ईरान के खार्ग द्वीप पूरी तरह नष्ट?, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- 14 दिन बाद पश्चिम एशिया में 2500 और मरीन और 1 युद्धपोत भेजा
By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: March 14, 2026 16:41 IST2026-03-14T16:40:08+5:302026-03-14T16:41:01+5:30
US-Israel-Iran War News Updates: ईरानी संसद के अध्यक्ष ने कहा था कि यदि ऐसा हमला किया गया तो ईरान की ओर से और भी बड़े स्तर की जवाबी कार्रवाई की जाएगी।

file photo
दुबई: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ने ईरान के तेल नेटवर्क के लिए महत्वपूर्ण एक द्वीप पर स्थित सैन्य ठिकानों को शुक्रवार को नष्ट कर दिया और चेतावनी दी कि अगर ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों के आवागमन में हस्तक्षेप करना जारी रखता है तो इसके बाद उसकी तेल अवसंरचना को निशाना बनाया जाएगा। ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना ने शुक्रवार को ईरान के खार्ग द्वीप पर स्थित ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया। खार्ग द्वीप पर ईरान के तेल निर्यात का मुख्य टर्मिनल स्थित है।
ईरानी संसद के अध्यक्ष ने कहा था कि यदि ऐसा हमला किया गया तो ईरान की ओर से और भी बड़े स्तर की जवाबी कार्रवाई की जाएगी। इस बीच एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि ईरान के साथ युद्ध के लगभग दो सप्ताह बाद पश्चिम एशिया में 2,500 और मरीन एवं एक युद्धपोत भेजा जा रहा है।
ईरान इजराइल और पड़ोसी खाड़ी देशों को निशाना बनाकर आक्रामक मिसाइल और ड्रोन हमले जारी रखे हुए है। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को प्रभावी रूप से बंद कर दिया है जिससे दुनिया के तेल व्यापार का पांचवां हिस्सा गुजरता है। वहीं, अमेरिकी और इजराइली युद्धक विमान समूचे ईरान में सैन्य और अन्य लक्ष्यों पर बमबारी कर रहे हैं।
लेबनान में मानवीय संकट और गहरा गया है। लेबनान में हमले में लगभग 800 लोग मारे गए हैं और 850,000 लोग विस्थापित हुए हैं क्योंकि इजराइल ने ईरान समर्थित हिजबुल्ला चरमपंथियों के खिलाफ हमले शुरू किए हैं और चेतावनी दी है कि कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि फारस की खाड़ी में स्थित ईरान के खार्ग द्वीप पर अमेरिकी हमले में सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया, लेकिन फिलहाल उसके तेल बुनियादी ढांचे को नुकसान नहीं पहुंचाया गया है। लेकिन ट्रंप चेतावनी दी कि अगर ईरान या कोई और होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों के आवागमन में बाधा डालता है,
तो वह तेल बुनियादी ढांचे को नष्ट न करने के अपने फैसले पर पुनर्विचार करेंगे। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर कलीबाफ ने बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में चेतावनी दी कि ईरान की दक्षिणी समुद्री सीमा पर स्थित द्वीपों पर अगर हमले हुए तो ईरान ‘‘संयम नहीं बरतेगा’’। उन्होंने इस बात का जिक्र किया कि ये द्वीप देश की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के लिए कितने महत्वपूर्ण हैं।
शनिवार को, ईरान के संयुक्त सैन्य कमान ने अपनी इस धमकी को दोहराया कि यदि इस्लामी गणराज्य पर हमला हुआ तो वह क्षेत्र में अमेरिका से जुड़े तेल और ऊर्जा संयंत्रों पर हमला करेगा। खातम अल-अनबिया केंद्रीय मुख्यालय के प्रवक्ता इब्राहिम जोल्फागरी ने चेतावनी दी कि वे ‘‘क्षेत्र भर में उन सभी तेल, आर्थिक और ऊर्जा अवसंरचनाओं को निशाना बनाएंगे।
जो अमेरिकी हिस्सेदारी वाली या अमेरिका के साथ सहयोग करने वाली तेल कंपनियों से संबंधित हैं।’’ ईरान की अर्द्धसरकारी ‘फार्स’ समाचार एजेंसी ने शनिवार को कहा कि अमेरिकी हमलों से द्वीप पर तेल अवसंरचना को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। समाचार एजेंसी ने बताया कि हमलों के बाद कम से कम 15 विस्फोट हुए, जिनमें एक वायु रक्षा केंद्र, एक नौसैनिक अड्डा, हवाई अड्डे का नियंत्रण टावर और एक अपतटीय तेल कंपनी का हेलीकॉप्टर हैंगर शामिल था। ईरान की राजधानी में शुक्रवार को एक भीषण विस्फोट हुआ जिससे शहर के केंद्रीय चौक को हिला कर रख दिया।
विस्फोट के दौरान वहां हजारों लोग फलस्तीनियों के समर्थन में और इजराइल के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग को लेकर सरकार द्वारा आयोजित वार्षिक रैली में एकत्रित हुए थे। इजराइल ने चेतावनी दी थी कि वह मध्य तेहरान के इस इलाके को निशाना बनाएगा। विस्फोट में किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। हालांकि बाद में कुछ वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों की मौजूदगी में प्रदर्शन को जारी रखने का निर्णय लिया गया। ईरान ने इजराइल और पड़ोसी खाड़ी देशों पर व्यापक मिसाइल और ड्रोन हमले जारी रखे हैं और होर्मुज जलडमरूमध्य को बाधित कर दिया है।
‘फॉक्स न्यूज’ को दिए एक साक्षात्कार में ट्रंप ने ईरान सरकार को गिराए जाने के सवाल पर संयमित रुख अपनाते हुए कहा, ‘‘मुझे लगता है कि जिन लोगों के पास हथियार नहीं हैं, उनके लिए यह एक बड़ी चुनौती है।’’ उन्होंने ईरान के अर्द्धसैनिक बल बासिज का उदाहरण दिया जिसने हाल में हुए देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों को कुचलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।