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चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का आदेश, हमेशा युद्ध के लिए तैयार रहे सेना, जानें क्या है ड्रैगन का नया रक्षा कानून

By अनुराग आनंद | Updated: January 6, 2021 11:15 IST

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग केंद्रीय सैन्य आयोग (CMC) के अलावा चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) के प्रमुख भी हैं। उन्होंने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सेना के संयुक्त अभियानों के लिए प्रशिक्षण और अभ्यास को तेज करने पर जोर दिया है।

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ठळक मुद्देचीन के राष्ट्रपति ने सेना से कहा है कि पीएलए को नए उपकरणों, नई ताकतों को और अधिक बढ़ाना चाहिए। शी जिनपिंग ने कहा कि कम्युनिस्ट पार्टी की 100वीं सालगिरह का जश्न मनाने के लिहाज से नई उपलब्धियां हासिल करनी चाहिए।शी जिनपिंग ने कहा कि देश की ओर से दिए गए मिशन को पूरा करने के लिए अपनी क्षमताओं को सुधारना चाहिए।

 नई दिल्ली: चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग इस समय वहां के सेना पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के भी सर्वोसर्वा हैं। ऐसे में एक तरह से सेना पर उनका काफी अधिक नियंत्रण है। उन्होंने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सेना को तुरंत कार्रवाई के लिए तैयार रहने के लिए कहा है।

2012 में कमांडर-इन-चीफ बनने के बाद व सेना के सर्वोच्च ताकत को अपने हाथ में आने के बाद से ही उन्होंने कई सारे मौकों पर पीएलए के अधिकारियों के संबोधित करते हुए सेना के लड़ाकू तत्परता को बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण के महत्व पर जोर दिया।

शी चिनपिंग ने पीएलए को किसी भी समय युद्ध के लिए तैयार रहने के लिए कहा-

हांगकांग स्थित साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के अनुसार, शी जिनपिंग ने पीएलए को किसी भी समय युद्ध के लिए तैयार रहने के लिए कहा है। चीनी राष्ट्रपति के हवाले से रिपोर्ट में इस बात का जिक्र है कि चीन के राष्ट्रपति ने अपने सेना से कहा है कि पीएलए को नए उपकरणों, नई ताकतों को और अधिक बढ़ाना चाहिए। 

यही नहीं उन्होंने कहा कि आदेश मिलने पर सेकेंड भर की देरी में सेना को युद्ध के मोर्चे पर जाने के लिए तैयार रहना चाहिए। शी के इस भाषण से दुनिया भर के देशों के बीच एक साफ संकेत गया है। चीन महामारी के बाद से अपनी ताकत को हर तरह से बढ़ा रहा है। 

संशोधित रक्षा कानून से सशस्त्र बलों की शक्तियों का विस्तार होगा- 

बता दें कि चीन के 67 वर्षीय नेता चिनपिंग ने यह टिप्पणी नव संशोधित रक्षा कानून में सशस्त्र बलों की शक्तियों का विस्तार किए जाने के बाद कही है। 2021 (इस साल) से ही इस कानून को लागू किया गया है। 

दरअसल, 26 दिसंबर, 2020 को, चीन के संसद में 13वीं नेशनल पीपुल्स कांग्रेस की स्थायी समिति ने एक संशोधित राष्ट्रीय रक्षा कानून पर मुहर लगाई, सेना की ताकत को बढ़ावा देने वाला यह कानून 1 जनवरी, 2021 से लागू हो गया है। भारत समेत कई देशों से सीमा पर जारी विवाद के बीच सेना से जुड़े इस नए कानून को बनाकर चीन ने कई संकेत दिए हैं। 

जानें चीनी सेना के इस नए कानून की विशेषता क्या है?

चीन में लागू नया रक्षा कानून देश और विदेश में देश के हितों को सुरक्षित रखने के लिए बनाया गया है। इससे जिनपिंग के नेतृत्व वाली सेना की शक्तियों को और बढ़ा दिया गया है। संशोधित कानून में खासतौर से नेशनल लेवल पर एक को-ऑर्डिनेशन मैकेनिज्म बनाने पर जोर देता है।

इसमें सरकारी और प्राइवेट सेक्टर को नई डिफेंस टेक्नोलॉजी के लिए रिसर्च में शामिल होने की भी बात है। इसमें पारंपरिक हथियारों के साथ साइबर सिक्योरिटी, स्पेस और इलेक्ट्रो-मैग्नेटिक्स सेक्टर शामिल है।

टॅग्स :चीनशी जिनपिंग
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