लाइव न्यूज़ :

बच्चों के लिए दो कोविड-19 टीके परीक्षण के शुरुआती चरण में दिखे कारगर : अध्ययन

By भाषा | Updated: June 16, 2021 18:21 IST

Open in App

न्यूयॉर्क, 16 जून मॉडर्ना का कोविड-19 टीका और प्रोटीन आधारित एक अन्य प्रायोगिक टीका बंदर की एक प्रजाति रीसस मैकाक के बच्चों पर किए गए शुरुआती परीक्षण में सुरक्षित और सार्स-कोव-2 वायरस से लड़ने में कारगर एंटीबॉडी उत्पन्न करने वाले साबित हुए हैं।

जर्नल ‘‘साइंस इम्यूनोलॉजी’’ में मंगलवार को प्रकाशित अनुसंधान संकेत करता है कि बच्चों के लिए टीका महामारी की विभीषिका को कम करने में कारगर हथियार साबित हो सकता है।

अमेरिका स्थित न्यूयॉर्क-प्रेस्बाइटेरियन कॉमनस्काई चिल्ड्रेन हॉस्पिटल की सेली पर्मर ने कहा, ‘‘ कम उम्र के बच्चों के लिए सुरक्षित और प्रभावी टीके से कोविड-19 के प्रसार को सीमित करने में मदद मिलेगी क्योंकि हम जानते हैं कि, भले ही बच्चे सार्स-कोव-2 के संक्रमण से बीमार हों या बिना लक्षण वाले हों, वे इसका प्रसार कर सकते हैं।’’

पर्मर ने कहा, ‘‘ इससे भी बड़ी बात है कि कई बच्चे बीमार हुए और यहां तक कि संक्रमण की वजह से कई की मौत तक हो गई। संक्रमण को रोकने के लिए लगाई गई पाबंदियों से बच्चों पर कई और नकारात्मक असर पड़े। इसलिए बच्चे कोविड-19 से बचाए जाने के लिए टीके के हकदार हैं।’’

शोधपत्र के मुताबिक, रीसस मैकाक प्रजाति के 16 नन्हें बंदरों में टीके की वजह से वायरस से लड़ने की क्षमता 22 हफ्तों तक बनी रही। अनुसंधानकर्ता इस साल टीके से लंबे समय तक संभावित सुरक्षा कवच उत्पन्न करने के लिए चुनौती पूर्ण अध्ययन कर रहे हैं।

अमेरिका स्थित नॉर्थ कैरोलिना विश्वविद्यालय में प्रोफेसर क्रिस्टीना डी पेरिस ने कहा, ‘‘हम संभावित एंटीबॉडी का स्तर वयस्क मैकाक से तुलना कर देख रहे हैं, हालांकि, मैकाक के बच्चों को महज 30 माइक्रोग्राम टीके की खुराक दी गई जबकि वयस्कों के लिए यह मात्रा 100 माइक्रोग्राम थी।’’

डी पेरिस ने कहा, ‘‘मॉडर्ना के टीके में हमने मजबूत ‘टी’ कोशिका की प्रतिक्रिया देखी, जिसके बारे में हम जानते हैं कि बीमारी की गंभीरता को सीमित करने में यह अहम है।’’

अनुसंधानकर्ताओं ने इस अध्ययन के तहत लगभग दो महीने की उम्र के, मैकाक के 16 बच्चों को आठ-आठ के दो समूहों में बांटकर उनका टीकाकरण किया और इसके चार हफ्ते बाद पुन: टीका लगाया।

उन्होंने बताया कि प्रत्येक जानवर को मॉडर्ना एमआरएनए आधारित टीके का प्रीक्लीनिक प्रकार दिया गया या अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी ऐंड इन्फेक्शियस डीज़ीज़ (एनआईएआईएडी) द्वारा विकसित प्रोटीन आधारित टीका दिया गया।

एमआरएनए आधारित टीका शरीर को वायरस की सतह का प्रोटीन पैदा करने का निर्देश देता है जिसे स्पाइक प्रोटीन भी कहते हैं। इससे मानव प्रतिरक्षण कोशिकाएं इन प्रोटीन की पहचान करती हैं और एंटीबॉडी पैदा करने के साथ प्रतिरक्षण के लिए अन्य उपाय करती है।

एनआईएआईडी का टीका वास्तव में स्पाइक प्रोटीन है जिसकी पहचान प्रतिरक्षण प्रणाली उसी प्रकार करती है।

अनुसंधानकर्ताओं का दावा है कि दोनों ही टीकों के बाद नन्हें बंदरों में एंटीबॉडी विकसित हुईं और स्पाइक प्रोटीन विशिष्ट टी कोशिकाओं की उल्लेखनीय प्रतिक्रिया सामने आई।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

भारतअसम की जनता ने इस बार दो काम पक्के किए?, पीएम मोदी बोले- एनडीए की हैट्रिक और कांग्रेस के शाही परिवार के नामदार की हार की सेंचुरी का रिकॉर्ड?

क्राइम अलर्टबास्केटबॉल हुप पर पुल-अप्स कर रहे थे समुद्री इंजीनियरिंग संस्थान में 20 वर्षीय कैडेट विशाल वर्मा?, बैकबोर्ड गिरने से मौत

भारतपाकिस्तानी सोशल मीडिया की झूठी जानकारी का इस्तेमाल कर पत्नी पर आरोप, सीएम सरमा ने कहा-फर्जी डॉक्यूमेंट्स के साथ जनता के सामने बात?

क्राइम अलर्ट27 करोड़ रुपये से अधिक की जीएसटी धोखाधड़ी, मेरठ और बहराइच में एक्शन, वसीम अकरम, शुभम गुप्ता और नेक आलम अरेस्ट

कारोबारपश्चिम एशिया युद्ध के बीच जमकर गाड़ी खरीद कर लोग?, 2025-26 में 13.3 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 2,96,71,064?, जानिए दोपहिया वाहनों की संख्या

विश्व अधिक खबरें

विश्वअफगानिस्तान में भारी बारिश, 77 लोगों की मौत, 137 लोग घायल और हजारों लोग विस्थापित, वीडियो

विश्वसमय तेजी से बीत रहा और 48 घंटे बाद उन पर कहर टूट पड़ेगा?, ट्रंप ने कहा- होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोले तो?

विश्व5 दिन और न्यायिक हिरासत में रहेंगे पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक

विश्वUS-Israel-Iran War: ट्रंप का दावा- "तेहरान हमले में ईरानी सैन्य नेता ढेर", IDF ने हिज्बुल्लाह और ईरान के 200 से ज्यादा ठिकानों को बनाया निशाना

विश्ववैज्ञानिकों ने हमारे सौरमंडल के बाहर 45 पृथ्वी जैसे ग्रहों को खोज निकाला