वैश्वीकरण पर ट्रंप का हमला, ‘‘भविष्य वैश्वीकरण मानने वालों का नहीं, भविष्य देशभक्तों का है"

By भाषा | Updated: September 25, 2019 06:10 IST2019-09-25T06:10:30+5:302019-09-25T06:10:30+5:30

एक तरफ ट्रंप ने वैश्विक मंच संभाला तो दूसरी तरफ वाशिंगटन में डेमोक्रेट राष्ट्रपति पर महाभियोग चलाने के प्रयास में जुटे रहे। ऐसा इस खुलासे के बाद किया जा रहा है कि ट्रंप ने यूक्रेन से कहा था कि अमेरिका उसकी मदद केवल तभी करेगा जब वह उनके (ट्रम्प) राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी जो बाइडेन के परिवार के खिलाफ जांच करेगा। 

trump attacks globalism while putting pressure on iran | वैश्वीकरण पर ट्रंप का हमला, ‘‘भविष्य वैश्वीकरण मानने वालों का नहीं, भविष्य देशभक्तों का है"

फाइल फोटो

Highlightsअमेरिका के हितों पर ध्यान केंद्रित करते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान की धमकियों से देश की सुरक्षा खतरे में है। उन्होंने तेहरान को पश्चिम एशिया में अमेरिकी सहयोगियों के प्रति आक्रामकता बंद करने को कहा।

अमेरिकी राष्ट्रपति पर महाभियोग चलाये जाने की डेमोक्रेटों की बढ़ती मांगों के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रवाद तथा अमेरिकी संप्रभुता का जोरदार बचाव किया, वहीं ईरान की बढ़ती आक्रामकता पर प्रतिक्रिया के लिए कई देशों का समर्थन जुटाने का प्रयास भी किया। 

राष्ट्रपति ने दुनिया के विभिन्न देशों के नेताओं से अनुरोध किया कि वे अपने देशों की प्राथमिकताएं तय करें जिनकी मजबूत सीमाएं और आपसी व्यापारिक समझौते हों। उन्होंने अनेक देशों के विस्तार लेते संगठनों और गठबंधनों से इत्तेफाक नहीं जताया। 

ट्रंप ने महासभा में कहा, ‘‘भविष्य वैश्वीकरण मानने वालों का नहीं है। भविष्य देशभक्तों का है। भविष्य मजबूत, स्वतंत्र राष्ट्रों का है।’’ उन्होंने कहा कि वैश्वीकरण की भावना के कारण पहले के नेताओं ने खुद के राष्ट्रीय हितों की अनदेखी की। लेकिन अब वो दिन लद गये। 

अमेरिका के हितों पर ध्यान केंद्रित करते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान की धमकियों से देश की सुरक्षा खतरे में है। उन्होंने तेहरान को पश्चिम एशिया में अमेरिकी सहयोगियों के प्रति आक्रामकता बंद करने को कहा। ट्रंप ने आगाह किया, ‘‘जब तक ईरान का धमकाने वाला बर्ताव जारी रहता है, पाबंदियां हटाई नहीं जाएंगी। उन्हें सख्त किया जाएगा।’’ 

उन्होंने कहा, ‘‘अमेरिका अन्य किसी देश से विवाद नहीं चाहता। हम सभी के साथ शांति, सहयोग और परस्पर लाभ चाहते हैं। लेकिन मैं कभी अमेरिका के हितों के संरक्षण में विफल नहीं रहूंगा।’’ न्यूयॉर्क में ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी से मुलाकात की अटकलों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक कूटनीतिक सफलता की संभावना जताते हुए कहा, ‘‘अमेरिका कभी स्थाई दुश्मन होने की बात नहीं मानता। हम साझेदार चाहते हैं, शत्रु नहीं।’’ 

एक तरफ ट्रंप ने वैश्विक मंच संभाला तो दूसरी तरफ वाशिंगटन में डेमोक्रेट राष्ट्रपति पर महाभियोग चलाने के प्रयास में जुटे रहे। ऐसा इस खुलासे के बाद किया जा रहा है कि ट्रंप ने यूक्रेन से कहा था कि अमेरिका उसकी मदद केवल तभी करेगा जब वह उनके (ट्रम्प) राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी जो बाइडेन के परिवार के खिलाफ जांच करेगा। 

उन्होंने पूर्वी यूरोपीय देश के नेता से फोन पर बातचीत कर इस तरह का दबाव बनाया और इससे कुछ दिन पहले ही अपने स्टाफ से यूक्रेन की करीब 40 करोड़ डॉलर की सहायता रोकने को कहा था। ट्रंप चाहते हैं कि उनके सहयोगी ईरान को अलग-थलग करने में अमेरिका का साथ दें, वहीं वह तेहरान पर दबाव बनाने के लिए एकपक्षीय तरीके से आर्थिक पाबंदियों का इस्तेमाल करने की रणनीति पर भी कायम रहना चाहते हैं ताकि ईरान परमाणु कार्यक्रम छोड़ दे और पश्चिम एशिया में हमले बंद कर दे। 

भाषण के शुरूआत में ट्रंप ने सऊदी अरब में हाल ही में तेल संयंत्रों पर हमलों के लिए साफतौर पर ईरान को जिम्मेदार नहीं ठहराया। ईरान ने हमलों को अंजाम देने की बात से इनकार किया है, वहीं विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने इसे युद्ध के कृत्य के तौर पर पेश किया है। हमलों के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराने के मामले में सोमवार को ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने अमेरिका का साथ दिया। हालांकि ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जावेद जरीफ ने यमन के विद्रोहियों के जिम्मेदारी कबूल करने के दावों की ओर इशारा किया। 

ईरान ने कहा, ‘‘अगर हमले के पीछे ईरान होता तो इस रिफाइनरी में कुछ भी नहीं बचता।’’ ट्रंप ने वेनेजुएला में बने हुए गतिरोध के हालात पर भी बात की। उन्होंने वहां दमनकारी शासन की निंदा की तथा संकल्प व्यक्त किया कि अमेरिका कभी ‘‘समाजवादी देश नहीं बनेगा’’। 

अमेरिका और एक दर्जन से अधिक लैटिन अमेरिकी देशों ने सोमवार को इस बात पर सहमति जताई थी कि निकोलस माडुरो की अगुवाई वाली वेनेजुएलाई सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और सहयोगियों के खिलाफ जांच की जाए और उन्हें गिरफ्तार किया जाए जिन पर मादक पदार्थों की तस्करी, धन शोधन और वित्तीय आतंकवाद जैसे अपराधों के संदेह हैं। ट्रंप ने उत्तर कोरियाई नेता किम जांग उन के साथ अपने कूटनीतिक प्रयासों की सराहना की। जबकि किम ने अपने परमाणु हथियारों पर कड़ी पकड़ बनाकर रखी है। 

ट्रंप ने सिंगापुर और हनोई में किम जांग उन से मुलाकात की थी। ट्रंप ने सोमवार को कहा कि उत्तर कोरियाई नेता के साथ एक और मुलाकात हो सकती है। यह यूएनजीए में ट्रंप का तीसरा भाषण था। अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि वह ब्रिटेन के साथ एक बड़ा व्यापार समझौता करना चाहते हैं जो यूरोपीय संघ से निकलने की तैयारी कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘हम इसके लिए प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के साथ करीब से काम कर रहे हैं।’’

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