थाईलैंड की मीडिया पर प्रतिबंध से अभिव्यक्ति की आजादी पर सवाल उठे
By भाषा | Updated: July 30, 2021 17:28 IST2021-07-30T17:28:18+5:302021-07-30T17:28:18+5:30

थाईलैंड की मीडिया पर प्रतिबंध से अभिव्यक्ति की आजादी पर सवाल उठे
बैंकॉक, 30 जुलाई (एपी) थाईलैंड में शुक्रवार को नए नियम लागू हुए जिसमें कोरोना वायरस महामारी से जुड़ी मीडिया की खबरों और सोशल मीडिया पोस्ट पर प्रतिबंध लगाने की सरकार की क्षमता बढ़ाई गई है। इस नियम से इस बात की चिंता उभरी है कि अधिकारी आलोचना को दबाने का प्रयास करेंगे।
प्रधानमंत्री प्रयुत चान ओचा पहले से ही फर्जी सूचनाओं पर कार्रवाई करने के पक्षधर रहे हैं और इसके लिए एक सरकारी विभाग बनाया है। बृहस्पतिवार को घोषित नए नियमों में ‘‘ऐसी खबरों को लेकर लोगों पर मुकदमा चलाने की क्षमता शामिल की गई है जिनसे लोगों में भय फैलता हो।’’
इसमें थाई नियामकों को ऐसी खबर देने वाले व्यक्ति या निकाय के आईपी एड्रेस को बंद करने के लिए इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को बाध्य करने की ताकत दी गई है। इसमें ‘‘उस आईपी एड्रेस की इंटरनेट सेवा तुरंत बंद’’ करने की क्षमता भी दी गई है।
थाईलैंड के छह पत्रकार संगठनों द्वारा प्रयुत को भेजे गए संयुक्त बयान में समूह ने उनसे पाबंदियों को रद्द करने की अपील की है और कहा है कि ये काफी व्यापक हैं और यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है।
उन्होंने लिखा, ‘‘यह खंड कि ‘खबर जिससे लोगों में भय फैले’ से अधिकारी मीडिया एवं जनता के खिलाफ बिना स्पष्ट नियम के कानूनी कार्रवाई कर सकते हैं।’’ उन्होंने जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई करने की भी चेतावनी दी।
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