज्यादा संगठित नहीं है। इस दौर में सेकंड हैंड कारों की डिमांड भी बढ़ सकती है।

वाहन शेयर करने में हो सकती है हिचकिचाहट
ईटी के एक वर्चुअल टाउनहॉल मीटिंग में पवन गोयनका ने कहा कि कोरोना महामारी के बाद शेयर्ड मोबिलिटी (एक वाहन में कई लोग) शायद कम पसंद की जाए, जबकि इसके चलते पर्सनल वाहनों की खरीदारी बढ़ सकती है। हालांकि, गोयनका को उम्मीद है कि ऐसा ज्यादा समय के लिए नहीं होगा। कुछ समय बाद शेयर्ड मोबिलिटी या कार पूल वापस पहले की स्थिति में आ जाएगी।

वाहन के इस्तेमाल को लेकर होगी चिंता
गोयनका का कहना था कि लोग वाहनों को इस्तेमाल करने के दौरान चिंतित रहेंगे कि उनसे पहले इस वाहन का इस्तेमाल किसने किया था। यदि वो शेयर्ड कार या टैक्सी में हैं तो उन्हें यह चिंता भी हो सकती है कि उनके बगल में कौन बैठा है। 

Web Title: Post COVID-19 two-wheelers cars may be back in vogue
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