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एससीओ के शासनाध्यक्षों की बैठक में कई ‘सकारात्मक संकेत’ मिले हैं: चीन

By भाषा | Updated: December 1, 2020 18:49 IST

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(के जे एम वर्मा)

बीजिंग, एक दिसम्बर चीन ने मंगलवार को कहा कि भारत की मेजबानी में हुई शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शासनाध्यक्षों की परिषद की ऑनलाइन बैठक में कई मुद्दों पर नेताओं के साथ आम सहमति तक पहुंचने के ‘‘कई सकारात्मक संकेत’’ मिले हैं।

चीनी प्रधानमंत्री ली क्विंग ने सोमवार को आठ सदस्यीय एससीओ की बैठक में हिस्सा लिया था। इस बैठक को भारत के उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने संबोधित किया था।

चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग से यहां संवाददाता सम्मेलन में पूछा गया कि चीन एससीओ के शासनाध्यक्षों की परिषद की बैठक के परिणामों को कैसे देखता है तो उन्होंने कहा कि बैठक हाल ही में संपन्न एससीओ शिखर सम्मेलन में लिये गये फैसलों को लागू करने और कोविड-19 का मुकाबला करने, व्यापार, निवेश तथा संस्कृति जैसे क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाने के उपायों पर चर्चा करने के बारे में थी।

हाल में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एससीओ काउंसिल ऑफ हेड्स ऑफ स्टेट्स (एससीओ-सीएचएस) की बैठक में हिस्सा लिया था। रूस ने ऑनलाइन तरीके से इस बैठक का आयोजन किया था।

हुआ ने सोमवार की बैठक के बारे में कहा, ‘‘कई सहमति हुई है। नेताओं ने एक संयुक्त विज्ञप्ति भी जारी की, जिसमें कई क्षेत्रों में सहयेाग की पुष्टि की गई। कई सकारात्मक संकेत हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘वे आर्थिक सुधार को बढ़ावा देने के उपायों को करने में विश्वास करते हैं। चीन का कहना है कि हमें अपने सहयोग के एजेंडे को आगे बढ़ाने, एक सुरक्षित और स्थिर विकास वातावरण बनाने और एकीकृत विकास के वास्ते आधार को मजबूत करने और नवाचार से प्रेरित विकास को बढ़ावा देने की आवश्यकता है।’’

बैठक में अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ली क्विंग ने विकास के लिए सुरक्षित एवं स्थिर वातावरण को बढ़ावा देने की खातिर एससीओ के सदस्य देशों से आतंकवाद के खिलाफ समन्वय को और मजबूत किए जाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा, ''क्षेत्र में अनिश्चितता और अस्थिरता के बढ़ रहे कारकों के चलते, हमें क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को बनाए रखने के लिए मिलकर काम करने की जरूरत है।''

ली ने कहा, ''महामारी का फायदा उठाने वाली आतंकी, अलगाववादी और उग्रवादी ताकतों से निपटने के लिए संयुक्त आतंकवाद-रोधी अभ्यासों को जारी रखना चाहिए।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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