लाइव न्यूज़ :

ब्रिटेन में कोविड-19 के उपचार के लिए दुनिया की पहली गोली के उपयोग को स्वीकृति मिली

By भाषा | Updated: November 4, 2021 19:04 IST

Open in App

(अदिति खन्ना)

लंदन, चार नवंबर ब्रिटेन के स्वास्थ्य नियामक ने बृहस्पतिवार को कोविड-19 के सफल उपचार में मददगार मानी जा रही विश्व की पहली एंटीवायरल गोली के उपयोग को मंजूरी दी है।

यह उन लोगों के लिए ‘परिवर्तनकारी’ मानी जा रही है जिन्हें इस खतरनाक वायरस से सबसे ज्यादा जोखिम है।

ब्रिटेन की औषधि एवं स्वास्थ्य सेवा उत्पाद नियामक एजेंसी (एमएचआरए) ने कहा कि यह एंटीवायरल गोली ‘लैगेवरियो’ (मोल्नुपिराविर) को सुरक्षित और असरदार पाया गया है तथा इसके उपयोग से उन लोगों के अस्पताल में भर्ती होने या मौत होने का खतरा कम हो जाता जिनमें कोविड-19 के बहुत कम से लेकर हल्के-फुल्के लक्षण है, लेकिन बीमारी के गंभीर रूप लेने की आशंका है।

मोल्नुपिराविर को बुनियादी रूप से फ्लू के उपचार के लिए बनाया गया था। अब कोविड संक्रमित लोगों को दिन में दो बार इसका सेवन करने के लिए कहा जा सकता है।

ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री साजिद जावीद ने कहा, ‘‘यह हमारे देश के लिए ऐतिहासिक दिन है क्योंकि ब्रिटेन दुनिया का पहला देश है जिसने ऐसे एंटीवायरस को मंजूरी दी है जिसे घर पर ही कोविड के उपचार के लिए लिया जा सकता है।’’

उन्होंने जोर देकर कहा, ‘‘यह उन लोगों के लिए परिवर्तनकारी साबित होगी जिनमें इस वायरस के संक्रमण का ज्यादा जोखिम है या फिर जिनके शरीर का प्रतिरक्षातंत्र कमजोर है। ऐसे लोगों को जल्द ही बहुत ही कारगर उपचार मिल सकेगा।’’

जावीद के मुताबिक, ‘‘कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई के लिए यह एंटीवायरल गोली एक अतिरिक्त हथियार होगी और इसके साथ ही यह जरूरी बना हुआ है कि लोग आगे आकर टीका लगवाएं, खासकर वो लोग जो लोग ’बूस्टर डोज’ के पात्र हैं ताकि आने वाले महीनों में ज्यादा से ज्यादा लोग सुरक्षित रह सकें।’’

अट्ठारह साल और इससे अधिक उम्र के कोरोना संक्रमित ऐसे लोगों को इस गोली के उपयोग करने की मंजूरी दी गई है जिनमें कम से कम एक ऐसा कोई कारक नजर आ रहा है जिससे स्थिति गंभीर हो सकती है। 60 से अधिक आयु वाले, मधुमेह और हृदय रोग से पीड़ित लोगों के लिए कोविड को ज्यादा खतरनाक माना जाता है।

यह एंटीवायरल गोली कोरोना के लक्षणों को कम कर देती है और तेजी से स्वस्थ होने में मदद करती है। अस्पतालों पर बोझ कम करने तथा गरीब देशों में संक्रमण पर अंकुश लगाने में यह मददगार हो सकती है।

अमेरिका, यूरोप और कुछ अन्य देशों में संबंधित नियामक इस दवा की समीक्षा कर रहे हैं। अमेरिका के खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने पिछले महीने कहा था कि वह इस गोली की सुरक्षा और असर के बारे में पता करने के लिए नवंबर के आखिर में एक पैनल की बैठक बुलाएगा।

औषधि निर्माता कंपनी ‘मर्क और रिजबैक बायोथेरोपैटिक्स’ ने इसे विकसित किया है।

अक्टूबर में ब्रिटिश अधिकारियों ने घोषणा की थी कि ‘मोल्नुपिराविर’ की 480,000 खुराक हासिल की है और इन सर्दियों में इनसे हजारो लोगों के उपचार में मदद मिलने की उम्मीद है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

विश्वसमय तेजी से बीत रहा और 48 घंटे बाद उन पर कहर टूट पड़ेगा?, ट्रंप ने कहा- होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोले तो?

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

क्रिकेटबेंगलुरु में छक्कों की बौछार के बीच, टिम डेविड की विस्फोटक पारी से CSK के खिलाफ RCB ने बनाया 250/3 का विशाल स्कोर

विश्व5 दिन और न्यायिक हिरासत में रहेंगे पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक

क्राइम अलर्टपंजाब पुलिस ने सीमा पार से मादक पदार्थ तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया, 2 गिरफ्तार, 4.13 किलोग्राम हेरोइन बरामद

विश्व अधिक खबरें

विश्वUS-Israel-Iran War: ट्रंप का दावा- "तेहरान हमले में ईरानी सैन्य नेता ढेर", IDF ने हिज्बुल्लाह और ईरान के 200 से ज्यादा ठिकानों को बनाया निशाना

विश्ववैज्ञानिकों ने हमारे सौरमंडल के बाहर 45 पृथ्वी जैसे ग्रहों को खोज निकाला

विश्वकर्ज़ में डूबे पाकिस्तान के लिए भारी मुसीबत, यूएई ने इसी महीने 3.5 अरब डॉलर का लोन चुकाने को कहा

विश्वअसल समस्या ट्रम्प हैं या दुनिया का दरोगा बनने की अमेरिकी मनोदशा?

विश्वअबू धाबी में रोकी गई ईरानी मिसाइलों के मलबे की चपेट में आने से घायल 12 लोगों में 5 भारतीय शामिल