लाइव न्यूज़ :

भारतीय चुनाव आयोग की दक्षिण अफ्रीका में वाह वाह, IEC ने कहा- भारत से सबक ले सकते हैं अन्य देश

By भाषा | Updated: December 2, 2021 11:03 IST

दक्षिण अफ्रीका के स्वतंत्र निर्वाचन आयोग ने भारतीय निर्वाचन आयोग की तारीफ की है। दक्षिण अफ्रीका के स्वतंत्र निर्वाचन आयोग के अध्यक्ष ग्लेन मशानिनी ने इसे  ज्ञान, समझ और अनुभव का स्रोत बताया।

Open in App
ठळक मुद्देदक्षिण अफ्रीका के स्वतंत्र निर्वाचन आयोग के अध्यक्ष ग्लेन मशानिनी ने की तारीफ।ग्लेन मशानिनी ने भारत के निर्वाचन आयोग के काम को पूरी दुनिया के लिए उदाहरण बताया।ग्लेन मशानिनी के अनुसार भारत का चुनाव आयोग दुनिया भर के लिए ज्ञान, समझ और अनुभव का स्रोत हो सकता है।

जोहानिसबर्ग: दक्षिण अफ्रीका के स्वतंत्र निर्वाचन आयोग (आईईसी) के अध्यक्ष ग्लेन मशानिनी ने भारत के निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के काम की सराहना की और पूरी दुनिया के लिए इसे एक उदाहरण बताया।

मशानिनी ने मंगलवार को जोहानिसबर्ग में भारतीय महावाणिज्य दूत अंजू रंजन और प्रेटोरिया में उच्चायुक्त जयदीप सरकार के कार्यालयों में आयोजित सम्मेलन को संबोधित किया।

रंजन ने कहा कि ‘स्टोरी ऑफ वर्ल्ड्स लार्जेस्ट डेमोक्रेसीज इलेक्शंस’ शीर्षक से इस कार्यक्रम का आयोजन 26 नवंबर को भारत के संविधान दिवस के अवसर पर आयोजित करने की योजना थी, लेकिन पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण मुख्य वक्ता अनुपलब्ध थे, इसी वजह से कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा।

'भारतीय चुनाव आयोग ज्ञान, समझ और अनुभव का स्रोत'

मशानिनी ने कहा, ‘‘भारत की कहानी न केवल दुनिया के सबसे बड़े चुनावों के बारे में है बल्कि यह एक प्राचीन सभ्यता की कहानी भी है जो साम्राज्यवाद और उपनिवेशवाद से बाधित हो गई थी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ईसीआई चुनावी प्रबंधन निकाय के रूप में दुनिया भर में सेवा कर रही निर्वाचन प्रणालियों के लिए ज्ञान, समझ और अनुभव का स्रोत है।’’

उपनिवेशवाद, नस्लवाद और रंगभेद से लड़ने के लिए लोगों का नेतृत्व करने में महात्मा गांधी और नेल्सन मंडेला की भूमिकाओं पर प्रकाश डालते हुए मशानिनी ने कहा कि दोनों देशों ने आज संवैधानिक लोकतंत्र स्थापित करने के लिए इन कुरीतियों पर विजय प्राप्त की है।

उन्होंने कहा, ‘‘सबसे बड़े, पुराने और मजबूत लोकतंत्रों में से एक, भारत ने रंगभेद को खत्म करने के हमारे संघर्ष और लोकतंत्र को गहरा एवं मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय परियोजना को लेकर जो समर्थन दिया है, उसके लिए दक्षिण अफ्रीका ऋणी है।’’

भारत में चुनाव कराना आसान नहीं फिर भी सफल हुआ आयोग 

भारत निर्वाचन आयोग के महासचिव उमेश सिन्हा ने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत ने किसी भी मतदाता को पीछे नहीं छोड़ने के अपने लक्ष्य को सुनिश्चित करने के लिए चुनाव कैसे आयोजित किए। सिन्हा ने कहा कि कोविड​​​​-19 महामारी ने डाक मतपत्रों को शामिल करने की प्रक्रियाओं की पहली बार समीक्षा के लिए मजबूर किया।

भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुशील चंद्रा ने उदाहरण दिया कि कैसे चुनाव अधिकारियों ने एक दूरदराज के इलाके में, जंगल से गुजरते हुए और पहाड़ी इलाकों में चढ़ाई करके एक मतदाता तक पहुंचने के लिए चार दिनों की यात्रा की और वह हर मतदाता के अधिकार को सुनिश्चित करने के अपने आदर्श वाक्य पर खरा उतरा।

टॅग्स :चुनाव आयोगसाउथ अफ़्रीका
Open in App

संबंधित खबरें

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील

भारतमोथाबाड़ी में न्यायिक अधिकारी को किया अगवा और असली आरोपी फरार?, सीएम ममता बनर्जी ने कहा- निर्दोष लोगों को परेशान कर रही एनआईए

भारतपश्चिम बंगाल चुनावः 4660 अतिरिक्त मतदान केंद्र?, कुल संख्या 85379 और 23 और 29 अप्रैल को 2 चरणों में पड़ेंगे वोट

क्राइम अलर्टमालदा में 7 न्यायिक अधिकारी को बनाया बंधक?, बागडोगरा हवाई अड्डे से मुख्य आरोपी अधिवक्ता मोफक्करुल इस्लाम अरेस्ट, अब तक 35 अरेस्ट, वीडियो

विश्व अधिक खबरें

विश्वअफगानिस्तान में भारी बारिश, 77 लोगों की मौत, 137 लोग घायल और हजारों लोग विस्थापित, वीडियो

विश्वसमय तेजी से बीत रहा और 48 घंटे बाद उन पर कहर टूट पड़ेगा?, ट्रंप ने कहा- होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोले तो?

विश्व5 दिन और न्यायिक हिरासत में रहेंगे पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक

विश्वUS-Israel-Iran War: ट्रंप का दावा- "तेहरान हमले में ईरानी सैन्य नेता ढेर", IDF ने हिज्बुल्लाह और ईरान के 200 से ज्यादा ठिकानों को बनाया निशाना

विश्ववैज्ञानिकों ने हमारे सौरमंडल के बाहर 45 पृथ्वी जैसे ग्रहों को खोज निकाला