वेद प्रताप वैदिक वरिष्ठ पत्रकार व राजनीति विश्लेषक हैं। वे प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया से जुड़े रहे हैं और उसके हिन्दी सेवा 'भाषा' के संस्थापक संपादक रहे हैं।Read More
अहमदाबाद में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के अधिवेशन की प्रदर्शनी में गुजरात के 200 विशिष्ट व्यक्तियों के चित्र लगाए गए. उसमें महात्मा गांधी के साथ जिन्ना का चित्र भी लगा हुआ था. ...
रूसी जनता को भी समझ में नहीं आ रहा कि इस हमले को पुतिन इतना लंबा क्यों खींच रहे हैं? जब जेलेंस्की ने नाटो से अपने मोहभंग की घोषणा कर दी है और यह भी कह दिया है कि यूक्रे न नाटो में शामिल नहीं होगा तो फिर अब बचा क्या है? ...
जब तक विपक्षी गठबंधन के पास भारत को महासंपन्न और महाशक्ति बनाने का ठोस वैकल्पिक नक्शा नहीं होगा, भारत की जनता इन विपक्षियों से अनुप्रेरित बिल्कुल नहीं होगी। ...
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने नरमी के संकेत दिए हैं. ऐसे में अब भी व्लादिमीर पुतिन अपनी जिद पर डटे रहते हैं तो अनेक तटस्थतावादी देशों और बुद्धिजीवियों के बीच उनकी छवि विकृत होती चली जाएगी. ...
विधानसभा चुनाव के बाद इस बार पांच राज्यों में से चार में भाजपा के आने की संभावनाएं एग्जिट पोल में बताई जा रही हैं. उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में भाजपा की सरकार आ सकती है. ...
यूक्रेन की स्थिति रूस के खिलाफ युद्ध में लगातार कमजोर पड़ती जा रही है. न ही नाटो देश मदद के लिए आए और न ही यूरोपीय संघ की सदस्यता के लिए भेजी गई यूक्रेन की औपचारिक अर्जी पर कोई जवाब आया है. ...
यहां आश्चर्य की बात यही है कि इस मतदान में चीन, भारत और पाकिस्तान तीनों ने अपना वोट नहीं दिया। तीनों ने परिवर्जन (एब्सटैन) किया। यानी तीनों राष्ट्र अपने-अपने राष्ट्रहित की सुरक्षा में लगे हुए हैं... ...
भारत की तटस्थता उसे सर्वश्रेष्ठ मध्यस्थ बनने की योग्यता प्रदान करता है. वह रूस और अमेरिका, दोनों को अब भी समझा सकता है कि वे इस युद्ध को बंद करवाएं. ...