लाइव न्यूज़ :

बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन के बाद समूचे इराक में मतदान सम्पन्न

By भाषा | Updated: October 10, 2021 22:21 IST

Open in App

बगदाद, 10 अक्टूबर (एपी) इराक में रविवार शाम संसदीय चुनावों के लिए मतदान सम्पन्न हो गया। इराक में यह चुनाव तय समय से कुछ महीने पहले हुए हैं जबकि देश में कई युवा कार्यकताओं ने चुनाव का बहिष्कार किया जो दो वर्ष पहले देश में भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन की समाप्ति की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे थे।

चुनाव अगले साल होने वाला था, लेकिन विरोध-प्रदर्शनों के चलते यह तय समय से पहले हुआ। वर्ष 2019 के अंत में भ्रष्टाचार, खराब सेवा और बढ़ती बेरोजगारी के विरोध में हजारों की तादाद में लोग राजधानी बगदाद और दक्षिणी प्रांतों में सड़कों पर उतरे थे। कुछ महीने चले प्रदर्शन के दौरान 600 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी और हजारों लोग घायल हुए थे।

वर्ष 2019 के अंत में विरोध में सड़कों पर उतरे कई युवा कार्यकर्ताओं ने चुनाव का बहिष्कार किया। चुनाव में बेहद कम मतदान प्रतिशत की खबरें हैं। हजारों की तादाद में लोगों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया जिन्हें रोकने के लिए सुरक्षा बलों ने गोलियां चलायीं और आंसू गैस के गोले छोड़े।

अधिकारियों ने हालांकि जल्द चुनाव कराने की बात की लेकिन प्रदर्शन के दौरान लोगों की मौत होने और दमनकारी कार्रवाई को लेकर उन युवा कार्यकर्ताओं ने चुनाव के बहिष्कार का आह्वान किया जिन्होंने इन प्रदर्शनों में हिस्सा लिया था।

इराक के चुनाव का अवलोकन कर रही एक स्वतंत्र संस्था के अनुसार अगले 48 घंटे में चुनाव परिणाम आने का अनुमान है। सरकार के गठन के साथ प्रधानमंत्री को चुनने के लिए बातचीत महीनों तक चलने की उम्मीद है। मतदान रविवार सुबह शुरू हुआ था।

अपहरण और श्रृंखलाबद्ध हत्याओं में 35 से अधिक लोगों के मारे जाने के चलते कई लोग चुनाव में हिस्सा लेने से हतोत्साहित हुए।

कार डीलर आमिर फदेल ने बगदाद के कर्रदाह जिले में अपना मत डालने के बाद कहा, ‘‘मैंने वोट दिया क्योंकि बदलाव की जरूरत है। मैं नहीं चाहता कि वही पुराने चेहरे और वही पार्टियां वापस आएं।’’

इस बार के चुनाव में 329 सीटों पर कुल 3449 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। इराक में 2003 में अमेरिका के नेतृत्व में सद्दाम हुसैन को सत्ता से बेदखल करने के बाद छठी बार चुनाव हुए हैं।

देश भर में सुरक्षित मतदान के लिए 2,50,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनात की गई थी। सेना के जवानों, पुलिसकर्मियों और आतंकवाद रोधी बलों की मदद ली गई और उन्हें मतदान केंद्रों के बाहर तैनात किया गया।

इराक के राष्ट्रपति बरहम सालिह और प्रधानमंत्री मुस्तफा अल-कदीमी ने लोगों से मतदान करने का अनुरोध किया था। वर्ष 2018 के चुनाव में महज 44 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था।

अल कदीमी ने बगदाद में उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में एक स्कूल में बने मतदान केंद्र में अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने के बाद कहा, ‘‘जो लोग मतदान से झिझक रहे हैं, ईश्वर पर भरोसा रखें और उन्हें चुनें जिन्हें आप उपयुक्त समझते हैं।’’

इराक के शीर्ष शिया धर्मगुरु अयातुल्ला अली अलसिस्तानी ने लोगों से भारी संख्या में मतदान में हिस्सा लेने की अपील की है।

सद्दाम हुसैन के सत्ता से हटने के बाद यह पहली बार है जब चुनाव बिना कर्फ्यू के हुए हैं। चुनाव के मद्देनजर इराक ने शनिवार रात से सोमवार सुबह तक अपनी हवाई और जमीनी समीओं को बंद कर दिया है। इराक निर्वाचन आयोग के प्रमुख ने कहा है कि 24 घंटे के भीतर शुरुआती नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

पूजा पाठPanchang 07 April 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

पूजा पाठRashifal 07 April 2026: आज नौकरी में तरक्की, धन-संपत्ति में बढ़ोतरी के शुभ योग

स्वास्थ्यविश्व स्वास्थ्य दिवसः वैज्ञानिक सोच से बदलेगी सेहत की तस्वीर

विश्वयदि ईरान पर जमीनी हमला हुआ तो...

ज़रा हटकेVIDEO: पूजा करने गया था श्रद्धालु, मंदिर में ही हो गई पिटाई – CCTV फुटेज वायरल

विश्व अधिक खबरें

विश्वखुफिया प्रमुख मेजर जनरल माजिद खादेमी की मौत, इजराइल-अमेरिका ने ईरान किया हमला, 25 मरे?, जवाब में ईरान ने पड़ोसी खाड़ी देशों पर मिसाइलें दागीं

विश्वअफगानिस्तान में भारी बारिश, 77 लोगों की मौत, 137 लोग घायल और हजारों लोग विस्थापित, वीडियो

विश्वसमय तेजी से बीत रहा और 48 घंटे बाद उन पर कहर टूट पड़ेगा?, ट्रंप ने कहा- होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोले तो?

विश्व5 दिन और न्यायिक हिरासत में रहेंगे पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक

विश्वUS-Israel-Iran War: ट्रंप का दावा- "तेहरान हमले में ईरानी सैन्य नेता ढेर", IDF ने हिज्बुल्लाह और ईरान के 200 से ज्यादा ठिकानों को बनाया निशाना