लाइव न्यूज़ :

आधुनिक भारत की गाथा कई मायनों में सफल : बराक ओबामा

By भाषा | Updated: November 17, 2020 10:11 IST

Open in App

(ललित के. झा)

वाशिंगटन, 17 नवंबर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा कि राजनीतिक दलों के बीच कटु शत्रुता, विभिन्न सशस्त्र अलगाववादी अभियानों और भ्रष्टाचार से जुड़े कई घोटालों के बावजूद आधुनिक भारत की कहानी को कई मायनों में सफल कहा जा सकता है।

अमेरिका के 44वें राष्ट्रपति रहे ओबामा ने हाल में आई अपनी किताब में कहा है कि 1990 के दशक में भारत की अर्थव्यवस्था और अधिक बाजार आधारित हुई, जिससे भारतीयों का असाधारण उद्यमिता कौशल सामने आया और इससे विकास दर बढ़ी, तकनीकी क्षेत्र फला-फूला और मध्यमवर्ग का धीरे-धीरे विस्तार हुआ।

साथ ही उन्होंने किताब में मनमोहन सिंह के साथ उनकी मुलाकात और अनौपचारिक बातचीत का भी उल्लेख किया है।

किताब ‘ए प्रॉमिस्ड लैंड’ में ओबामा ने 2008 के चुनाव प्रचार अभियान से लेकर पहले कार्यकाल के अंत में एबटाबाद (पाकिस्तान) में अलकायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन को मारने के अभियान तक की अपनी यात्रा का विवरण दिया है।

इस किताब के दो भाग हैं, जिनमें से पहला मंगलवार को दुनियाभर में जारी हुआ।

इसमें ओबामा ने लिखा है, ‘‘कई मायनों में आधुनिक भारत को एक सफल गाथा माना जा सकता है जिसने बार-बार बदलती सरकार के झटकों को झेला, राजनीतिक दलों के बीच कटु मतभेदों, विभिन्न सशस्त्र अलगाववादी अभियानों और भ्रष्टाचार के घोटालों का सामना किया।’’

ओबामा ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन के मुख्य शिल्पकार पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह थे और वह इस प्रगति के उपयुक्त प्रतीक की तरह हैं: एक छोटे से, आमतौर पर सताए जाने वाले धार्मिक अल्पसंख्यक सिख समुदाय के सदस्य जो देश के सर्वोच्च पद पर पहुंचे। एक विनम्र ‘टेक्नोक्रेट’ जिसने जीवन जीने के उच्च मानकों को लाकर और भ्रष्ट नहीं होने की प्रतिष्ठा अर्जित करके जनता का भरोसा जीता।

राष्ट्रपति पद पर रहने के दौरान ओबामा 2010 और 2015 में दो बार भारत आए थे।

नवंबर 2010 के अपने भारत दौरे को याद करते हुए ओबामा ने कहा कि उनके और मनमोहन सिंह के बीच एक गर्मजोशी भरा सकारात्मक बंधन बना था।

ओबामा ने लिखा कि सिंह उस समय भारत की अर्थव्यवस्था, सीमापार आतंकवाद तथा मुस्लिम विरोधी भावनाओं को लेकर चिंतित थे।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

भारतगुजरात की पार्षद ने BJP छोड़ी, कांग्रेस में शामिल हुईं, फिर कुछ ही घंटों में ही कर ली 'घर वापसी'

भारतAssembly Elections 2026: असम में 85.65% में मतदाताओं की भागीदारी, केरल में 78.24%, तो पुडुचेरी में 89.08% रही वोटिंग

भारतअपने जन्मदिन से पहले, अनंत अंबानी ने गुजरात के सालंगपुर मंदिर स्थित गौशाला को दान किए ₹10 करोड़

विश्वईरान ने US के साथ हुए सीज़फ़ायर समझौते के तहत स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ से जहाज़ों के गुज़रने की सीमा रोज़ाना 15 जहाज़ों तक तय की

कारोबारसावधानीपूर्वक निवेश से ठोस संपत्ति की ओर: निश्चित आय वालों का भूखंड की ओर बढ़ता रुझान

विश्व अधिक खबरें

विश्वईरान युद्धविराम में पाकिस्तान की मध्यस्थता की भूमिका पर उठे सवाल, नेताओं को किया गया ट्रोल

विश्वUS-Iran Ceasefire: लेबनान हमले का पलटवार, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर बंद करेगा ईरान! भड़का अमेरिका

विश्वइस युद्धविराम के आखिर मायने क्या हैं...?

विश्वलेबनान में इजरायली हमला, 254 लोगों की मौत और 700 घायल, युद्धविराम के बावजूद अटैक जारी?

विश्वइजरायल ने किया अमेरिका के सीजफायर का समर्थन, मगर हिजबुल्लाह के खिलाफ जंग रहेगी जारी